नीतिवचन 16:11
सच्चा तराजू और पलड़े यहोवा की ओर से होते हैं, थैली में जितने बटखरे हैं, सब उसी के बनवाए हुए हैं।
क्या एक चौथाई बटखरे का वजन 250 ग्राम होना चाहिए? क्या एक लीटर दूध 1000 मिली लीटर होना चाहिए? एक सिलेण्डर में कितनी किलो गैस होनी चाहिए? क्या इन प्रश्नों के आपके उत्तर इस आधार पर बदलते हैं कि आप खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं? स्वर्ग का महान परमेश्वर सभी लेन-देन में पूर्ण ईमानदारी की मांग करता है।
आप अस्पताल या दवा की दुकान से जो दवाई खरीदते हैं क्या वह 100% शुद्ध होनी चाहिए या 99%? क्या इससे कोई फर्क पड़ सकता है? डायग्नोस्टिक उपकरण की सेटिंग्स और सटीकता के बारे में क्या आपका ख्याल है? क्या आप चाहते हैं कि आपके पिता का उत्तम एमआरआई हो? किसी और के पिता के बारे में क्या ख्याल है?
क्या आपकी संपत्ति की सीमाओं का माप पिन सेंटीमीटर, इंच, फ़ुट और हर गज के अनुसार बिलकुल सटीक होने चाहिए? क्या आप चाहते हैं कि आपके घर का मूल्यांकित मूल्य बाजार मूल्य के करीब हो या बहुत करीब? यदि आपका मूल्यांकन वास्तविक मूल्य से अधिक या कम है तो क्या आपका उत्तर बदल जाता है?
क्या इन प्रश्नों का आप पर कोई असर हो रहा है? कौन कहता है कि माप महत्वपूर्ण हैं? और अगर माप ठीक से नहीं किया गया तो इसके बारे में कौन क्या कर लेगा? यदि किसी को कोई गंभीर चोट न पहुँचे तो क्या आपको अपने व्यापारिक लेन-देन में थोड़ी हेराफेरी करने की स्वतंत्रता तो मिलनी चाहिए, हैं न?
माप उपकरणों के आधार पर हमारे देश में प्रति दिन करोड़ों का आर्थिक लेनदेन होता है। उसमें अगर केवल 1% हेराफेरी हो तो न जाने कितना घोटाला होता होगा, जो हमारे कुछ पड़ोसी देशों के वार्षिक बजट से भी अधिक है। छोटे-छोटे घोटालों से भारी काला धन जमा होता है।
एक सामान्य पेट्रोल पम्प से समझो दस हज़ार पेट्रोल बेचा जाता है। यदि पम्प का मालिक अपनी मशीनों को समायोजित करके हर लीटर पर 40 मिली का घपला करता है, जिसे आप मापने वाले कप से भी पता नहीं लगा सकते हैं, तो वह प्रति दिन 40 लीटर का घोटाला करता है, मतलब 127,200 रूपये हर महीने, जो साल का 15,26,400 होता है। क्या इस घोटाले को कोई जानता है?
परमेश्वर यहोवा जानता है। उसने सच्चा तराजू और पलड़े निर्धारित किये; वह उन्हें आज्ञा देता है; और वह उन्हें लागू करता है (लैव्य 19:35-36; व्यवस्थाविवरण 25:13-15; यहेजकेल 45:10)। एक राष्ट्र के रूप में नष्ट होने से पहले इस्राएल के पापों में से एक झूठे तराजू और बाटों के जारी धोखेबाज व्यापारिक आचरण था (होशे 12:7; आमोस 8:5; मीका 6:11)। सावधान, पाठक!
