नीतिवचन 17:8

देनेवाले के हाथ में भेंट मोह लेनेवाले मणि का काम देता है, ऐसा पुरुष जिधर फिरता, उधर ही उसका काम सफल होता है।

भेंट या उपहार या यूँ कहों कि रिश्वत अद्भुत चीजें हैं। वे बहुत कुछ हासिल कर सकती हैं – उद्देश चाहे अच्छा हो या बुरा। एक भेंट जब एक बार किसी व्यक्ति को भेंट दी जाती है और वह उसके मूल्य को जान लेता है, तो वह वही करेगा जो उससे करने के लिए कहा जाता है। किसी हीरे या मोती के समान, यह आँखों को चकाचौंध कर देती है और मन को वही काम करने के लिए प्रेरित या उत्साहित कर देती है। आप इस मणि को किसी भी कोने से देखो, वह सुंदर ही होता है, और एक भेंट किसी भी स्थिति में काम करेगी।

यहाँ भेंट-वस्तुओं और उपहारों की शक्ति को लेकर सुलैमान का एक सामान्य अवलोकन है। भेंट-वस्तुएं काम करती हैं! यह नीतिवचन भेंट-वस्तुओं को ग़लत नहीं कहता, बल्कि उनमें मौजूद अच्छे के लिए या बुरे के लिए काम करने की जो शक्ति है उस ओर इशारा करता है। यदि उन्हें अच्छे उद्देश्यों के लिए अच्छे उद्देश्यों के साथ दिया जाए तो महान लक्ष्य पूरा हो जाएगा। परन्तु यदि उन्हें बुरे उद्देश्यों के लिए ग़लत नियत से दिया जाए तो वह पाप होगा।

सिकंदर महान के पिता, मैसेडोनिया के फिलिप ने कहा, “कोई भी किला इतना मजबूत नहीं है कि उस पर कब्ज़ा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अगर सोने से लदा हुआ गधा द्वार पर लाया जाए तो उस पर कब्ज़ा किया जा सकता है।”

इस नीतिवचन में भेंट किसके हाथों में है? देने वाले के हाथों में या लेने वाले के हाथों में? दोनों के हाथों में क्यों नहीं हो सकती? भेंट देने वाले को लगता है कि उसके उपहार से उसका काम निकल जाएगा क्योंकि यह किसी भी कठोर मन को पिघला देगी। भेंट लेने वाला उसे एक मधुर आशीर्वाद के रूप में देखता है, और जो कुछ काम उससे करने के लिए कहा जाता है वह उसे तुरंत पूरा करने के लिए तैयार हो जाता है। भेंट चाहे देने वाले के हाथों में हो या लेने वाले के, इससे व्याख्या नहीं बदलती। सबक वही है – भेंट-वस्तुएं काम करती हैं!

क्या सुलैमान उपहारों के बारे में और भी शिक्षा देता है? हां, दुष्ट लोग न्याय को भ्रष्ट करने के लिए उपहारों का उपयोग रिश्वत के रूप में करते हैं (नीतिवचन 17:23)। भेंट-वस्तुएं आपको महत्वपूर्ण लोगों से मिलाने में प्रभावकारक होती हैं (नीतिवचन 18:16), और उनके उपयोग से बहुत-से मित्र बन सकते हैं (नीतिवचन 19:6)। उपहार किसी विरोधी के क्रोध को शांत कर सकती हैं (नीतिवचन 21:14)। बिना उद्देश्य-पूर्ति के मकसद से उपहार देना खोखला है और उससे कुछ हासिल नहीं होता (नीतिवचन 25:14)।

