नीतिवचन 2:15
जिनकी चालचलन टेढ़ी–मेढ़ी और जिनके मार्ग बिगड़े हुए हैं।
यह जगत बावला और सनकी है! उसकी सोच विकृत हो चुकी है। वह निन्दात्मक रुप से ग़लत है। जब मनुष्य परमेश्वर और बाइबल का इन्कार करते हैं, तो वे जीने के टेढ़े-मेढ़े मार्ग निकालते हैं, और उन्हें अपनी नीचता प्रिय लगाती हैं। यदि आप उन्हें सुधारने का प्रयास करेंगे, तो वे आप से बैर रखेंगे। सुलैमान की चितौनी आप को उन से बचाने के लिए ही है।
सांसारिक लोग मसीहियों को उपहासजन्य तरीके से सीधे लोग कहते हैं, और वे सही हैं। तो वही मसीही लोग सांसारिक लोगों को कुटिल कहते हैं, और वे सही हैं। पाप ने मनुष्य के हृदय और मन को विकृत कर दिया है, इस कारण सांसारिक सोच के लोग टेढ़े-मेढ़े मार्गों और तिरछे पथों पर जाने की जल्दबाजी करते हैं। केवल परमेश्वर का उचित भय ही मनुष्य को इस संसार के टेढ़े-मेढ़े मार्गों और तिरछे पथों से बचा पाएगा।
इन नीतिवाचानों का यह लंबा वाक्य बुद्धि, ज्ञान, विवेक और समझ के उद्धारदायक सद्गुणों को परिभाषित करता है (नीति 2:10-17)। परमेश्वर से आने वाले ये वरदान बुरे और टेढ़ी चाल वाले मनुष्यों से “जिनकी चाले टेढ़ी-मेढ़ी हैं, और जिनके पथ तिरछे हैं” (नीति 2:15), आप की रक्षा करेंगे (नीति 2:12)। सुलैमान राजा सांसारिक मनुष्यों की दुष्क्रिय जीवन शैली के विरुद्ध आपको मंत्रणा देनेवाला आपका व्यक्तिगत मंत्री है।
टेढ़ी-मेढ़ी चाले सत्य से भटकी हुई जीवन शैलियां हैं; वे बेईमान, ग़लत और विकृत जीवन शैलियां हैं। तिरछे पथ तर्कहीन, बिगडैल, भ्रष्ट और बुरी जीवन शैलियां हैं। टेढ़ी-मेढ़ी और तिरछी दोनों शब्दों के अर्थ बिलकुल समान हैं। उनका अर्थ है, ग़लत और विकृत (नीति 3:32; 4:24; 6:12; 8:8; 11:20; 17:20; 21:8; व्यव 32:5, 20; भज 18:26; 101:4 ; 125:5; यशा. 59:8)।
परमेश्वर की स्तुति करों! जब मनुष्य परमेश्वर के अस्तित्व का, जो सृजी गई वस्तुओं में स्पष्ट रुप से दिखाई देता हैं, इन्कार करते हैं, और उसकी भलाई के लिए उसे धन्यवाद नहीं देते हैं, तब वह उनके मनों को अंधकारमय कर देता है, और सब प्रकार का अधर्म करने उन्हें उनके विनाशकारी मनों पर छोड़ देता है (रोम 1:18-32; इफि. 4:17-19)। आपको यशायाह 44:9-20 में पढ़ना चाहिए कि परमेश्वर किस प्रकार मूर्तिपूजकों का उपहास करता और उन पर तंज कसता है।
वह उन्हें जिस प्रकार का जीवन देता है वह कितना ज़हमत और दुख-दर्द से भरा है? अत्यंत टेढ़ा और तिरछा! बहुत ही ग़लत और विकृत! कोई गड़बड़ न करने की शिक्षा पाने के कुछ ही सप्ताहों के बाद वे स्वयं को बुद्धिमान समझने लगते हैं, किन्तु फिर भी वे सृष्टिकर्ता परमेश्वर को छोड़ पशुओं और रेंगनेवाले जंतुओं की मूर्तियाँ बनाकर उनकी पूजा करते हैं (रोम 1:22-23)। उनके टेढ़े-मेढ़े और तिरछे मार्गों में से किसी एक पर विचार करें। परमेश्वर उन्हें समलैंगिकता के विकृतपूर्ण अधर्म के द्वारा एक दूसरे के शरीरों का अनादर करने के लिए विपरीत मन पर छोड़ देता है (रोमियों 1:24-27)।
फिर वह उन्हें उनकी पूरी मानवजाति का ही अनादर करने और अधिक घिनौने विचारों और कर्मों पर छोड़ देता है (रोमियों 1:28-32)। व्यभिचार, लालच, डाह, ईर्ष्या, हत्या, छल, कानाफूसी, निंदा करना, विद्रोही बच्चे, वाचा को तोड़ना, और निर्दयता ये उनके मार्गों और पथों में से कुछ का वर्णन है। वे “समझरहित” और “प्राकृतिक प्रेम से रहित” हैं। वे न केवल आप ही ऐसे काम करते हैं, वरन् जो ऐसे काम करते हैं उनकी संगति में रहने और उन्हें ऐसे काम करते हुए देखने से प्रसन्न भी होते हैं।
