नीतिवचन 17:12

बच्चा–छीनी–हुई–रीछनी से मिलना तो भला है, परन्तु मूढ़ता में डूबे हुए मूर्ख से मिलना भला नहीं।

मूर्ख खतरनाक होते हैं। बुद्धिमान मनुष्य उनसे बचकर रहते हैं। यह एक सार्वभौमिक तथ्य है कि जिस रीछनी के शावकों को उससे छीन लिया जाता है तो वह अत्यंत खतरनाक बन जाती है। परन्तु ऐसी क्रूर रीछनी से मिलना अपने विकृत विचारों से चलनेवाले मूर्ख से मिलने की तुलना में कम हानिकारक है। सुलैमान ने रीछनी के अपने ज्ञान से समझ पाकर मूर्खों और उनकी क्रूर वासनाओं की निंदा की। ऐसे घातक मूर्खों की पहचान करना और उनसे बचना ही बुद्धिमानी है।

कुछ मूर्ख केवल आलसी या बेवकूफ़ होते हैं, इसलिए उनसे इतनी ज्यादा हानि नहीं पहुंचती (नीतिवचन 17:16; 21:20; सभोपदेशक 10:15)। वे चिढ़ दिलानेवाले और तकलीफ़देह होने के बावजूद, धर्मीजन को उनसे इतना बड़ा खतरा नहीं होता है। उनकी मूर्खता किसी और से अधिक उन्हीं को नुकसान पहुंचाती है। और साथ ही, बच्चों और मसीहियों की मूर्खता को सुधारा जा सकता है (नीतिवचन 22:15; 29:15; लूका 24:25-26; 1 कुरिन्थ 15:36; गलातियों 3:1)।

परन्तु अन्य मूर्ख डाह-भरे और ठट्ठा करनेवाले होते हैं; वे बहुत ख़तरनाक होते हैं (नीतिवचन 21:24; 26:12; 27:3; 29:20,22)। असाध्य मूर्खों की दुष्टता को सुधारा नहीं जा सकता, चाहे आप कुछ भी कर लें (नीतिवचन 17:10; 27:22; 29:9)। बाइबल इन अधर्मी मूर्खों को, “बेलियाल (शैतान) के पुत्र,” या दुष्टता का देहरूप कहती है (1 शमुएल 25:3,17; 2 शमुएल 23:6-7; 1 राजा 21:10,13)। वे क्रूर पशु हैं जो पकड़े जाने और नाश होने के लिये उत्पन्न हुए हैं (2 पतरस 2:10-12)। बुद्धिमान पुरुष इन दुष्ट मूर्खों से दूर रहते हैं (नीतिवचन 9:6-8; 14:7)

मूर्ख उस वक्त अपनी मूढ़ता में होता है जब वह नियंत्रण से बाहर हो जाता है और नीच तथा नापाक आवेग में आकर गिरी हुई हरकतें करता है। उत्पात मूर्ख का क्रोध होता है (नीतिवचन 14:29; 29:22; सभोपदेशक 7:9)। कैन ने हाबिल को मार डाला (उत्पत्ति 4:1-12), पोतीपर की पत्नी ने यूसुफ पर बलात्कार के प्रयास का आरोप लगाया (उत्पत्ति 39:7-20), शिमोन और लेवी ने अपने पिता के वचन के विरुद्ध पूरा एक नगर मौत के घाट उतार दिया (उत्पत्ति 49:5-7), दोएग ने परमेश्वर के याजकों की हत्यायें कीं (1 शमूएल 22:9-19), अबशालोम ने अपने पिता की रखेलियों के साथ व्यभिचार किया (2 शमूएल 16:20-22), और यहूदी नासरत के यीशु के लहू के लिए चीत्कार उठें (मत्ती 27:22-25)।

क्या कभी कोई भालू इन उदाहरणों में वर्णित मूर्ख लोगों के समान निर्दयी और हिंसक रहा है? क्रोधित भालू पाशविक रूप से बेवकूफ और शातिर होते हैं, लेकिन ऐसे घिनौने मूर्ख लोग उनसे भी बदतर होते हैं। पाठक, यह आपका कर्तव्य है कि आप उन्हें पहचानना सीखें और उनसे बचने का कष्ट करें। साथ ही, यह भी आपका कर्तव्य है कि आप अपनी वासनाओं और आवेग पर नियंत्रण रखें और आप खुद किसी भालू की नाई बनने से बचें। गौर कीजिए कि इस्राएल के प्रिय भजनकार दाऊद ने उपहास करने वाले एक मनुष्य की अज्ञानतापूर्ण टिप्पणियों कारण पूरे एक घराने को ही नष्ट करने के कितने करीब पहुँच गया था (1 शमूएल 25)।

अमेरिका में तीन प्रकार भूरे भालू (और रीछनी) हैं – ग्रिजली भालू, अर्थात भूरे भालू, अलास्कन भालू और कोडिअक भालू। एक नर कोडियाक भालू का वजन 1500 पाउंड या उससे अधिक हो सकता है। अपने पिछले पैरों पर खड़े होने पर यह 10 फीट लंबा होता है। यदि आप भागने की कोशिश करते हैं, तो यह 35 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से आप तक पहुँच सकता है, जो आप नहीं कर सकते। यदि आप बाड़ लगाते हैं, तो याद रखें कि यह 1⁄2 इंच स्टील के गज को काट सकता है। क्या आप बचने के लिए किसी पेड़ पर चढ़ जाओगे? जरूरत पड़ने पर यह पेड़ों पर भी चढ़ सकता है। क्या आप ज़मीन के अन्दर छिप जाओगे? यह आपके फावड़े से ज्यादा तेजी से खुदाई कर सकता है।

