नीतिवचन 16:27

अधर्मी मनुष्य बुराई की युक्ति निकालता है, और उसके वचनों से आग लग जाती है।

बहुत से लोगों को दूसरों में खामियाँ निकालना या उनकी असफलताएँ ढूँढ़ना अच्छा लगता है। फिर वे उसके विषय में दूसरों के साथ कानाफूसी करते हैं। परन्तु परमेश्वर और सुलैमान ने कहा कि ऐसे लोग अधर्मी हैं। क्या आप उनमें से एक हैं?

यदि आप कुलीन और सद्गुणी बनना चाहते है, तो किसी और के जीवन में दोष ढूंढने के विचार से भी घृणा रखें, और अगर आपको किसी की गुप्त बातें पता चल जाती है तो उन्हें फैलाने की सोचें भी मत। ऐसी विकृत मानसिकतावाला मनुष्य बुद्धि और सफलता से कोसों दूर होता है। परमेश्वर और भले लोग इन चुगलीखोरों से बैर रखते हैं।

दुष्ट लोगों को दूसरों के पाप देखना अच्छा लगता है। वे दूसरों में बस पाप ढूंढने की ताक में रहते हैं; वे दूसरों के पापों की चर्चा कान लगाकर सुनते हैं; वे उन्हें खोद-खोदकर निकालते हैं। जैसी शार्क या लकड़बग्घा खून की ओर खींचें चले आते हैं, वैसे ही वे ऐसी चर्चा की ओर खींचें चले आते हैं। जब कोई गिरता है तो वे बड़े खुश हो जाते हैं। वे पापों को ढूंढ-ढूंढकर निकालते हैं; वे बातचीत पर कान लगाते हैं; वे दूसरों के जीवनों में ताक-झांक करते हैं। वे पुराने पापों को याद करते हैं। वे दूसरों की असफलताओं को चुगली और कानाफूसी के द्वारा सब तरफ़ फैलाते हैं।

आज की तथाकथित खोजी-रिपोर्टिंग कई लोगों के पापों का पता लगाती है, खासकर सत्ता में बैठे लोगों के पाप। वे बुराई को खोद-खोद के निकालते हैं, विश्वासघातियों को खरीदते हैं, और गवाहों को धमकाते हैं। वे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं, कही गई किसी बात को तोड़ते-मरोड़ते हैं, पीड़ितों का पीछा करते हैं और बकवाद करने वालों को पुरस्कृत करते हैं। वे लोगों की प्रतिष्ठा का बलात्कार करते हैं और झूठी बाते फैलाने की होड़ में रहते हैं। क्यों? सिर्फ़ इसलिए ताकि खुद को सही माननेवाली आत्म-धर्मी पिशाची चमगादड़ों की इस पीढ़ी की अतृप्त भूख को संतुष्ट करें! उन्होंने पैसे कमाने का अपना स्त्रोत ढूंढ लिया है – वासना में जल रहे पाठकों के लिए प्रतिष्ठित लोगों की गलतियों को प्रकाशित करना।

आज कई प्रकाशन और न्यूज़ चैनल्स दूसरों के चरित्र को लेकर तस्वीरें दिखाकर या मुंह से जितनी ज्यादा हो सकें उतनी ढूंढ़ ढूंढ़कर गंदगी फैलाते हैं। हाल ही के वर्षों में गोदी मीडिया की न्यूज़ रिपोर्टिंग पर गौर करें, कि कैसे उन्होंने कुछ फ़िल्मी और राजनितिक हस्तियों की प्रतिष्ठा और गरिमा को धूमिल किया। बीतें वर्षों में इंग्लैंड के बारे में सोचो। राजकुमारी डायना के बारे में सोचो। उसका या किसी भी व्यक्ति का कोई भी दोष, असफलता या पाप केवल परमेश्वर और उसके और उसके परिवार के बीच का मसला है। इससे आपका या किसी और का कोई भी लेनादेना नहीं है। लेकिन दुष्ट लोग हमेशा गंदगी की तलाश में रहते हैं, जिसे वे सनसनीखेज समाचार बना सकें और एक रुपये के लिए उसे फैला सकें। इन मीडिया रूपी वेश्याओं से आज सब परेशान हैं।

