नीतिवचन 19:23

यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय माननेवाला ठिकाना पाकर सुखी रहता है; उस पर विपत्ति नहीं पड़ने की।

एक भला जीवन व्यतीत करना संभव है। यहाँ तक कि संभावित भी है! और निश्चित भी! आपको केवल इस अनमोल नीतिवचन को समझने और इसकी सरल आवश्यकता को अभ्यास में लाने की ज़रूरत है। और फिर यह भला जीवन आपका हो जाएगा। अधिकतर लोग अपने खाली जीवन में इतने व्यस्त होते हैं कि वे संतुष्टि और सफलता पाने के लिए बाइबल पढ़ने के लिए समय ही नहीं निकाल पाते।

इस अद्भुत वाक्य को पढ़ें और इसे समझें। आप सदा के लिए अपने हृदय में संतुष्टि पाकर, एक उत्कृष्ट जीवन जी सकते हैं, और उस दर्द और विपत्ति से बच सकते हैं जो दूसरों पर प्रभाव डालती है। इससे बेहतर और क्या हो सकता है? परमेश्वर और सुलैमान इससे बेहतर आपको और क्या दे सकते हैं? क्या यह सर्वश्रेष्ठ नीतिवचन है? शायद, हाँ।

पहला, यहोवा का भय मानना जीवन की ओर ले जाता है। इसका अर्थ किसी घटना की ओर अभिमुख होने या संभाव्यता से कहीं अधिक है। यहाँ इसका अर्थ एक विशिष्ट परिणाम प्राप्त करना है, यदि अनुमति दी जाए तो; या किसी स्थिति या परिस्थिति की ओर ले जाना या प्रेरित करना है। इसका अर्थ किसी संभाव्यता या अनुमान से कहीं अधिक है; यह स्पष्ट निश्चितता को संदर्भित करता है (नीतिवचन 10:16; 11:19,24; 14:23; 19:23; 21:5)।

यहाँ किस प्रकार के जीवन के विषय में बात की गई है? एक महान जीवन के विषय में! जो जीवन हर प्रकार के सुख, समृद्धि, और सफलता में महान होता है! दाऊद और पतरस ऐसे जीवन को जीवन से प्रेम करने और अच्छे दिन देखने के रूप में वर्णित करते हैं (भजन संहिता 34:9-16; 112:1-3; 1 पतरस 3:10-12)। सुलैमान ने इसे धन्य, दीर्घायु, और माननीय जीवन के रूप में वर्णित किया है, ऐसा जीवन जो निष्क्रियता और मृत्यु से बचा रहता है (नीतिवचन 10:27; 14:27; 22:4)। यीशु ने इस जीवन को बहुतायत में देने का वायदा किया है (यूहन्ना 10:10)।

दूसरा, यहोवा का भय अनंत संतुष्टि लाता है। यह संसार बहुत दुख से भरा है। हम लोगों के बीच तलाक, नशा, पियक्कड़पन, और हर चीज़ में अति देखते हैं। वे तृप्ति और शांति की चाह रखते हैं, परंतु कभी उन्हें पाते नहीं। परमेश्वर उन्हें यह कभी प्रदान नहीं करेगा (यशायाह 48:22; 57:21)। परमेश्वर अपनी शांति उन लोगों को ही प्रदान करता है जो उसका भय मानते हैं (भजन संहिता 25:12-14; 128:1-6; 149:19; नीतिवचन 14:26; 15:16)।

तीसरा, यहोवा का भय दुष्टता से बचाता है। पीड़ा और विपत्ति हर जगह होती है, क्योंकि सांसारिक लोगों के पास परमेश्वर के समान कोई रक्षक नहीं होता, वह उन लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जो उसका भय मानते हैं (1 तीमुथियुस 4:10; भजन संहिता 145:19; 2 इतिहास 16:9)। भजन संहिता 91 पढ़ें और जानें कि परमेश्वर कैसे उन लोगों की रक्षा करता है जो उसका भय मानते हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि धर्मी लोग सिंह के समान निडर रहते हैं (नीतिवचन 28:1; 14:26)।

परमेश्वर और राजा सुलैमान द्वारा सुनिश्चित रूप से दिए गए इन तीन महान लाभों को पाने के लिए आपको क्या करना होगा? यहोवा का भय मानो। क्या आप बाइबल में अक्सर उपयोग की गई इस छोटी सी अभिव्यक्ति को पूर्ण रूप से समझ पाते हैं (नीतिवचन 1:7; 9:10; 15:33; 23:17; व्यवस्थाविवरण 10:12; 2 शमूएल 23:3; अय्यूब 1:8; भजन संहिता 36:1; सभोपदेशक 7:18; 12:13-14; लूका 12:4-5; प्रेरितों के काम 10:22; 2 कुरिन्थियों 7:1; इफिसियों 5:21; इब्रानियों 12:28-29)?

