नीतिवचन 19:24
आलसी अपने हाथ गोद में छिपाता है, परन्तु अपने मुंह तक कौर नहीं उठाता।
आलसी लोगों को सुख-सुविधाए अच्छी लगती हैं और मेहनत से वे नफरत करते हैं। वे रोटी के लिए भी काम से परहेज करते हैं। वे चाहते हैं कि आप काम करें और उन्हें खिलाएं। सुलैमान ने आलसी लोगों का उपहास करने के लिए व्यंग्यात्मक अतिशयोक्ति प्रयुक्त की है। वे अपने हाथों को काम से दूर रखने के लिए अपनी बाहों को मोड़ लेते हैं, क्योंकि वे इतने आलसी हैं कि अपने मुंह में भी निवाला नहीं डाल सकते। वे उम्मीद करते हैं कि खाना सीधे उनके मुंह में गिर जाएगा। क्या यह एक अतिशयोक्ति है? हां, बिलकुल परन्तु सुलैमान ने यहाँ एक दमदार बात कही है।
कुछ लोगों के लिए यह सीख इतनी आवश्यक है कि सुलैमान ने कुछ ऐसे ही शब्दों में इसे दोहराया (नीतिवचन 26:15)। उसने यह कहते हुए इसे थोड़ा बदल दिया कि “आलसी अपना हाथ थाली में तो डालता है, परन्तु आलस्य के कारण कौर मुँह तक नहीं उठाता”, अर्थात् आलसी खाने के लिए अपने हाथों को फिर से अपने मुंह तक उठाने पर शोकित हो जाते हैं। कोशिश करने का कोई भी विचार , यहाँ तक कि अपने खुद के लिए भी, आलसी इंसान को परेशान करता है और उसे दुःख पहुँचाता है। आधुनिक, समाजवादी राष्ट्रों की कल्याणकारी योजनाएं और सोच इस पाप को बढ़ावा देती हैं।
आपने सुना है, “वह मन्दबुद्धि बाँहे मोड़कर बैठा रहता है।” बाँहे मोड़कर बैठने का अर्थ है, हाथों को किसी काम के लिए तैयार न रखना, या ऐसे बैठे रहना जैसे बादशाह हो। आपने यह भी सुना होगा, “वह अपनी जेबों में हाथ डालकर खड़ा रहता है।” आलसी लोगों को परिश्रम करना अच्छा नहीं लगता, इसलिए वे काम से अपने हाथों को दूर ही रखते हैं। दाऊद ने तो परमेश्वर से यह भी प्रार्थना की कि वह अपना हाथ बढ़ाकर उसकी सहायता करे (भजन 74:11)।
महान कार्य-नीति का जन्म मनुष्य से नहीं हुआ। परमेश्वर ने इस जगत की उत्पत्ति करने में छह दिन काम किया, और उसका उदाहरण आपके लिए पूरा पर्याप्त होना चाहिए। उन्होंने बुद्धिमानी से ठहराया कि जो काम वह कर रहा है वह अच्छा हो, और लगन से किया हुआ हो। आदम के पाप करने से पहले, परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उसमें काम करे और उसकी रक्षा करे (उत्प. 2:15)। काम कोई अभिशाप नहीं है; यह एक आशीष है।
भुखमरी आलसीपन का बेहतर इलाज है। बेरोज़गारी भत्ता युवावों में आलस्य को बढ़ावा देता है। पौलुस ने आदेश दिया कि कि यदि कोई काम करना न चाहे तो खाने भी न पाए (2 थिस्स 3:10), और सुलैमान ने चेतावनी दी कि आलसी लोग कटनी के समय भीख माँगेंगे और कुछ नहीं पाएँगे (नीतिवचन 20:4)। मसीही दान-धर्म के कार्य में आलसी लोगों को देना शामिल नहीं हैं। यदि एक पुरुष को लंबे समय तक खाना और आराम से वंचित रखा जाए, तो वह काम करने लगेगा (नीतिवचन 16:26)।
