नीतिवचन 2:16

कि तुझे पराई स्त्री से बचाए, उस अजनबी स्त्री से जो अपने वचन से फुसलाती है; (केजेवी)

परमेश्वर अपने पुत्रों से प्रीति रखता है, और सुलैमान ने अपने पुत्र से प्रेम किया। मनुष्यों को जिस एक सबसे बड़े खतरे का सामना करना पड़ता है वह है व्यभिचार और परस्त्रीगमन, जिस के विषय में नीतिवचन की पुस्तक में बार बार चितौनी दी गई है। परमेश्वर और सुलैमान दोनों ही व्यभिचारी स्त्री के विरोध में, जो इस पाप को मनुष्यों के बीच बढ़ाती हैं, चेतावनी देते हैं (नीति 23:28)। चितौनियों को सीखे।

प्रत्येक पिता और प्रत्येक पुत्र इस चितौनी की ओर ध्यान दे, क्योंकि यहाँ तुम्हारे प्राण की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण चितौनी है। कुलीन मसीही नीतिवचन की बुद्धि और ज्ञान को अपने मन में प्रवेश करने देंगे और वे उनके प्राण को सुखद लगेंगे (नीति 2:10), क्योंकि तब विवेक और समझ उन्हें उस पराई स्त्री से बचा सकती है (नीति 2:11)। इस अधर्म से बचें।

पराई स्त्री क्या है? वह हर एक स्त्री जिससे आप का विवाह नहीं हुआ है, एक पराई स्त्री है, इस कारण उसके साथ किसी भी शरीरभोग का या प्रेम-सम्बन्ध का आपको कोई अधिकार नहीं है। वह आपकी नहीं है। यदि विशेष शब्दों में वर्णन किया जाए, तो एक पराई स्त्री वह व्यभिचारिणी स्त्री होती है जो अपने साथ परस्त्रीगमन करने पुरुषों को फुसलाती है।

बाइबल में हम यिप्तह के विषय में पढ़ते हैं कि उसके भाई उसे एक पराई स्त्री का पुत्र कहकर तुच्छ जानते हैं, क्योंकि उसकी माँ एक वेश्या थी (न्यायियों 11:1-2)। उनकी अपनी माँ ही उनके पिता की पत्नी थी, किन्तु यिप्तह की माँ एक वेश्या थी। इस कारण, यिप्तह एक पूरा, जायज़ पुत्र न होकर एक नाजायज़ पुत्र था।

एक पराई स्त्री इसलिए भी पराई होती है, क्योंकि वह किसी और पुरुष की पत्नी होती है। मसीही लोग इस संसार में पराए हैं, इसलिए क्योंकि यहां उनका निवास नहीं है; उनका निवास स्वर्ग है। एक पराई स्त्री वह बुरी स्त्री होती है जो अपने घर से दूर कही और होती है और जो अपने पति को छोड़ पराए मर्दों को शरीरभोग के लिए फुसलाती है।

इस चितौनी से आपकी मुलाक़ात फिर से होगी, क्योंकि पुरुषों के लिए यह एक बहुत बड़ी बहकाने वाली परीक्षा है, विशेषकर जवानों के लिए (नीति 6:24; 7:5)। इस पाप के साथ कोई भी पुरुष आँख-मिचौली नहीं कर सकता, क्योंकि बहुत से बलवान इस व्यभिचारी स्त्री ने मार गिराए हैं (नीति 7:26)। शिमशोन दलीला के सामने बेबस हुआ (न्यायियों 16:4-21), इस कारण उसने उसे अपने सारे राज़ बता दिए, हालांकि वह जानता था कि वह उसका नाश करने का मौका देख रही थी।

इस स्त्री से बचने का पहले ही अपने मन में निर्धार कर लो, क्योंकि वह आप को पाप में गिराने के लिए प्रतिक्षा कर रही है (नीति 23:26-28)। वह हमेशा ही दुष्टों और पापी पुरुषों की ही खोज में नहीं रहती है, क्योंकि वह कुलीन और सद्गुणी पुरुषों का शिकार करने की भी खोज में रहती है (नीति 6:26)। इसलिए आप देख सकते हैं कि कैसे पोतीपर की पत्नी ने कुलीन और सद्गुणी यूसुफ को बहकाने का प्रयास किया, उसने बड़ी दृढ़ता से उसके शरीरभोग से इन्कार कर दिया, क्योंकि उसका प्राण परमेश्वर को समर्पित था (उत्पत्ति 39:7-12)।

हो सकता है कि आज ही आपकी उससे मुलाक़ात हो। वर्त्तमान युग में पुरुष पहले की तुलना में महिलाओं के साथ अधिक काम करते हैं, और इसलिए खतरा अधिक बढ़ गया है। पुरुष क्या कर सकता है? अवश्य है कि वह लैंगिकता से सम्बंधित सब मसलों में अपना प्राण परमेश्वर को सौप दे, अवश्य है कि वह बुरी चाल वाली या दोस्ताना स्वभाव वाली स्त्रियों से बचे। किसी स्त्री की ओर लुभावने वाला आकर्षण प्रतिरोध करने की दृष्टी से बहुत शक्तिशाली होता है, अतः आपको पराजित नहीं होना है, क्योंकि वह विनाश की ओर ले जाएगा (नीति 7:21-23)।