पहला, यहोवा का भय मानने के लिए आपको उसे जानना होगा। यहोवा कौन है? ये सभी बड़े अक्षर, यहूदी भाषा में एक टेट्राग्राम को दर्शाते हैं, जो वास्तव में सच्चे और जीवित परमेश्वर के नाम के चार व्यंजन हैं, जिसका अर्थ है, “मैं जो हूँ सो हूँ” (निर्गमन 3:14)। जब उच्चारण करने के लिए स्वरों के साथ इंगित किया जाता है, तो यह “यहोवा” नाम कहलाता है (निर्गमन 6:3)। क्या आप बाइबल के यहोवा परमेश्वर को जानते हैं? कोई अन्य देवता है ही नहीं। महान आत्मा, ब्रह्मांड का महान वास्तुकार, और अन्य देवता सब झूठ हैं! ये उन राज्यों और मनुष्यों के कल्पित देवताओं के लिए मनुष्यों द्वारा बनाए गए नाम हैं, जो बाइबल के यहोवा का तिरस्कार करते हैं।

यूनानी और रोमन लोगों के देवता ज़ीउस, जुपिटर, एफ़्रोडाइट, और वीनस के समान ही, उनमें भी कोई वास्तविकता या मूल्य नहीं है। यहोवा के विषय में ऐसी कोई गलत अवधारणा नहीं है। चार्ल्स टेज़ रसेल के अनुयायी, जो यहोवा के साक्षी कहलाए जाते हैं, वे भी असल में उसे नहीं जानते। रसेल के अनुयायियों ने, जैसा कि उन्हें कहा जाना चाहिए, झूठी भविष्यवाणियों, पिरामिड की आराधना, और यीशु मसीह को मात्र एक परमेश्वर कहकर उसकी ईश-निंदा करते हुए, अपने धर्म-संप्रदाय को सही ठहराने के लिए बाइबल से परमेश्वर के नाम को चुराया है (यूहन्ना 1:1)।

क्या आप बाइबल के परमेश्वर यहोवा को जानते हैं? वही परमेश्वर जिसने 6000 वर्ष पहले अपनी वाणी से 24 घंटों वाले छह दिनों में शून्य से सभी चीज़ों की रचना की (उत्पत्ति 1:1; इब्रानियों 11:3)? वही परमेश्वर जिसने सभी चीज़ों को अपने लिए बनाया, यहाँ तक कि बुरे दिनों के लिए दुष्टों को भी बनाया (नीतिवचन 16:4)? वही परमेश्वर जो पृथ्वी का बदला लेने के लिए शीघ्र ही यीशु मसीह को भेजने वाला है (इब्रानियों 1:8-12; प्रेरितों के काम के काम 17:29-31)?

दूसरा, यहोवा का भय मानने के लिए, आपको परमेश्वर का भय मानना होगा। सही मायनों में परमेश्वर का भय मानने का अर्थ उससे अत्यंत प्रेम करना, उसकी आराधना करना, और विश्वासयोग्यता से उसकी सेवा करना है (व्यवस्थाविवरण 10:12; सभोपदेशक 12:13- 14; इब्रानियों 12:28-29)। यहाँ उस भय की बात नहीं हो रही जो अदन में आदम और हव्वा ने परमेश्वर से छिप कर दर्शाया था, और यह भय उन शैतानी लोगों के भय के समान भी नहीं है जिन्होंने यीशु की महिमा केवल तब की जब वह पृथ्वी पर था।

यहोवा का भय मानने का अर्थ बाइबल के सृष्टिकर्ता परमेश्वर पर विश्वास करना है, जिसमें उसकी महिमा और महानता के प्रति विस्मयाकारी अभिज्ञता शामिल है और उसे प्रसन्न करने और उसकी आराधना करने के लिए, उसकी सभी आज्ञाओं को मानने की प्रेमपूर्ण इच्छा रखना, और किसी भी तरह उसे निराश न करना भी शामिल है। यह उस विनम्र आराधना और स्नेह के समान है जो एक भली संतान अपने प्रेममय परंतु आधिकारिक पिता को देती है।

