नीतिवचन 15:5

मूर्ख अपने पिता के उपदेश को तुच्छ जानता है : परन्तु जो दपट को मान लेता है सो चतुर है।

हे पुत्र, अपना मन मुझे दे (नीति 23:26)। यह नीतिवचन तेरे लिए है। इसे अपनी आत्मा में गहराई से उतरने दे। परमेश्वर ने अपनी असीम बुद्धि में तुझे मुझ को दिया कि तुझे जीवन में महान बनने के लिए प्रशिक्षित करूं। यदि तू मेरे उपदेश को तुच्छ जानता है, या क्रुद्ध होता है, तो तू मूर्ख है, और तू विपत्तियों से भरे नतीजे भुगतेगा। यदि तू मेरे सुधार और दपट को ग्रहण करें और उसका पालन करें, तो तू बुद्धिमान है, और महान बनेगा। मैं तुझे वचन देता हूं। मैं तुझ से प्रेम करता हूं।

जैसा कि सभी नीतिवचनों के विषय में सच है, यहां लड़कियों और माताओं के लिए भी बुद्धि है। वही नियम बेटियों और उनके लिए उनके पिता के उपदेश और दपट पर लागू होते हैं। और पिताओं के समान, माताएं भी अपने बेटे-बेटियों को शिक्षा और ताड़ना दे सकती हैं (नीति 1:8; 6:20; 31:1)। इस नीतिवचन का सबक यह है, कि बुद्धिमान बच्चें अपने माता-पिता की बात सुनेंगे और उनकी बात मानेंगे।

मेरे बेटे, परमेश्वर ने मुझे तेरी सहायता करने के लिए कई अनुकूल अवसर दिए हैं। केवल मूर्ख और जंगली पुत्र ही पिता की सलाह और चेतावनियों को ठुकराते हैं। बुद्धिमान पुत्र अपने पिता से बढ़कर महान बनने के लिए उसे प्राप्त सुअवसरों का लाभ उठाएंगे। और तेरे विषय में यह मेरी प्रबल इच्छा है कि, मेरे पुत्र, तू मुझे पीछे छोड़कर मुझ से आगे निकल जाए, परन्तु तू ऐसा केवल तब कर पाएगा यदि तू मेरे अनुभव और ज्ञान को प्राप्त करें। क्या तूने मुझे अपना मन दिया है?

हे पुत्र, तू मेरे उपदेश और दपट को कैसे प्रतिक्रिया देता है? क्या तू क्रोध से भर जाता है? क्या तेरे चेहरे पर विद्रोह का बादल छा जाता है? क्या तू बहस करता है? क्या तेरे दिल में नफरत पनपती है? क्या तेरा मन कड़वाहट से भर जाता है? क्या तू मेरी सम्मति और नियमों से अपनी आंखें चुराता है? क्या तू अवज्ञा करने के इरादे से केवल चुपचाप सुन लेता है? क्या तुझे लगता है कि मैं अज्ञानी हूं? क्या तुझे लगता है कि मुझे तेरी कोई परवाह नहीं? ये नर्क से आए पाप हैं जो झूठ बोलते हैं; वे तुझे विनाश और संकट की अधोगति में ले जाएंगे। मेरे पुत्र, मेरा विश्वास कर!

एक चतुर और बुद्धिमान पुत्र अपने लिए एक महान भविष्य की अभिलाषा रखते हुए अपने पिता से सम्मति की खोज करेगा, और जो भी सम्मति वह पाता है उसे बड़ी व्याकुलता से सुनेगा। वह सुधार, प्रतिबंध, या बार-बार चेतावनियां पाकर क्रुद्ध नहीं होगा। पुत्र, क्या मैं तुझे मुझ पर विश्वास करने के लिए राज़ी कर सकता हूं? तेरी सहायता करने के मेरे पास बहुत से कारण हैं, और वे क्या हैं, मैं तुझे बताना चाहता हूं। क्या तू सोचकर देखेगा कि परमेश्वर ने मुझे तेरा पिता बनने के लिए क्यों चुना?

