नीतिवचन 17:3
चाँदी के लिये कुठाली, और सोने के लिये भट्ठी होती है, परन्तु मनों को यहोवा जाँचता है।
चांदी और सोने की सारी अशुद्धियों को भट्टी की आग से से अलग उसे शुद्ध किया जाता है। आग की गर्मी चांदी या सोना शुद्ध करने के लिए उनमें मौजूद सब मैल और अन्य सब धातुओं को जला देती है, जिसके बाद चांदी या सोना सुनार के लिये काम के हो जाते हैं (नीतिवचन 25:4)। ठीक वैसे ही, आपके मन को केवल यहोवा परमेश्वर ही सिद्ध और शुद्ध कर सकता है – कष्टों और परीक्षाओं की धधकती भट्टी में डालकर।
सुनार चाँदी और सोने के कीमती धातुओं का परिक्षण, जाँच और शुद्धिकरण करते हैं। लेकिन वे मनुष्य के मन का ठीक उसी तरह से परिक्षण, जाँच और शुद्धिकरण नहीं कर सकते। वे चाँदी को शुद्ध करने के लिए एक प्रकार के निर्मल करनेवाले बर्तन का उपयोग करते हैं, और वे सोने को शुद्ध करने के लिए भट्टी का उपयोग करते हैं, लेकिन मनुष्य का मन के अन्दर इतनी आसानी से कोई भी झांककर नहीं देख सकता।
आपका मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देनेवाला होता है, और वह अत्यंत दुष्ट है। कोई भी मनुष्य अपने मन की दुष्टता को समझ नहीं सकता (यिर्मयाह 17:9-10; भजन 19:12)। इसलिए यहोवा परमेश्वर मन को खोजता और हृदय को जाँचता कि उसके चाल–चलन को जान सके और उस के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दे (1 राजा 8:39)। जिसकी आँखों के सामने सब वस्तुएँ खुली और प्रगट हैं और जिसे हमें सब लेखा देना है उसकी आँखों से कोई भी मनुष्य बच नहीं सकता (इब्रानियों 4:12-14; प्रकाशितवाक्य 1:14; 2:18; 19:12)।
बाइबल अक्सर इस बात का उल्लेख करती है कि परमेश्वर आपने पवित्र लोगों के धातु का मैल पूरी रीति से भस्म करेगा, और उनमें मौजूद सब अशुद्धियों को पूरी रीति से दूर करेगा (अय्यूब 23:10; यशायाह 1:25 )। यीशु अपने प्रथम आगमन के समय तानेवाला और शुद्ध करनेवाला बनकर आया; उसकी आग ने उसके सब शत्रुओं को जलाकर भस्म कर दिया और नए याजकों को शुद्ध किया कि वे परमेश्वर के सामने उसे भानेवाला बलिदान चढ़ायें (मलाकी 3:1-5)। वह जिन नाना प्रकार की भारी दुःख की परीक्षाओं को भेजता है वे आपके मन को बोझ से भारी बना सकती हैं, लेकिन यह इसलिये है कि आपका परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशवान् सोने से भी कहीं अधिक बहुमूल्य है, और भी मज़बूत हो जाए (1 पतरस 1:6-7)। वह अपने लोगों को निर्मल करने के लिए उन्हें आग में डालता है (ज़कर्याह 13:9)। और निज भाग ठहराता है (मलाकी 3:16-18)।
आपके मन में जो भी है यहोवा परमेश्वर उसे तुरंत जान लेता हैं। वह जानता है कि आप किन बातों से सबसे ज्यादा डरते हैं, आप पर कौन-सी परीक्षाएं ज्यादा हावी होती हैं, आपकी गुप्त कल्पनाएँ क्या हैं, आपके सबसे कमज़ोर पल कौन-से हैं, आप कहाँ कमज़ोर पड़ते हैं, और कौन से पाप आपको बड़ी आसानी से फंसा लेते हैं। वह आसानी से आपका परिक्षण, जाँच और निर्मल कर सकता है। उसके सामने थरथरायें! उसकी आराधना करें! इससे पहले कि वह आपको बलपूर्वक अपने कदमों टेल ले आए, भला होगा कि आप खुद ही उसके सामने झुक जाएँ।
