नीतिवचन 15:3
यहोवा की आँखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।
आप परमेश्वर की दृष्टि से कहाँ छिप सकते हैं? दाऊद न स्वर्ग में अपने आपको छिपा सका, न अधोलोक में, न समुद्र की दूर छोरों पर, और न अन्धकार में (भजन संहिता 139:7-12)। परमेश्वर सब कुछ देखने के लिए हर स्थान में उपस्थित है (यिर्मयाह 23:24; 32:19)। जैसा कि एक अन्यजाति स्त्री ने अपने लोकप्रिय गीत में झूठ कहा था, वह कहीं दूर बैठकर देखने वाला परमेश्वर नहीं है।
आप परमेश्वर की दृष्टि से क्या छिपा सकते हैं? दाऊद अपने विचारों, अपने स्वप्नों, यहाँ तक कि अपने अनकहे शब्दों को भी उससे छिपा न सका (भजन संहिता 139:1-6)। परमेश्वर आपके मन के विचारों और अभिप्रायों तक को पूरी रीति से जानता है (नीतिवचन 15:11; इब्रानियों 4:12-13)। आपके जीवन में ऐसी कोई बात नहीं, जिसे आप उससे छिपा सकें।
परमेश्वर किस बात को नज़रन्दाज करेगा, या किस बात को मान्यता देगा? यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है। उसकी आँखें आपके सारे कपट, पापों और बुरे विचारों को देखती हैं, और उनसे घृणा भी करती हैं (भजन संहिता 11:4; हबक्कूक 1:13)। आप दूसरों के सामने अपने पापों के लिए चाहे बहाने बना लें, या किसी और उपाय से मुँह मोड़ लें, परन्तु आप परमेश्वर को प्रभावित नहीं कर सकते।
आप कहीं भी जाएँ और कुछ भी छिपाने का यत्न करें, यहोवा सब कुछ देखता और जानता है। आपके सारे मार्ग उसकी सर्वदर्शी आँखों के सामने खुले और प्रकट हैं (नीतिवचन 5:21; अय्यूब 34:21-22; इब्रानियों 4:13)। यदि आपके जीवन में ऐसे गुप्त पाप हैं जिन्हें दूसरे नहीं जानते, तौभी वह उनमें से एक-एक को पूरी रीति से जानता है।
युवा पाठक, आपके बेडरूम में क्या छिपा हुआ है? परमेश्वर उसे देखता है, यह यह भी जानता है कि वह चीज़ आपके पास क्यों है, और उसी कारण वह आप को शापित ठहएगा। आकान ने चोरी की हुई वस्तुएँ अपने तम्बू में गाड़ दी थीं, परन्तु प्रभु ने उन्हें यहोशू पर प्रकट कर दिया, और उसी अपराध के कारण उसे और उसके परिवार को पथराव करके मार डाला गया और जला दिया गया (यहोशू 7:1-26)। आपके मन में क्या छिपा हुआ है? परमेश्वर उसे देखता है, और यदि आप मन न फिराएँ, तो वह आपको दण्ड देगा।
निश्चय जान लीजिए, आपका पाप आपको ढूँढ़ ही निकालेगा! परमेश्वर ने मूसा को ये बहुमूल्य वचन दिए थे (गिनती 32:23)। आप परमेश्वर से पाप को छिपा नहीं सकते। वह सब कुछ देखता और जानता है, और आपको उसका दण्ड भोगना पड़ेगा। प्रभु की आँखों का विचार आपको पवित्र भय से काँपने और पाप के हर विचार से घृणा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मनुष्यों ने अपने आप से यह झूठ कहा है कि परमेश्वर नहीं देखता (अय्यूब 22:13-14; भजन संहिता 10:11; 73:11; 94:7; यहेजकेल 8:12; 9:9)। प्रिय पाठक, ऐसी घातक मूर्खता के झांसे में न आएं, क्योंकि यह शैतान है, जो आपसे झूठ बोल रहा है। अपने आपको धोखा मत दो। यदि आपको यह मालूम हो कि कोई सिपाही या न्यायी आपको देख रहा है, तो आप अपराध करने का साहस भी नहीं करेंगे, फिर जब आप जानते हैं कि सबका न्यायी परमेश्वर आपको देख रहा है, तब पाप करने का विचार क्यों करें?
परमेश्वर आपके भले कामों को भी देखता है। आप गुप्त में जो एक भी प्रार्थना करते हैं, वह उससे छिपी नहीं रहती (मत्ती 6:1-8)। एक निर्धन विधवा का अपनी दो दमड़ियाँ भण्डार में चुपचाप डालना भी परमेश्वर से ओझल न रहा (लूका 21:1-4)। न्याय के उस महान दिन में आपके द्वारा किया हुआ हर भला काम स्मरण में लाया जाएगा, यहाँ तक कि वे काम भी, जिन्हें आप स्वयं भूल चुके हैं (सभोपदेशक 12:14; 2 कुरिन्थियों 5:10; मत्ती 25:31-40; इब्रानियों 6:10)।
परमेश्वर हर एक मनुष्य को देखता है, उन सभी आठ अरब मनुष्यों को भी। परन्तु उसकी आँखें उन थोड़े मनुष्यों को खोजती रहती हैं, जो उससे प्रेम करते और उसकी आज्ञा मानते हैं, और वह इस कारण उन्हें सामर्थ्यपूर्वक आशीष देगा (2 इतिहास 16:9)। यद्यपि वह अत्यन्त महान है, तौभी वह पृथ्वी पर अपने बच्चों को देखने के लिए अपने आपको झुकाता है (भजन संहिता 113:4-9)। यद्यपि वह पूर्ण रीति से पवित्र है, तौभी वह मनुष्य के पूरे जीवन और हृदय को देखकर कुछ दोषों को अनदेखा कर देता है (2 इतिहास 15:17; 1 राजा 15:3-5)।
मसीही स्त्री, आप अपने पति और बच्चों के लिए जो कुछ करती हैं, परमेश्वर वह सब देखता है। एक लम्बे दिन के अन्त में इस बात से अपने मन को सान्त्वना दीजिए कि आपका स्वर्गीय पिता देखता भी है और आपकी चिन्ता भी करता है। दूसरे लोग, यहाँ तक कि एक कठोर पति भी, आपको जो दुःख पहुँचाता है, वह उसे जानता है और उसका प्रतिकार करता है (मलाकी 2:13)। बेचारी हाजिरा की घटना को स्मरण कीजिए, प्रभु ने उसे देखा और उसकी बड़ी आवश्यकता की घड़ी में उसे बचाया (उत्पत्ति 16:1-14)।
मसीही भाई, वह आपके सब दुखों और क्लेशों को देखता है, इसलिए हर संकट में अपने मन को तसल्ली दीजिए। वह आपके आँसुओं को अपनी कुप्पी में रखता है और उन्हें अपनी पुस्तक में लिखता है (भजन संहिता 56:8; मलाकी 2:15)। वह आपको दूसरों के साथ अपने विषय में बातें करते हुए सुनता है, और इसी कारण आपका नाम लिख लेता है (मलाकी 3:16)। उसकी प्रबन्धकारी देखभाल के बिना एक गौरैया भी भूमि पर नहीं गिर सकती, और आप तो बहुत-सी गौरैयों से अधिक मूल्यवान हैं। आज उसी पर भरोसा रखिए।
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