कुछ और उदाहरणों के लिए अमेरिका को लें। अगर थॉमस जेफरसन की कोई गुलाम-रखैल थी, तो इसकी परवाह कौन करता है, हालाँकि यह कभी प्रमाणित नहीं हुआ? यदि उसकी कोई रखैल थी भी, तो यह परमेश्वर और थॉमस जेफरसन के बीच का मसला है। इसका केंद्रीय बैंकों को लेकर उसकी विद्वत्तापूर्ण नीति पर क्या फ़र्क पड़ता है? यदि बिल क्लिंटन ऑक्सफ़ोर्ड में मारिजुआना पीते थें तो क्या? क्या फ़र्क पड़ता है अगर नैन्सी रीगन ने कभी-कभी ज्योतिष का सहारा लिया था? क्या फ़र्क पड़ता है यदि जॉर्ज डब्लू बुश ने अपने कॉलेज के वर्षों के दौरान और उसके बाद भी बहुत अधिक शराब पिया करते थें? इस सूची को और भी बढ़ाया जा सकता है।

राजनीतिक जांच प्रक्रिया अगर व्यक्ति की राजनीतिक कुशलता तक ही सीमित हो, तो उम्मीदवार के मूल्यांकन और भविष्य में उसके प्रदर्शन का अनुमान लगाने में कुछ अच्छा नतीजा निकल आ सकता है जिसका लाभ देश की ही उन्नति के लिए होगा। लेकिन फिर हाई स्कूल या कॉलेज के वर्षों में उस की निजी ज़िन्दगी कैसी थी यह अप्रासंगिक है, खासकर जब उसके उन युवा वर्षों की, जब मूर्खता दिल में बंधी होती है, तुलना उसके वर्तमान परिपक्व आचरण के साथ की जाए (नीतिवचन 22:15)। आपको बदनाम करने के लिए आपके युवा अतीत से क्या निकालकर प्रकाशित किया जा सकता है?

इन अधर्मी दुष्टों के होठों में आग जलती है: उन्हें अपने द्वारा खोजे गए पापों को किस भी क़ीमत पर फैलाना ही है (भजन 39:1-3)। चुगली करने, बकवाद करने, कानाफूसी करने और बदनामी करने की इच्छा उन पर हावी हो जाती है। उन्हें अपने “पोल खोल” कार्यक्रमों दूसरों की असफलताओं की पोल खोलना अच्छा लगता है। उनका ज़मीर मर चूका है। उन्हें शांति और प्रतिष्ठा को नष्ट करने में मजा आता है।’ वे विकृत मन वाले क्रूर जानवर हैं। उनकी आत्माओं के कालेपन की बराबरी केवल तब होगी जब उन्हें अनंत काल के लिए काले अँधेरे में डाल दिया जाएगा (2 पतरस 2:17; यहूदा 1:13; प्रकाशितवाक्य 21:8,27)।

ईर्ष्या, आत्म-धार्मिकता और क्रूरता इन लोगों को नियंत्रित करती हैं। वे हमेशा ईर्ष्या और नफ़रत से भरे रहते हैं, क्योंकि वे दूसरों की श्रेष्ठता से जलते हैं। वे खुद नैतिक मूल्यों में हारे हुए हैं, और इसलिए वे दूसरों की प्रतिष्ठा को नष्ट करके ही अपने अस्तित्व को उचित ठहरा सकते हैं। वे खुद को सही समझते हैं, जब वे दूसरे के गुप्त पापों को उजागर कर सकते हैं, जबकि उनके अपने दिलों में उनके द्वारा पीड़ित किए गए किसी भी व्यक्ति की तुलना में अधिक दुष्टता भरी होती है। वे इतने क्रूर होते हैं कि उन्हें अपने कारण दूसरों को होनेवाली पीड़ा और सम्मान-क्षति की कोई परवाह नहीं होती।