परमेश्वर बाइबल में किसी दुष्ट उद्देश्यों के लिए उपहारों के आदान-प्रदान की कड़ाई से भर्त्सना करता है। भेंट आँखों को अन्धा कर देती हैं और बुद्धि और धार्मिकता को नष्ट कर देती हैं (निर्गमन 23:8)। भेंट-वस्तुएं देने या लेने से किसी निर्दोष के साथ अन्याय भी हो सकता है और धर्मियों की बातें पलट देती है (व्यवस्थाविवरण 16:19)। उनसे निर्दोष मनुष्यों की मृत्यु ख़रीदी जा सकती है (व्यवस्थाविवरण 27:25)। शमूएल के बेटों ने रिश्वत लीं, लेकिन शमूएल ने कभी रिश्वत नहीं लीं (1 शमूएल 8:3; 12:3)। जो देश दुष्ट होता है, वहाँ बार-बार रिश्वतखोरी होती है (मीका 7:3)। धर्मनिष्ठ लोग रिश्वत लेने से इनकार करते हैं (यशायाह 33:15)

इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि इन्साफ की देवी की आंखों पर पट्टी बन्धी है जिसके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में तराजू है। यह इसलिए ताकि वह प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को उचित रूप से तौलने और किसी भी दंड को सही ढंग से अंजाम देने के लिए अपने सामने आने वाले व्यक्तियों या उनके द्वारा दिए जाने वाले किसी भी भेंट की ओर न देख सके। आपको भी इसी तरह से अपनी राय खुद बनानी है और अपने फैसले खुद लेने है, दोस्तों और दुश्मनों से आंखें मूंदकर, लेकिन धार्मिकता के बारे में सही दृष्टिकोण रखते हुए (यूहन्ना 7:24)।

उपहार काम करते हैं! वे मित्र बना सकते हैं और आपके साथ भलाई करने के लिए दूसरों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, और दुष्टता के लिए रिश्वत या भुगतान के रूप में भी उनका उपयोग किया जा सकता है। सबक यह है कि वे प्रभावी रीति से काम करते हैं। बुद्धि उन्हें केवल अच्छे उद्देश्यों के लिए उपयोग करना सिखाती है और यह पहचानना सिखाती है कि कई लोग उन्हें प्राप्त करने के लिए बुराई करेंगे।

क्या आपको याद है कि आपने कब किसी अच्छे उद्देश्यों के लिए भेंट-वस्तुएं दी थीं? याकूब ने सही समय पर और उचित स्थान पर भेंट-वस्तुएं देकर एसाव के मन को पिघला दिया था (उत्पत्ति 32:13-21)। याकूब ने मिस्र के कठोर शासक को एक भेंट-वस्तु भेजी थी (उत्पत्ति 43:11-14)। अबीगैल ने दाऊद के लिए एक भेंट भेजकर उसके क्रोध को शांत किया (1 शमूएल 25:18-20,35)। दाऊद ने पलिश्तियों के विरुद्ध युद्ध टालने के कारण नाराज़ यहूदा को लूट के माल में से कुछ कुछ भेजाकर उसे शांत किया (1 शमूएल 29:1-11; 30:26-31)। जब इस्राएल के भयानक परमेश्वर का क्रोध पलिश्तियों पर भड़का तो पलिश्ती पुजारियों ने उसे शान्त करने के लिए बुद्धिमानी से सुझाव दिया कि वे सोने के चूहों और गिलटियों की मूरतें भेंट में दे (1 शमूएल 6:5)।

क्या आपको याद है कि आपने कब किसी बुरे उद्देश्यों के लिए भेंट-वस्तुएं दी थीं? लोभी बिलाम मोआब के सिक्कों के प्रति अपनी लालसा पर काबू नहीं रख सका (गिनती 22:7-8,21; 2 पतरस 2:15-16)। दुष्ट जादूगर शमौन ने पवित्र आत्मा का प्रेरित का वरदान खरीदने की कोशिश की, लेकिन पतरस के पास इसमें से कुछ भी नहीं था (प्रेरितों 8:17-24)। यहूदियों ने यीशु मसीह को पकड़वाने के लिए यहूदा को चाँदी के तीस सिक्कें दिए (मत्ती 26:14-16), और उन्होंने उन रक्षकों को भी रिश्वत दी जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान को अपनी आँखों से देखा था (मत्ती 28:11-15)।