बुद्धिमान माता-पिता इस बुद्धि व्यावहारिक उपयोग करते हैं। बच्चे और किशोर तब तक खाने के लायक नहीं हैं जब तक कि उन्होंने स्कूल का होमवर्क, सौंपा हुआ काम, या घरेलू कामकाज में हाथ नहीं बंटाया हो। आलसियों की परवरिश कर वयस्क आलसियों की पीढ़ी क्यों बनाए? जब वे मेहनत न करें तो उन्हें भोजन और नाश्ता देना प्यार नहीं है; यह क्रूर घृणा है। उन्हें कड़ी मेहनत करने, तेजी से काम करने और अच्छी तरह से किए गए काम का आनंद लेने के लिए प्रशिक्षित करें। वे सफल होंगे और उनके पास खाने के लिए बहुत कुछ होगा।
अपने बच्चों के लिए बुद्धिमान प्राथमिकताएँ निर्धारित करें। एक भक्तिपूर्ण कार्य-नीति स्कूल के इम्तिहान में ज्यादा अंक पाने से कई अधिक मूल्यवान है। स्कूल वास्तविक दुनिया की तरह नहीं है। क्रांतिकारक बेहतर स्कूली शिक्षा अच्छे और सफल जीवन की गारन्टी नहीं है। आज शिक्षकों को इसलिए भुगतान किया जाता है ताकि वे अभिभावकों को बहका सके और भारी फीस भरने बढ़ावा दे सकें; लेकिन नियोक्ता केवल उन्हीं को भुगतान करते हैं और उन्हें तरक्की देते हैं जो अपेक्षा से अधिक उत्पादन करते हैं। अतिरिक्त पढ़ाई रचनात्मकता, परिश्रम और जिम्मेदारी को पूरा करने की तुलना में केवल बर्बादी है।
आलसी लोगों के लिए अपने हाथ गोद में छिपाकर रखने की पसंदीदा जगह बिस्तर है। नींद के एक अनावश्यक घंटे के लिए कुछ और सो लेना, थोड़ी सी नींद और, एक और झपकी, थोड़ा और छाती पर हाथ रखे लेटे रहने के आनंद का विरोध करना कितना मुश्किल है। बुद्धिमान उपदेशक ने नींद के प्रति इस प्रेम को देखा और उसकी खिल्ली उड़ाई (नीतिवचन 6:9-10; 24:30-34; 26:14)। अलार्म घड़ियों पर स्नूज़ बटन मूर्खता हैं। उठ, हे आलसी! उठ! तेरा दिन बर्बाद हो रहा है!
एक बार जब कोई व्यक्ति आलसीपन के रास्ते पर चलना शुरू कर देता है, तो काम करना कठिन से कठिन होता जाता है। काम के प्रति आलस्यपूर्ण रवैया आपको भारी नींद में डाल देगा (नीतिवचन 19:15); बाधाएँ और भी कठिन प्रतीत होंगी (नीतिवचन 15:19)। परिश्रम दिल और दिमाग में शुरू होता है, जब आप काम का आनंद लेना चुनते हैं। किसी काम को निपटाने का सबसे अच्छा तरीका है कि अभी पूरे जोश के साथ उसकी शुरुआत की जाए। इसके बारे में मत सोचें। मेहनत का अपना प्रतिफल होता है, लेकिन इस आशीष को आप काम पर लगकर ही जान सकते हैं।
क्या आपने कभी सुना है, “मैं आज इतना थक गया हूँ कि कुछ भी नहीं कर पाउँगा”? सद्गुणी स्त्रियाँ ऐसा नहीं कहतीं। एक महिला यदि रसोई में भागदौड़ करती है और रात का भोजन मेज पर रचनात्मक रूप से सवारकर रखती है तो वह बेहतर ज्यादा महसूस करेगी और थका हुआ कम महसूस करेगी। ये शब्द और उन्हें उत्पन्न करने वाले विचार मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम कर देनेवाले हैं। बहाने मत बनाओ। काम करो! आप बेहतर महसूस करेंगे और बेहतर नींद लेंगे।
आलसी लोगों के पास सुख-सुविधाएँ तो होती है, लेकिन वे इतने आलसी होते हैं कि उनका फायदा नहीं उठा पाते। वे शिकार पर जाते तो हैं, लेकिन घर आने पर वे इतने थके हुए होते हैं कि इसे पकाने के लिए तैयार भी नहीं कर सकते (नीतिवचन 12:27)। एक अवसर उनके लिए डरावना होता है, क्योंकि इसमें सोने के लिए कोई संभावना नहीं होती है। कितनी शर्म की बात है!