आप किसी स्त्री की सुन्दरता को देखकर उसकी वासनामय अभिलाषा न करें, और न उसकी कटाक्ष दृष्टी का आनन्द ले (नीति 6:25)। उसकी प्रशंसा और चिकनी-चुपड़ी बातों में न फंसे, बल्कि भाग जाए (नीति 6:24)। जब आप अकेले हो तो उसके विषय में न सोचें (अय्यूब 31:1)। बड़ी चौकसी के साथ उसकी उपस्थिति से दूर ही रहें (नीति 4:15)। जवानी की वासनाओं और अभिलाषाओं से भागो (2 तीमुथियुस 2:22)।

चिकनी-चुपड़ी बातें आपका ध्यान अपनी ओर खींचने के इरादे से उपयुक्त प्रशंसा तथा मैत्रीपूर्ण शब्द होते हैं। प्रशंसा के ये मैत्रीपूर्ण शब्द सच्चे मन से कहे गए या सद्गुण से युक्त नहीं होते हैं, क्योंकि उनके पीछे छिपा उद्देश्य कुलीन या धर्मपरायण नहीं होता है। पराई स्त्री के मुह से प्रशंसा के शब्द पुरुष को घायल कर देते और उसे जीत लेते हैं, अतः उनसे बचें और ध्यान न दे (नीति 5:3; 7:21)। ऐसी पराई स्त्रियों से फोन पर चैटिंग, बातचीत, SMS भेजना या ईमेल द्वारा कोई भी वार्तालाप न करें, जब तक कि एकदम ही ज़रूरी न हो, क्योंकि यदि आप उसके साथ कोई भी वार्तालाप न करें तो वह आपके साथ चिकनी-चुपड़ी बातें न कर सकेगी।

यकिनन, वह कभी नहीं बताएगी कि उसका मुख्य लक्ष्य आपके साथ शरीरभोग करना है। बल्कि वह तो आपकी तारीफ के पुल बांधेगी, आप के काम की प्रशंसा करेगी, रचनात्मक प्रेम-क्रीडा और महोब्बत भरे प्रणय का वर्णन करेगी, और कहेगी कि वह आपको बहुत प्रेम देना चाहती है (नीति 7:13-18)। उसके शब्दों का तिरस्कार करें! उनसे दूर भागे! उनका खण्डन करें! वह झूठ बोल रही है! भले ही वह आनंद देनेवाली और सुख देनेवाली मालुम होती है, उसकी डगरें मृत्यु की ओर पहुंचाती हैं, और ग़मगीन हैं (नीति 2:18-19; 5:5; 7:27; 9:18)।

सुलैमान ने अपने पुत्र की पराई स्त्री से रखवाली करने बहुत-से नीतिवचन लिखें। बुद्धि, ज्ञान, विवेक और समझ उस स्त्री से आप की रखवाली करेंगे (नीति 2:10-11)। जान लो और समझ लो कि परमेश्वर ने सभी व्यभिचारियों और परस्त्रीगामियों का न्याय किया है (इब्रानियों 13:4), और व्यभिचार के दुष्परिणाम घातक, भयानक और चीरस्थायी होते हैं (नीति 6:26-35)। पुरुष की यह बुद्धिमानिता और विवेक है कि वह अपनी पत्नी को छोड़ अन्य किसी भी स्त्री से अनावश्यक सामाजिक ताल्लुकात न रखे।

परमेश्वर का भय माननेवाली मसीही स्त्रियों को चाहिए की वे अपनी सुंदरता पर सुशीलता का परदा ओढ़ ले, अन्य पुरुषों से नज़रे मिलाकर बातें करने पर मर्यादा रखें, और अन्य पुरुषों से वार्तालाप कम और संक्षिप्त में करें। यदि आप ऐसा नहीं करती हैं, तो आप ज्वाला को भड़काओगी जो आपके अपने प्राण और घर के साथ साथ दूसरों के भी प्राण और घर को भी जलाकर भस्म कर देगी। यदि आप अपने पड़ोसी से सचमुच प्रीति रखती हैं, अर्थात् उन लोगों से जिन्हें परमेश्वर ने आपके मार्ग पर ठहराया है, तो आप व्यभिचार से उनकी रखवाली करोगी (रोमियों 13:8-10)।

प्रिय मसीही, आज ही परमेश्वर आपको उसके प्रति तथा अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहे ऐसी सामर्थ्य और अनुग्रह दे। याद रखें, प्रभु यीशु मसीह ने धर्मत्यागी रोमन कैथोलिक कलीसिया को चित्रित करने के लिए एक पराई स्त्री का उदहारण दिया जिसकी बेटियां व्यभिचारिणी हैं, उसने मूर्तिपूजा और धार्मिक कर्मकाण्डों के लिए मसीह को छोड़ दिया। अवश्य है कि आप अपने सांसारिक जीवनसाथी से, और अपने स्वर्ग में निवास करने वाले पति अर्थात् यीशु मसीह से विश्वासयोग्य और वफादार रहें।

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