ख्रिश्चन पाठक, क्या आप भेंट के पथभ्रष्ट करने वाले मोह से मुक्त हैं? कई पुरुष किसी औरत के एहसानों के जाल में फंस गए हैं, जबकि उन्हें प्रभु के भय को प्राथमिकता देनी चाहिए थी (नीतिवचन 31:30)। कई महिलाएँ केवल एक बहकाने वाले पुरुष के दयालु शब्दों के जाल में फँस गई हैं (उत्पत्ति 34:1-3)। क्या आपने कभी किसी भेंट, बिक्री, बोनस या पदोन्नति के लिए सत्य से समझौता किया है? उपहारों से सावधान रहें।

परमेश्वर के सेवकों को गंदी लालच से नफरत करनी चाहिए, ऐसा न हो कि इससे पवित्रशास्त्र की उनकी व्याख्या या व्यवहारिक लागुकरण को बिगाड़ दे (56:11; यिर्मयाह 6:13; 8:10; मीका 3:11; मलाकी 1:10; 1 तीमु 3:3,8; तीतुस 1:7,11; 1 पतरस 5:2)। उस पास्टर पर धिक्कार है जो परमेश्वर के वचन के सत्य का उपदेश देने और उसके वास्तविक और पवित्र व्यवहारिक लागुकरण करना छोड़कर चर्च में भीड़ बढ़ाने और अपनी कमाई बढ़ाने के बारे में अधिक चिंता करता है।

क्या आज आपके जीवन में भेंट देने के लिए कोई अवसर है? क्या आप अपने माता-पिता को भेंट देकर सम्मानित कर सकते हैं? या इससे भी बेहतर, आपके ससुराल वालों को? क्या आप किसी बिछड़े दोस्त को गुप्त रूप से भेंट देकर उससे मेल-मिलाप कर सकते हैं (नीतिवचन 21:14)? क्या आज आप किसी निराश व्यक्ति को सांत्वना और जीवन-उत्साह दे सकते हैं? अपने मेहनती कर्मचारियों की सराहना के बारे में आपका क्या ख़याल है? क्या कोई “सप्राइज़ गिफ्ट” आपके जीवनसाथी का दिल खुश कर देगा? आप अपने चर्च के कल्याण के लिए क्या कर सकते हैं? यह सब करें!

इस संसार की सबसे अच्छी भेंट है इस संसार के विद्रोही शत्रुओं के पापों के लिए परमेश्वर का अपने इकलौते पुत्र को भेंट के रूप में देना। मूर्तिपूजक देवताओं को शान्त करने के लिए आपको अपने बेटे-बेटियों की बलि देनी होती थी (2 राजा 17:17)। या फिर आपको कर्मकाण्ड करना होता था। परन्तु सच्चे परमेश्वर ने अपने शत्रुओं के लिये अपना एकलौता पुत्र दे दिया। उस भेंट पर विचार करें! क्या वह भेंट जिस उद्देश्य से दी गई थी वह उद्देश्य हासिल हुआ? बिलकुल हुआ! इस भेंट ने परमेश्वर के न्याय को संतुष्ट किया और अपने चुने हुओं में से प्रत्येक के लिए युगानुयुग की धार्मिकता प्राप्त की (यशायाह 53:10-12 )। उसे अतुल्य भेंट कहा जाता है (2 कुरिन्थ 9:15; रोमियों 5:15-19; 6:23), और यह भेंट ऐसी है जिसने कई लोगों को प्रेरित पौलुस के समान मसीह से प्रेम करने और उसकी सेवा करने के लिए मोहित और प्रेरित किया है (2 कुरिन्थ 5:14-15)।

नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।