बेशक, आलसी लोगों के पास हमेशा कुछ कर नहीं पाने के बहाने होते हैं। वे काम पर जान की जोखिम होने (नीतिवचन 22:13; 26:13) और प्रतिकूल परिस्थितियों के बारे में बताते हैं (नीतिवचन 20:4)। और उनका घमंड से भरा आलस उन्हें ठीक उत्तर देनेवाले सात मनुष्यों का भी विरोध करेगा (नीतिवचन 26:16)।
सुलैमान अपने खेत की जाँच करके आलसी को पहचान सकता था (नीतिवचन 24:30-34)। प्रिय पाठक, आपकी कार कितनी साफ है? आपका घर? आपकी अलमारी? पढ़ाई की मेज? क्या सबकुछ अस्तव्यस्त पड़ा है? क्यों? क्या मार्ग पर कोई शेर है? क्या बाहर बहुत ही ठंढ है? या अपनी बाँहों को मोड़कर रखना बहुत रोमांचक है? जहां सबसे ज्यादा जरूरत हो, वहां परिश्रम के महत्वपूर्ण लक्ष्य से कोई भी बात आपको विचलित न करने पाए।
मसीहियों को आलसीपन से नफ़रत करनी चाहिए (रोमियों 12:11)। उनकी संपत्ति और प्रतिष्ठा ऐसी हो जो उनकी भक्तिपूर्ण कार्यनीति को प्रतिबिंबित कर सकें। अपने हाथ गोद में छिपा कर रखने के बजाय, हाथों को अच्छे उत्पादक श्रम में लगाओ (प्रेरितों के काम 20:34-35; इफि 4:28; 1 थिस्स 4:11-12)। स्त्रियों का विनाश करने वाले आलस्य के स्थान पर (यहेजकेल 16:49), उन्हें एक सद्गुणी स्त्री के हाथ बनने दो (नीतिवचन 31:10-31; 1 तीमु 5:13-14)।
राजा लमूएल की माँ ने सद्गुणी स्त्री का विस्तार से गुणानुवाद किया (नीतिवचन 31:1-2)। इस आदर्श सद्गुणी स्त्री का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण उसका लगनपूर्ण श्रम था। वह स्वेच्छा से अपने हाथों से काम करती है (नीतिवचन 31:13)। वह शॉर्टकट रास्ता नहीं अपनाती (नीतिवचन 31:14)। वह जल्दी उठ जाती है (नीतिवचन 31:15)। वह घरेलू कर्तव्यों से आगे बढ़कर बहुत कुछ करती है (नीतिवचन 31:16,20,24)। वह और भी अधिक करने के लिए अपनी भुजाओं को मजबूत करती है (नीतिवचन 31:17)। उसके हाथ हमेशा व्यस्त रहते हैं (नीतिवचन 31:19-20)। वह आलसी नहीं है (नीतिवचन 31:27)।
बाइबल पुरुषों के लिए भी कार्यनीति का एक मानक प्रस्तुत करती है। सुलैमान ने यारोबाम को पदोन्नत किया, क्योंकि वह परिश्रमी था – या परिश्रमी उत्पादक था (1 राजा 11:28), और उसने परिश्रम को प्रतिफल देने के अपने वादे को पूरा किया (नीतिवचन 22:29)। फिरौन ने यूसुफ से पूछा कि क्या उसके कोई असाधारण भाई हैं – मेहनती पुरुष – जो उसके बड़े झुंडों का प्रबंधन कर सकते थें (उत्पत्ति 47:6)। बुद्धिमान व्यक्ति काम की सराहना करेंगे, क्योंकि यही उनके जीवन का उद्देश्य और आनंद है, और मृत्यु उन्हें अच्छी नहीं लगती इसलिए क्योंकि मरने के बाद कोई काम नहीं कर सकता (सभोपदेशक 9:10)।
प्रभु यीशु मसीह उस काम को करने पर दृढ़ था जो परमेश्वर ने उसे पूरा करने के लिए दिया था (यूहन्ना 4:34; 9:4; 17:4), और आपको उसे उसके काम के लिए और आपकी आत्मा को बचाने में उसकी मेहनती विश्वासयोग्यता के लिए आभारी होना चाहिए। परमेश्वर ने उसे विश्व के ऊपर पदोन्नत किया और उसे अपने दाहिने हाथ पर सारी महिमा के साथ बिठाया। आपके पास उसके लिए आत्मिक रूप से मेहनती होने का अवसर है (इब्रा 6:11-12; 2 पतरस 1:10)।
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