मसीही वाचक, यदि सत्य कहा जाए, जैसा कि आप स्वयं ही जानते हैं, आदम से मिला आपका भ्रष्ट मन और हृदय किसी भी दुष्ट मनुष्य के समान टेढ़ा और तिरछा है। पौलुस ने भी कहा, “इसलिए मैं जानता हूं कि मुझ में अर्थात् मेरे शरीर में कुछ भी भला वास नहीं करता” (रोमियों 7:18)। किन्तु भितरी मनुष्य नया है, जो धार्मिकता और सच्ची पवित्रता में सृजा गया है, जिसे आपको प्रतिदिन पहनना है (इफि 4:24)।
परमेश्वर के अनुग्रह से, आपको दक्षता रखनी है कि आप इस संसार के सदृश न बनो, बल्कि उससे अपना परिवर्तन होने दो (रोमियों 12:1-2)। परमेश्वर ने आपको एक अलग ही जीवन शैली के लिए बुलाया है। पौलुस ने पवित्र जनों से कहा कि वे “निर्दोष और भोले, तथा इस कुटिल और भ्रष्ट पीढ़ी के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बनकर संसार में ज्योति बनकर चमके” (फिल 2:15)। मसीही भाइयों, क्या आप इस संसार से उतने ही अलग हैं जितना कि आपको होना चाहिए? आप के और इस संसार के मध्य ज़रा भी सादृश्यता न हो।
आप अलग और भिन्न कैसे हो सकते हैं? बुद्धि, ज्ञान, विवेक और समझ के द्वारा (नीति 2:10-11)! इन मूल्यवान बातों को आप कहां पाएंगे? परमेश्वर के वचन में! आप सभी मसलों पर परमेश्वर के वचन को सही मानते हैं, और आप हर एक झूठे मार्ग से बैर रखते हैं (भजन 119:128)। कोई छोटा मार्ग या छल नहीं। यदि इस पृथ्वी पर कोई बुद्धि है, तो वह केवल बाइबल में पाई जाती है (यशा 8:20)।
केवल एक ही मनुष्य था, जिसके मार्ग सिद्ध रूप से सीधे, और उसके पथ सिद्ध रूप से धर्ममय थे। उसमें कोई टेढ़ी चाल या तिरछा मार्ग नहीं था। पौलुस ने कहा कि यीशु “पवित्र, निष्कपट, और निर्मल, तथा पापियों से अलग” था (इब्रानियों 7:26)। इस संसार के लोगों ने उसके साथ क्या किया? उन्होंने उसे क्रूस पर चढ़ाने से पहले उसका मज़ाक उड़ाया और उसे यातनाएं दी। यदि उन्हें एक और मौका मिलता तो वे फिर से वही करते, और वे अपने चाहने वालों में ऐसी ही चाल की मंशा रखते है।
किन्तु जब दूसरी बार वे उसे देखेंगे, तब वह अपने चुने हुओं के लिए क्रूस पर मरने नहीं आ रहा होगा। वह उग्र रूप धारण करके अपने शत्रुओं का विनाश करने आ रहा होगा। जब टेढ़ी चाल वालों और तिरछे मार्ग वालों पर न्याय उंडेला जाएगा, उस दिन वह उन्हें कोई प्राणदान न देगा और न दया करेगा। वे व्यर्थ में ही अपनी धरती माँ को पुकारेंगे, यहां तक कि “पर्वतों तथा चट्टानों से कहने लगे, ‘हम पर गिर पड़ो और हमें उसकी दृष्टि से जो सिंहासन पर बैठा है, तथा मेमने के प्रकोप से छिपा लो, क्योंकि उसके प्रकोप का भयानक दिन आ गया है, और कौन है जो उसका सामना कर सकता है?” (प्रकाशितवाक्य 6:16-17)।
परन्तु जितनो ने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया उन सब के लिए वह एक बिलकुल ही अलग उद्देश्य से और प्रतिफल देने आ रहा है। गौर करे कि पौलुस किस प्रकार उस महान दिन के विषय में जो तेजी से आ रहा है, पहले दुष्टों को चितौनी देता है, और फिर विश्वासियों को शान्ति देता है। वह इस प्रकार कहता हैं :
“और तुम क्लेश पाने वालों को हमारे साथ उस समय विश्राम दे जब प्रभु यीशु अपने सामर्थी दूतों के साथ, स्वर्ग से धधकती आग में प्रकट होगा, और जो परमेश्वर को नहीं जानते तथा जो हमारे प्रभु यीशु के सुसमाचार को नहीं मानते, उन्हें वह दण्ड दे। ऐसे लोग उस दिन प्रभु की उपस्थिति तथा उसकी शक्ति के प्रताप से दूर होकर अनन्त विनाश का दण्ड पाएंगे, जब वह अपने पवित्र लोगों में महिमा पाने और उन सब में जिन्होंने विश्वास किया है, आश्चर्य का कारण होने के लिए आएगा और तुम में भी, क्योंकि तुमने हमारी गवाही पर विश्वास किया” (2 थिस्स 1:7-10)।
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