नीतिवचन 19:20

सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।

आप पिछले साल जितने बुद्धिमान क्या आप आज उससे ज़्यादा बुद्धिमान हैं? जितने दस साल पहले थें उससे ज़्यादा? इन सवालों के जवाब देना ज़रूरी है। आप जीवन में आगे चलकर कितने बुद्धिमान होंगे? धर्मी व्यक्ति में बुद्धि में बढ़ने की बहुत इच्छा होती है। और बुद्धि में बढ़ने का तरीका आसान है – आपको बुद्धिमान लोगों की सम्मति सुननी होगी और उनकी शिक्षा को मानना होगा। दूसरों से आप को जो शिक्षा मिलती है आपको उसका मूल्य समझने और उस पर अमल करने की ज़रूरत है।

आज आपके पास वह मौका है कि आप अपने जीवन के आखिरी पड़ाव को सुरक्षित कर लें। क्या आप एक बुज़ुर्ग बुद्धिमान व्यक्ति होंगे, जिसे परिवार के और आपपास के लोग बुद्धिमानी भरी सम्मति के लिए बुलाएँगे? या आप एक बूढ़े मूर्ख होंगे, जो दूसरों के लिए आशीष से ज़्यादा बोझ बन जाएँगे? आप आज जो करते हैं, वह तय करता है कि आप कल क्या बनेंगे। आप इतने भी कम उम्र के नहीं हैं, और न ही आप बूढ़े हैं। अपने आखिरी पड़ाव पर विचार करें और आज ही इस नीतिवचन की शिक्षा प्राप्त करें।

प्रभु यीशु पर विश्वास और नए जन्म के द्वारा बने परमेश्वर के पुत्रों और पुत्रियों को अनुग्रह से लेपालक बच्चों के रूप में लिया गया है। लेकिन उन्हें लेपालक पुत्रों और पुत्रियों के रूप में इसलिए नहीं लिया गया कि वे मूर्खता में अपना जीवन बर्बाद बैठें। उन्हें लेपालक पुत्रों और पुत्रियों के रूप में इसलिए लिया गया ताकि वे इस कुटिल और विकृत दुनिया में परमेश्वर के पुत्रों और पुत्रियों के रूप में अपने जीवनभर बुद्धि में उन्नति करते जाएं (मत्ती 5:43-48; रोमियों 8:29; इफिसियों 5:1-2; फिलिप्पियों 2:14-16)। आप परमेश्वर के अनुग्रह को या तो बरबाद कर सकते हैं, या आप इसका उपयोग परमेश्वर के लिए महान पुरुष और महान स्त्री बनने के लिए कर सकते हैं (1 कुरिं 15:10; 2 कुरिं 6:1; 2 पतरस 3:18)।

आप पवित्र और संयमी संतों की निजी सम्मति को कितना पसंद करते हैं? आप चर्च और बाइबल अध्ययन में परमेश्वर के वचन के सार्वजनिक प्रचार के लिए कितना तरसते हैं? कुलीन पुरुष और महिलाएँ इसे तत्पर मन से ग्रहण करते हैं (प्रेरितों 17:11)। एक खोजे, एक सूबेदार, एक व्यवसायी और एक उपदेशक सभी ने जो शिक्षा प्राप्त की उसके लिए बहुत आभारी थे (प्रेरितों 8:26-40; 10:33-48; 16:14-15; 18:24-28)।

अपना आत्मपरीक्षण करें! क्या आप पिछले साल या दस साल पहले की तुलना में वाकई अधिक बुद्धिमान हैं? क्या आप दया और भाईचारे के सद्गुण में बढ़े हैं, ताकि आपके भक्तिमान मित्रों की संख्या और भी बढ़ जाए? क्या आपने बाइबल-सम्मत अर्थशास्त्र के नियमों को सीखने और उन्हें लागू करने के कारण पहले से बेहतर आर्थिक तरक्की की हैं? क्या आप यीशु मसीह और उनके सिद्धांत को पहले से बेहतर जानते हैं? क्या चर्च के लोग आपकी सम्मति लेने के लिए पहले से ज़्यादा आपकी तलाश करते हैं?