परमेश्वर उन राष्ट्रों या मनुष्यों को दण्ड देगा जो अपने लाभ के लिए तराजू और पलड़े में हेराफेरी करते हैं, क्योंकि यह उसके लिए घृणित है; परन्तु वह उनके न्यायपूर्ण उपयोग से प्रसन्न होता है (नीतिवचन 11:1; 20:10,23)। आर्थिक लेन-देन में ईमानदारी और सटीकता की उत्पत्ति मनुष्य से नहीं हुई; यह परमेश्वर की ओर से हैं। 1500 ई.पू. में इज़राइल राष्ट्र की ऐसी धर्ममय व्यवस्था और नियम से संसार के बाकी राष्ट्र जलन रखते थे (व्यवस्थाविवरण 4:5-9)।
इस अध्यादेश के अनुपालन से आर्थिक समृद्धि आती है, जैसा कि अमेरिका में हुआ है। आखिरी बार आपने अपना दूध, गैस, दवा, या तराजू और पलड़े को कब मापा था? आर्थिक व्यापार पूर्ण विश्वास के साथ पूरी गति से आगे बढ़ना चाहिए : इसलिए नहीं कि अमेरिकी बुद्धिमान हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि अमेरिका परमेश्वर के आदेश का पालन करता है, चाहे वे व्यक्तिगत रूप से इसके बारे में सोचें या नहीं। परमेश्वर के नियम अज्ञानियों के लिए भी स्वाभाविक रूप से काम करते हैं।
आज के आधुनिक और इलेक्ट्रोनिक तराजू का आविष्कार होने से पहले, विक्रेता एक तराजू और वजन रखते थे (खरीदार हर जगह वजन नहीं ले जा सकते थे, और उनके तराजू पर कौन भरोसा करेगा)। अतिरिक्त वजन एक थैले में रखा हुआ रहता था। चोरी दो तरह से की जाती थी: तराजू और/या वजन बदल दिये जाते थे। एक दुष्ट विक्रेता अपना मुनाफ़ा कमाने के लिए 40 ग्राम के वज़न से 50 ग्राम दिखाकर बेच सकता है।
यह नीतिवचन आठवीं आज्ञा कि “तू चोरी न करना” को परिभाषित करने में सहायक है (निर्गमन 20:15)। चूँकि कुछ लोग दूसरों से चोरी करने के लिए लेन-देन में हेराफेरी करते थें, इसलिए परमेश्वर संपत्ति के अधिकार, आर्थिक भरोसा और व्यापारिक ईमानदारी को स्थापित करने के लिए ऐसी सभी हेराफेरियों की निंदा करता है। क्या आपका बायोडाटा सच्चा है, और क्या आप साक्षात्कार के सवालों का जवाब पूरी ईमानदारी से देते हैं, क्योंकि खुद को गलत तरीके से प्रस्तुत करना उस पद और वेतन को चुराने का प्रयास है जिसके आप हकदार नहीं हैं?
हालांकि कई देशों में वाणिज्य विभाग के अधिकार के तहत वजन और माप का एक कार्यालय है, जो नियमित रूप से सार्वजनिक माप उपकरणों का निरीक्षण करता है, फिर भी उन लोगों द्वारा धोखा देने की गुंजाइश बनी रहती है जो परमेश्वर से नहीं डरते। आपको इस सरकारी प्राधिकार और इसकी सुरक्षा के लिए आभारी होना चाहिए, लेकिन आपको भी इस नीतिवचन के सबक को अपने ऊपर लागू करना ज़रूरी है।
प्रिय पाठक, आप जहाँ काम करते हैं क्या आप वहां कामचोरी करके, इधर-उधर घुमते हुए चोरी करते हैं (तीतुस 2:10)? क्या आप काम पर देरी से जाते हैं, काम को टालते हैं, बार बार और लम्बा ब्रेक लेते हैं, या सिर्फ़ हाज़िरी देकर अपने व्यक्तिगत काम करने निकल जाते हैं? क्या आप जल्दी जल्दी काम करते हैं और किसी भी काम को ज़रूरत से अधिक समय लगाते हैं? जब आप किसी के घर नल फिटिंग करने जाते हैं, तो क्या आप ठीक ठीक काम करते हैं? या अधुरा करते हैं, ताकि आपको दुबारा बुलाया जाए? क्या पिज़्ज़ा को कंपनी के सटीक मेनू विनिर्देशों के अनुसार बनाया जाना चाहिए? या सिर्फ़ ठीक-ठाक?