मेरे पुत्र, मेरी उम्र पर विचार कर। मैं तेरा जीवन पहले ही जी चुका हूं – और उससे भी बढ़कर। तेरे लिए सबसे अच्छा क्या होगा, इस पर विचार करने के लिए एक वयस्क के रूप में मेरी उम्र और तजुर्बा तुझ से अधिक हैं। तेरे जीवन के अगले पांच वर्ष जिन्हें तू देख नहीं सकता, मैं उन से गुज़र चुका हूं। तेरे जीवन के बीत चुके दस वर्ष और आनेवाले अगले दस वर्ष मैं पहले ही जी चुका हूं। मुझे पहले से ही पता है कि वे तेरे लिए क्या लेकर आ रहे हैं। मैंने सीख लिया है कि कौन-सी बातें लाभ की है, और कौन-सी नहीं। मुझे कष्ट हुआ, और मैं सफल हुआ। मैं चाहता हूं कि तू बेहतर करें।

मेरे दृष्टिकोण पर विचार कर, हे पुत्र। जवानी के घमंड के कारण जीवन के प्रति तेरा दृष्टिकोण अत्यंत अल्पकालिक है। तू आज की चिंता करता है। परंतु मैं अब से पच्चीस वर्षों की चिंता करता हूं, जब तुझे ऐसी कठिनाइयों और जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ेगा, जिसकी तू अब तक कल्पना भी नहीं कर सकता। तू वैसा आगे नहीं देख सकता जैसे मैं आगे देख सकता हूं, मेरे पुत्र, क्योंकि मैं पहले से ही वहां हूं। तू उन चीजों में व्यस्त है जो तेरे सामने हैं। मैं उन्हें पहले ही जानता हूं। एक सुंदर लड़की तुझे बहुत रोमांचित करती है, परंतु मैं उस चरित्र का बड़ी सावधानी से मूल्यांकन करता हूं जो एक सुखी विवाह की 25वीं सालगिरह मनाने के लिए आवश्यक हैं।

मेरे पुत्र, मेरे प्रेम को समझ। मैं तुझ से तब से प्रेम करता हूं जब मैंने तुझे पहली बार देखा था। अभी जो तेरी आयु है, तब मैं उससे भी बड़ी आयु का था। मैं कभी नहीं चाहता कि तेरा नुकसान हो। तू जीवन में चाहे किसी से भी विवाह कर, या मिल-जुल, वे तुझे इतना प्रेम नहीं करेंगे जितना मैं तुझ से प्रेम करता हूं। वे उतना प्रेम कर ही नहीं सकते। मेरा प्रेम निष्कपट है, जबकि उनके प्रेम में स्वार्थ का मिश्रण है। एक अद्भुत और सुंदर पत्नी शायद तुझ से प्रेम करें, परंतु तुझे परमेश्वर और मनुष्यों के सामने एक सिद्ध पुरुष बनाना उसका परम लक्ष्य नहीं होगा। परंतु, तेरे लिए यही मेरा एकमात्र लक्ष्य है, मेरे पुत्र।

मेरे अनुभव पर विचार कर, मेरे बेटे। क्या तू कार के बारे में सोच रहा है? तेरे पैदा होने से पहले ही मैंने कई कारें खरीदी और बेच दी। क्या तू पत्नी के बारे में सोच रहा है? मेरे विवाह को इतने दिन बीत चुके हैं जितनी तेरी आयु भी नहीं है। क्या तू शत्रुओं से निपटने के बारे में सोच रहा है? मेरे बहुत से शत्रु थे; मैं उनसे बच गया; मैं तेरी मदद कर सकता हूं। मैंने वह किया है जो तू नहीं जानता कि कैसे करना है। मुझ पर भरोसा रख। मैंने दर्द और परेशानी का अनुभव किया है, और मैं तुझे इन सब बातों से बचाना चाहता हूं।

मैं जितना तुझे जानता हूं, उस पर विचार कर। इससे पहले कि तूने यह जान लिया कि तू एक जीवित प्राणी है, मैं तेरा विश्लेषण कर रहा था। मैं तेरे जीवन के उन वर्षों की यादें संजोए हूं जिन्हें तू स्मरण भी नहीं कर सकता। मैं तेरे युवा हृदय के जुनून से प्रभावित नहीं हूं। तू अपनी युवावस्था के कारण इस समय कई तरह से खोया हुआ है, लेकिन मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूं कि तेरे लिए सबसे अच्छा क्या होगा। मैंने तुझे अलग-अलग परिस्थितियों में एक बच्चे के रूप में प्रतिक्रिया देते देखा है। और मैं तुझे तुझ से बेहतर जानता हूं। इसीलिए मुझे तेरी सहायता करने दे, मेरे पुत्र!