अपना आत्मपरीक्षण करें! क्या आपका जीवनसाथी हाल के वर्षों में हुए बदलावों से खुश है? क्या आपका नियोक्ता आपके काम करने के कई तरीकों में सुधार के लिए आभारी है? क्या आप प्रतिकूल परिस्थितियों को पहले की तुलना में बेहतर तरीके से निपटते हैं? क्या आप उन लोगों को जो आपसे आपकी आशा के विषय में पूछताछ करते हैं, सत्य के वचन से पहले से उत्तम जवाब दे सकते हैं? क्या आपके माता-पिता और बच्चे आपको पहले से अधिक सम्मान देते हैं? क्या आप आधुनिक दुविधाओं के लिए परमेश्वर के वचन से उत्तर देने में पहले से अधिक सक्षम हैं? क्या आपका पास्टर आप में साफ़ साफ़ दिखाई देनेवाली आत्मिक उन्नति के लिए परमेश्वर को धन्यवाद दे पाता है? क्या आप अपने ऑफिस की ज़िम्मेदारियों को पहले से बेहतर सम्भाल सकते हैं और सफ़ल होते हैं?

जीवन छोटा है। आप क्या कर सकते हैं? “हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएँ” (भजन 90:12)। कब? “जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उनसे मैं भी प्रेम रखती हूँ, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं” (नीतिवचन 8:17)। क्यों? “बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए” (नीतिवचन 4:7)। कैसे? “जो दूसरों से अलग हो जाता है, वह अपनी ही इच्छा पूरी करने के लिये ऐसा करता है, और सब प्रकार की खरी बुद्धि से बैर करता है” (नीतिवचन 18:1)।

आप बाइबल से उपदेश के बारे में क्या सोचते हैं? पौलुस जानता था कि अन्त के संकट-समयों में ख्रिश्चन लोग ही इसे सह नहीं पाएंगे (2 तीमुथियुस 4:3-4)। आज के चर्चों को एक स्त्रीलिंग हिप्पी गुरु की आराधना में रॉक एंड रोल संगीत के साथ गीत गाना पसंद अच्छा लगता हैं – वे इसे समकालीन ख्रिश्चन संगीत कहते हैं। यदि आप अपनी ज़िन्दगी के आखरी दिन एक बुद्धिमान मनुष्य बनकर बिताना चाहते हैं, तो आप दंतकथाओं को ठुकरा देंगे और परमेश्वर के वचन से गहन उपदेश की मांग करेंगे (2 तीमुथियुस 4:1-2)। परमेश्वर बुद्धि, ज्ञान और समझ सिखाने के लिए अपने प्रचारकों को भेजता है (यिर्मयाह 3:15)। उनकी शिक्षा को सुनो!

आप बाइबल से उपदेश के साथ क्या करते हैं? पतरस ने अपने पाठकों से कहा कि वे निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करें, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाएं (1 पतरस 2:1-3)। उसने उन्हें अनुग्रह और यीशु मसीह के ज्ञान में बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया (2 पतरस 3:18)। और पौलुस ने इब्रानी मसीहियों को अब तक वे शिक्षकों के रूप में उन्नति न कर पाने के कारण फटकार लगाई (इब्रानियों 5:12-14)। सुनिश्चित करें कि आप प्रार्थना करते हैं, तैयारी करते हैं, ध्यान देते हैं, और जो सुनते हैं उस पर व्यवहारिक अमल भी करते हैं (लूका 8:4-18; याकूब 1:21-25)। सम्मति को सुन लें, और शिक्षा को ग्रहण करें, ताकि आप बुद्धिमान बनते जाएं।

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