बाइबल में सुलैमान ने दुष्ट बातें करने वालों के बारे में बारबार सावधान किया (नीतिवचन 6:12-19; 12:18; 16:28; 17:9; 18:8; 26:20-22)। बाइबल के बाकी लेखकों ने भी सावधान किया (भजन 52:2-4; 57:4; रोमियों 1:29-30; 2 कुरिन्थ 12:20; 1 तीमु 6:3-5)। इस बात को परमेश्वर द्वारा दोहराना और उस पर ज़ोर देना हमें बताता है कि यह एक ऐसा गंभीर पाप है जो बहुत ही आम है। यशायाह ने उन लोगों की धज्जियां उड़ा दीं जो एक शब्द के लिए या एक छोटी सी गलती के लिए किसी व्यक्ति को अपराधी बना देते हैं (यशायाह 29:20-21 है)। बाइबल में ही याकूब ने जीभ को अधर्म की दुनिया कहा जो नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है (याकूब 3:6)। क्या आप उनमें से एक हैं?

ये विकृत मानसिकता के लोग दाऊद के व्यभिचार को देखते हैं और उसकी 60 वर्षों की चतुर बुद्धि, महान चरित्र और परमेश्वर के प्रति महान जुनून को नजरअंदाज कर देते हैं। ख्रिश्चन समाज दाऊद से उसके पापों के बावजूद 3000 वर्षों से प्रेम रखते आया है, क्योंकि उसके पाप अपवाद थें। यहाँ तक कि यीशु को भी दाऊद का पुत्र कहा गया।

ये क्रूर जानवर ये तो देखते हैं कि कैसे जरूरत की घड़ी में पतरस ने यीशु को पहचानने से इनकार किया परन्तु यह नहीं देखते कि कैसे यीशु ने उसे क्षमा कर दिया और बाकी प्रेरितों के बीच उसे पुनर्स्थापित किया (लूका 22:32; यूहन्ना 21:15-19; प्रेरितों 1:15-26)। उनमें से कितनों ने बाइबल की एक भी पुस्तक लिखी है?

इस नीतिवचन से दो सबक लिए जा सकते हैं। सबसे पहला, पूरी शिद्दत से दूसरों के जीवन की गलतियों को फैलाने से बचें जब तक कि यह बिल्कुल आवश्यक न हो, जैसे कि किसी अदालती मामले में जहां आपको किसी व्यक्ति-विशेष के कार्यों को केवल नियुक्त अधिकारियों के सामने प्रकट करने की शपथ दिलाई जाती है। इससे परे किसी भी बात को इधर-उधर फैलाने के उद्देश्य और उसके दूरगामी नतीजों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जाना चाहिए, ताकि आप दूसरे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने या अपने ज़मीर को कठोर करने के दोषी न हों।

दूसरा, यदि आप किसी को दूसरे व्यक्ति के बारे में गलतियाँ फैलाते हुए देखते या सुनते हैं, तो समझ लो कि आपको एक अधर्मी व्यक्ति मिल गया है। उचित क्रोध से उसका मुंह बंद करो, जैसा कि सुलैमान हमें बताता है (नीतिवचन 25:23)। दाऊद के समान, उसे अपनी संगति से निकाल दें (भजन 101:1-8)। परमेश्वर इन बदमाशों का शत्रु है, और आपको भी उन्हें अपना शत्रु समझना है (नीतिवचन 6:12-19; भजन 15:1-5; 139:19-22)। सुनिश्चित करें कि आप हर समय दूसरों की प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व की रक्षा करने का परिश्रमपूर्वक प्रयास करते हैं।

कितना अच्छा होगा अगर लोग दूसरों के बारे में बुराई निकालने के बजाय, उनके अच्छे आचरण पर ध्यान दें और आदर्श के रूप में उसे फैलाएं! दुनिया कितनी अलग जगह होगी! प्रतिष्ठा की रक्षा होगी और हर तरफ मान-सम्मान बढ़ेगा। अमीर और मशहूर लोगों के निज़ी ज़िन्दगी के पाप की खबरों को फैलाने के बजाय, उनके अच्छे कार्यों और दूसरों के साथ उनकी भलाई को नियमित रूप से दूसरों को बताने से उनमें अपने बड़प्पन और ज़िम्मेदारी के प्रति जागरूकता में और भी वृद्धि होगी।

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