परन्तु सुलैमान ने इस नीतिवचन में किसी मामूली रीछनी का उदहारण नहीं दिया। ज्यादातर रीछनी मनुष्य को देखकर भाग जाती हैं, बशर्ते उन्हें परेशान न किया जाए या उकसाया न जाए। उसने मूढ़ता में डूबे हुए मूर्ख की तुलना बच्चा–छीनी–हुई–रीछनी से की। नर से छोटी होने के बावजूद यह जीव अधिक आक्रामक और खतरनाक होता है। वह अपने शावकों के लिए किसी भी खतरे पर जमकर और निडरता से हमला करेगी। यह नीतिवचन डराने के लिए लिखा गया है। ऐसी रीछिनें और ऐसे मूर्ख जानलेवा होते हैं।

दाऊद के मित्र हूशै ने अबशालोम को अपने पिता दाऊद का पीछा करने से रोका और दाऊद और उसके क्रोधित मन की तुलना बच्चा–छीनी–हुई–रीछनी से की (2 शमूएल 17:8)। और यह ऐसी ही दो रीछिनें थीं जिन्होंने एलीशा का उपहास करनेवाले 42 बच्चों को फाड़ डाला (2 राजा 2:23-24)। गरीब लोगों पर शासन करनेवाला एक दुष्ट शासक क्रोधित रीछनी के समान ही है, एक ऐसे भूखे भालू के समान जो भोजन की खोज में अपने क्षेत्र को छोड़ देता है (नीतिवचन 28:15)। परमेश्वर ने इस्राएल पर अपने दण्ड की तुलना बच्चे छीनी हुई रीछनी से की (होशे 13:8)।

आप जानते हैं कि भालू कैसे दिखते हैं और वे कहाँ रहते हैं। बेशक आप उनसे बचकर रहते हैं। लेकिन क्या आप प्राण-घातक मूर्खों को भी पहचान सकते हैं? वे परमेश्वर का भय नहीं मानते; वे पवित्र नहीं हैं; वे अपने मुँह से ओछी बातें निकालते हैं और कर्मों में घिनौने हैं; वे अहंकारी और स्वार्थी हैं; वे अधिकार तुच्छ जानते हैं और सुधार उन्हें पसन्द नहीं; वे जो कुछ भी चाहते हैं उसे उचित ठहराते हैं; वे सांसारिक मनवाले हैं; वे निर्दयी हैं; उनमें प्राकृतिक प्रेम नहीं है; और स्वभाव से हिंसक है।

तथाकथित क्रिश्चन लोग आखिर कैसे अपनी कार या घरेलू एकान्त में गुस्से में चिल्लाते और शीघ्र-क्रोधी नखरेबाज बन सकते हैं? वे कैसे उग्र रूप से संदेश भेज सकते हैं और जहर से भरे ईमेल लिख सकते हैं? उन्हें वचन और कार्यों में मेम्ने का अनुसरण करने के लिए बुलाए जाने पर भी, वे स्वयं को नरक से गरजनेवाले सिंह के बच्चों के रूप में प्रकट करते हैं (1 पतरस 2:21-25; यूहन्ना 8:44)। और यदि वे कहें, कि मैं ऐसा/ऐसी ही हूं, तो समझ लो कि आपके सामने बलियाल (शैतान) का पुत्र या पुत्री खड़े हैं। उनसे बस दूर भागो!

अलग होना कभी-कभी मन के लिए दुखद हो सकता है, लेकिन मूर्खों से बचना और ख़ासकर क्रोधी, उपहास करनेवाले और दुष्ट प्रकार के मूर्खों से बचना परमेश्वर का ही आदेश है, (नीतिवचन 9:6-8; 14:7; 22:24-25; 23:9; 29:9; मत्ती 7:6; 1 कुरिन्थ 15:33; 2 थिस्स 3:2)। वे आनन्द या सम्मान पाने के लायक नहीं हैं (नीतिवचन 19:10; 26:1,8; 2 राजा 3:14; भजन 15:4)। कुलीन मनुष्य उनसे अपना रिश्ता तोड़ देते हैं, भले ही वे परिवार से या मित्र ही क्यों न हों (भजन 101:4-8)।

ये दुष्ट लोग जो माता-पिता, पत्नियों, बच्चों, पड़ोसियों और चर्च के सदस्यों को इतना दुःख देते हैं, उनके अंत का दिन आ रहा है, जब यीशु मसीह स्वर्ग से अपने सामर्थी स्वर्गदूतों के साथ धधकती आग में प्रकट होगा ताकि इन जानवरों के सभी अपराधों का सदा के लिए बदला चुकाएं (2 थिस्स 1:6-9; यहूदा 1:14-15)। क्या आप तैयार हैं और उसके प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं?

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