क्या आप यहोवा का भय मानते हैं? जब तक आप परमेश्वर द्वारा नया जन्म नहीं पा लेते, तब तक किसी भी पुरुष या स्त्री के लिए स्वाभाविक रूप से परमेश्वर का भय मानना असंभव है (भजन संहिता 36:1; रोमियों 3:18; 1:18-32)। आपको परमेश्वर का भय मानने के लिए उसकी आत्मा द्वारा नया जन्म लेना होगा (यूहन्ना 1:13; 3:3; 8:47; गलातियों 4:6)। यदि आपके पास इस परमेश्वर से प्रेम करने और इसकी सेवा करने की निष्ठावान इच्छा है, तो आप कुरनेलियुस के समान बचाए जाएंगे (प्रेरितों के काम 10:2,22,35)।

क्या आप यहोवा का भय मानते हैं? उसे जानने में सक्षम होने के लिए अपने अस्तित्व के लिए उसका धन्यवाद दें (आपका जन्म ही इसलिए हुआ है)। उसे प्रसन्न करने के तरीके जानने के लिए और उसके वचन के लिए उसका धन्यवाद करें, जिसमें नीतिवचन की पुस्तक भी शामिल है। अपने चुने हुए लोगों को बचाने के लिए अपने पुत्र यीशु मसीह की प्रतिस्थापक मृत्यु के लिए उसका धन्यवाद करें। अपने पापों का अंगीकार करें, मसीह यीशु के नाम से उससे क्षमा माँगें, और सदा के लिए उससे प्रेम करने और उसकी सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

इस नीतिवचन के तीन अद्भुत लाभ और आशीष आपके लिए हैं। इस महिमामय परमेश्वर के महान नाम की प्रशंसा और आराधना करते हुए, उसके सामने विनम्रतापूर्वक इन आशीषों को अधिकार के साथ प्राप्त करें। जीवन और अनंत काल के सभी विषयों में उस पर और उसके वचन पर विश्वास करें (भजन संहिता 119:128), और वह जीवनभर आपकी आत्मा को अनंत संतुष्टि से आशिषित करेगा, और आपको हर बुराई से बचाने के लिए आपके संग रहेगा।

हो सकता है कि आप फिर पूछें कि उन शहीदों का क्या? निःसंदेह वे परमेश्वर का भय मानते थे, परंतु आप देख सकते हैं कि उनके साथ क्या हुआ। मृत्यु से पहले उनका बयान और उन्हें मरते हुए देखने वाले लोगों की गवाही, संतोष भरी खुशियों का प्रमाण देती है, जिन्हें पूर्ण रूप से वर्णित नहीं किया जा सकता। आज उनके पास अनंत जीवन है, वे पूर्ण रूप से संतुष्ट थे और आज भी हैं, और सिंहों के दांतो या आग की लपटों ने उन्हें केवल स्वर्ग जल्दी भेजने का कार्य किया है।

हो सकता है फिर आप पूछें कि अय्यूब का क्या? बाइबल बताती है कि वह परमेश्वर का भय मानता था, फिर भी आप देख सकते हैं कि उसने कैसा कष्ट उठाया (अय्यूब 1:1)। क्या उसने एक भला जीवन जिया, जिसमें संतुष्टि थी, और भारी परीक्षा से पहले दुष्टता के विरुद्ध सुरक्षा भी शामिल थी? निःसंदेह (अय्यूब 1:2-3,10)! क्या परीक्षा के बाद उसे सब कुछ दोगुना प्राप्त हुआ? निःसंदेह (अय्यूब 42:10-17)! और उस दौरान उसे परमेश्वर के निकट आकार उससे व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका मिला।

सर्वश्रेष्ठ जीवन वास्तव में पृथ्वी पर परमेश्वर के संग चलना और स्वर्ग में उसके साथ अनन्त जीवन व्यतीत करना है। सर्वश्रेष्ठ संतुष्टि परमेश्वर को व्यक्तिगत रूप से जानने से प्राप्त होती है, जिसमें अनंत काल का जीवन शामिल होता है (भजन संहिता 73:23-28)।

सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा मृत्यु द्वारा स्वर्ग में प्रवेश करने और धर्मी ठहराए जाने में मिलती है।

जो लोग यहोवा का भय मानते हैं, उन्हें ये तीनों आशीषें प्राप्त होती हैं, जो कि यहोवा यीशु मसीह द्वारा मोल ली गई और सुनिश्चित की गई हैं।

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