मेरी तटस्थता पर विचार कर। मैं किसी लड़की, कार, खिलौने, या अन्य मूर्खतापूर्ण गतिविधियों के जुनून से, जो तुझे मोहित करते हैं, अंधा नहीं हूं, और न ही प्रभावित हूं। मैं चीजों का निरीक्षण वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण रखकर करता हूं। मैं एक आवेगहीन दर्शक हूं, सिवाय इसके कि मैं तुझ से प्रेम करता हूं, और तेरी भलाई चाहता हूं। जो वासनाएं और साथियों का दबाव तुझे अक्सर नियंत्रित करते हैं, वे मुझ में नहीं हैं। मैं केवल वास्तविकताओं को देखता हूं और भविष्य में वे तुझे कैसे प्रभावित करेंगे इसका विश्लेषण करता हूं। यदि तू वस्तुनिष्ठ सलाह चाहता है, तो मेरी सम्मति और शिक्षा पर भरोसा रख।

मेरे पुत्र, मेरे आरंभ पर विचार कर। तूने मुझे नहीं चुना और न ही मैंने तुझे चुना है। हमारा बाप-बेटे का रिश्ता कहां से आया? परमेश्वर ने मुझे तेरा पिता होने के लिए करोड़ों पुरुषों में से चुना। परमेश्वर ने तुझे मेरा बेटा बनने के लिए चुना। यदि तू मुझ से चिढ़ता है, तो तू यहोवा परमेश्वर के चुने हुए पर चिढ़ रहा है। इस व्यवस्था में कोई संयोग नहीं था। धन्य और दयालु परमेश्वर जानता था कि तुझे महान बनने के लिए किन बातों की आवश्यकता होगी, और उसने मुझे उन चीजों को सीखने में मदद की ताकि अब मैं तेरी सहायता कर सकूं। परमेश्वर ने हमें एक साथ रखा, मेरे पुत्र।

मेरे पुत्र, मेरे धर्म पर विचार कर। मैं तेरा केवल जैविक पिता नहीं हूं। मैं परमप्रधान परमेश्वर का पुत्र भी हूं। मैं प्रभु यीशु मसीह का दास हूं। मैं तुझे स्वर्ग की बुद्धि की ओर ले जाने के लिए प्रभु के भय, मसीह के प्रेम और पवित्र शास्त्र के सत्य से बंधा हुआ हूं। तेरे लिए मेरे विचार परमेश्वर के वचन की बुनियाद पर आधारित हैं। तेरे लिए मेरे इरादे और मेरी सम्मति की विषयवस्तु परमेश्वर की प्रेरित बुद्धि पर आधारित है। मेरा धर्म ही एकमात्र सच्चा धर्म है, और जो कुछ मैं तुझ से कहता हूं और जो कुछ मैं तेरे लिए करता हूं, परमेश्वर उसे मापता है। मुझ पर भरोसा रख।

मसीही पिताओं, अपने पुत्रों को ये बातें बताओ और इन्हें समझने में उनकी सहायता करो। जब आप अपने पुत्र को ये सब बातें बताओं, तो उसके चुनाओं के विषय में गम्भीर चेतावनी दिए बिना उसे जाने मत दो – अर्थात्, आप से प्रेम रखते हुए आपकी आज्ञाओं का पालन करने के द्वारा बुद्धि और माता-पिता का आदर, या फिर आपकी बातों को ठुकराने के द्वारा शैतानी दुष्टता और माता-पिता का अनादर। उसे सब नतीजे ठीक ठीक समझाओं।

मसीही पिताओं, क्या आप शिक्षा और दपट दे रहे हैं? या आपका बेटा अपने पिता के पर्याप्त मार्गदर्शन के बिना जीवन में ठोकर ही खा रहा है? अच्छा होगा कि आप उसकी सहायता करें, नहीं तो आप उससे भी बड़ा मूर्ख ठहरेंगे, क्योंकि आप एक मूल्यवान जीवन को बलि पर चढ़ा रहे हैं, जिसे परमेश्वर यहोवा ने आप के हाथों में सौंपा है। उसे सम्भालों!

सिद्ध पिता केवल एक ही है, अर्थात् स्वर्ग का परमेश्वर। जो मनुष्य वास्तव में परमेश्वर का भय मानते हैं और उसके पुत्र यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं, उन्हें यह कहना चाहिए, “धन्यवाद, हे धन्य परमेश्वर, कि तू मेरा पिता है! मुझे क्षमा कर कि मैंने हर बार तेरी शिक्षा और तेरी फटकार को तुच्छ जाना, और अनादर किया।”

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