कोई वस्तु खरीदते समय अगर आप उसमें दोष और खामियाँ निकालकर उसे सस्तें में माँगते हैं और फिर दूसरों के सामने शेखी बघारते हैं कि कैसे आपने एक उच्च क़ीमतवाली वस्तु को कम दाम में ख़रीदा, तो परमेश्वर ऐसी मानसिकता के लिए दोषी ठहराता है (नीतिवचन 20:14)। क्योंकि ख़रीददार के रूप में भी आप गलत दोषपूर्ण तराज़ू का उपयोग कर रहे हैं – विक्रेता के लिए वस्तु की कीमत अधिक थी, जबकि आपके मित्र उसे सस्ती समझ रहे होते हैं। यह समस्त पृथ्वी के न्यायाधीश की अवमानना है। लोग तो यहाँ तक कहेंगे, “मैंने चोरी कर ली!” यह सच है, क्योंकि वे सचमुच चोर हैं!
क्या आप हमेशा उचित कीमत चुकाते हैं? जब आपको किसी लेन-देन में दुकानदार की ग़लती का पता चलता है, तो क्या आप उसे प्रकाश में लाते हैं, भले ही इसके लिए आपको अधिक कीमत चुकानी पड़े? अगर लेन-देन में दुकानदार ने ग़लती से आपको ज्यादा पैसे लौटाए तो क्या आप वह अतिरिक्त रक़म उसे वापस लौटाते हैं? आप अपने वित्तीय लेन-देन में कंजूस या मक्खीचूस बनकर कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे (नीतिवचन 11:24-26; 19:17; 28:8)। यह पापी लोगों की और इस बात की की पहचान है कि क्यों गरीब और अधिक गरीब होते जाते हैं और अमीर और अधिक अमीर होते जाते हैं।
आप विधवाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं (निर्गमन 22:22)? क्या आप उनकी माँगी हुई कीमत चुकाते हैं? यदि उसकी कमाई बाज़ार से नीचे है तो क्या आप उसे अधिक भुगतान करते? क्या आप अनाथ बच्चे को बिना कोई मोलभाव किएँ वस्तु की ज्योंकि त्यों क़ीमत चुकाते हैं? ठीक से विचार करें, प्रिय पाठक। परमेश्वर यहोवा देख रहा है (व्यवस्थाविवरण 10:18; भजन 68:5)।
परमेश्वर ने चोरी के लिए क्या दण्ड ठहराया था? चुराई गई राशि को सात गुना लौटाना (नीतिवचन 6:31), और यदि आप इसे वहन नहीं कर सकते, तो आपको गुलामी में बेच दिया जाता था (निर्गमन 22:3)। सरल, उचित, उत्तम!
यदि दूसरे छोटे-मोटे मामलों में आपका फायदा उठाएँ तो क्या होगा? यीशु ने सिखाया कि शांति को प्रथम स्थान देने मामले को भूल जाएं (मत्ती 5:38-48)। पौलुस ने सिखाया कि छोटी-छोटी बातों में धोखा खाना बेहतर है बजाय इसके कि इसके लिए चर्च में झगड़ा या मुक़दमा चलाया जाए (1 कुरिन्थ 6:6-8)।
ख्रिश्चन व्यक्ति को इस दुनिया में अपना आचरण कैसा रखना चाहिए? जो लोग बिक्री और खरीद दोनों पक्षों और अन्य सभी आर्थिक लेनदेन और पेशेवर ताल्लुकात निभाने में आप पर भरोसा करते हैं उनकी अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरें। आपकी हमेशा बढ़ौतरी ही होगी, क्योंकि पदोन्नति परमेश्वर की ओर से आती है (भजन 75:6-7)। आप परमेश्वर और मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ेंगे।
यहां तक कि नए नियम में भी सटीकता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के प्रति इस प्रतिबद्धता को ऊंचा उठाया गया है, जैसा कि पौलुस ने आदेश दिया और समझाया (रोमियों 12:17; 2 कुरिन्थ 8:20-21)। सटीक, ईमानदार और उदार आचरण प्रभु यीशु मसीह की कृपा का जीवंत प्रमाण है और इससे लोग आपको आपकी आशा का कारण पूछेंगे (मत्ती 5:16; 1 पतरस 2:12; 3:15)।
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