परमेश्वर विपत्ति भेजकर आपके विश्वास को परखने के लिए दुख की भट्टी का उपयोग करता है (यशायाह 48:10)। वह आपको अपनी कृपा पर निर्भर बनाने के लिए आपको दुर्बलता की भट्ठी में जलाता है (2 कुरिन्थ 12:9-10)। परमेश्वर आज्ञाकारिता को परखने के लिए परीक्षाओं की भट्टी में डालता है (उत्पत्ति 22:1-2; इब्रानियों 11:17-19)। वह आपकी विनम्रता और प्राथमिकताओं को परखने के लिए आपको समृद्धि या लोगों की प्रशंसा की भट्ठी में डालता है (व्यवस्था 32:15; नीतिवचन 27:21)।
क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर ने महान राजा हिजकिय्याह के साथ क्या किया? उसने उसे छोड़ दिया – जो मनुष्य के साथ परमेश्वर द्वारा कीं गई सबसे भयावह चीजों में से एक है। हिजकिय्याह के मन में क्या था उसे उजागर करने के लिए परमेश्वर ने उसे छोड़ दिया (2 इतिहास 32:31)। परख की इस आग की भट्टी से क्या निकला? परमेश्वर ने अपनी करुणा के कारण हिजकिय्याह के जीवन को पंद्रह वर्ष के लिए बढ़ा दिया, लेकिन इस कारण वह घमण्ड में आने की मूर्खता कर बैठा था (2 इतिहास 32:25)।
परमेश्वर ने दाऊद को शैतान के हाथों में सौंप दिया, और उसने इस्राएल की गिनती कीं, जिसके चलते 70,000 लोगों की जान चली गई, परन्तु इससे परमेश्वर की बड़ी महिमा हुई और दाऊद बहुत विनम्र हुआ (2 शमू 24:1; 1 इतिहास 21:1)। यीशु ने पतरस के साथ भी वैसा ही किया, और उसने इससे एक बड़ा सबक सीखा (लूका 21:31-34; यूहन्ना 21:15-17)। दाऊद और पतरस दोनों ही यहोवा के हाथों से अपने शुद्धिकरण के लिए पात्र थे।
क्लेश और परीक्षाएं तो बहुत दर्दनाक होती हैं, लेकिन वे परमेश्वर की महिमा और आपके लाभ और निर्मल बनाने के लिए हैं, यदि आप धीरज से उन्हें सहते हैं। आप दुखों को धीरज से सह सकें इस में आपकी सहायता करने के उद्देश्य से परमेश्वर ने दूसरों के जीवनों से सबक और दृष्टांत देने के लिए बाइबल को अपनी प्रेरणा से लिखवाया (रोमियों 15:4; याकूब 5:11)।
सोना अगर आग में न डाला जाए वह कैसा होगा? उसे बिना अग्नि के कैसे शुद्ध किया जा सकता है? केवल यहोवा की आग की भट्टी से ही आप गुप्त पापों, मनुष्य के डर, दुनिया के प्रति आकर्षण, घमंड, दूसरों पर भरोसा, दूसरों के प्रति अत्यधिक प्रेम, आत्म-धार्मिकता और अन्य पापपूर्ण गंदगी से मुक्त हो सकते हैं। केवल भट्ठी से ही आपका विश्वास, प्रेम और आशा शुद्ध और बेहतर हो जाते हैं। यह प्रक्रिया दर्दनाक है; परन्तु परिणाम शानदार हैं। प्रिय पाठक, अपना मन उसकी आग की भट्टी को समर्पित करें (भजन 139:23-24)।
बुद्धि में बढ़ने के लिए, ज्वालामय परीक्षाओं को आनन्द ही की बात समझो, क्योंकि आप जानते हैं कि वे आपको निर्मल कर रही हैं (याकूब 1:2-4; रोमियों 5:3-5)। एक दिन आप उनके महान लाभ को पहचानेंगे; आप उन्हें अजीब बातें नहीं मानेंगे; बल्कि आप परमेश्वर से प्रार्थना करेंगे कि वह आपकी जांच करें और आपको सिद्ध करें (भजन 26:2; 119:67,71,75; 1 पतरस 4:12)। आप अपने मन को शुद्ध करने के लिए इन निर्धारित साधनों का उपयोग करेंगे (याकूब 4:8-10; 2 कुरिन्थ 7:1)।
यहोवा शुद्ध करने में सबसे कुशल कारीगर है; वह भट्टी में अपने सोने का एक औंस, एक भी दराम, या एक कण भी नहीं खोएगा। हे पीड़ित विश्वासी, उस पर विश्वास रख। उसकी परीक्षाओं के अन्त में करुणा और अनुग्रह ही होगा (भजन 66:8-17; अय्यूब 5:11); उसकी ताड़ना उसका निष्कलंक प्रेम ही है (इब्रानियों 12:10-11; प्रकाशितवाक्य 3:19)।
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