नीतिवचन 13:6

धर्म खरी चाल चलनेवाले की रक्षा करता है, परन्तु दुष्टता पापी को उलट देती है।

जान लें कि आपका पाप आपको पकड़वाके ही रहेगा! यह चेतावनी सबसे पहले मूसा ने दीं थी, और राजा सुलैमान ने इसे इस नीतिवचन में दोहराया है (गिनती 32:23)। तुम पाप करके बच नहीं सकते। यह तुम्हें पकड़ लेगा और तुम्हें नष्ट कर देगा। पापी लोग निश्चय ही अधोगति में जा रहें हैं। वे अपने पाप में सफल नहीं हो सकते। उन्हें कष्ट होगा। वे सोचते हैं कि वे सही हैं, परन्तु वे मृत्यु की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं (नीतिवचन 14:12; 16:25)। परन्तु खरी चाल धर्मपरायण मनुष्य को उस विनाश से बचाएगी जिससे पापी अपनी मूर्खता के कारण नाश हो जाता है।

धार्मिकता वह करना है जो परमेश्वर की दृष्टि में सही और उसे प्रसन्न करनेवाला है (व्यवस्थाविवरण 6:25; भजन 45:7)। इसका आपकी आदतों, प्राथमिकताओं या परंपराओं से कोई लेना-देना नहीं है। परमेश्वर को इसकी परवाह नहीं है कि मानव हक़, पशु हक़, स्त्री-हक़ के आन्दोलन करनेवाले किसी भी विषय पर क्या सोचते हैं (यशायाह 8:20; 1 तीमु 4:7)। धर्मपरायण मनुष्य अपनी चाल में खरा होता है – वह जीवन भर वही करता है जो सही है। परमेश्वर उन्हें उन संकटों और विनाश से, जो पापियों पर आतें हैं, बचाकर उनकी खरी चाल का सम्मान करता है।

दुष्टता परमेश्वर को मानने से इनकार करना और चीजों को अपने तरीके से करना है। यह मूर्खतापूर्ण रवैया आपको तीन तरह से नुकसान पहुंचाएगा – (1) वर्तमान समय में बेकार का जीवन, (2) अभी परमेश्वर का दण्ड, और फिर (3) अनन्तकाल की पीड़ा। परमेश्वर से डरो और उसकी आज्ञाओं का पालन करो (सभो 12:13-14)। सुलैमान ने चेतावनी दी कि पाप से भरी जीवनशैली विनाश ही लाती है (नीतिवचन 3:33; 11:3-6,19; 12:7; 13:20; 14:11,34)।

लूत स्वर्ग में तो गया। वह एक धर्मी मनुष्य था (2 पतरस 2:7-8)। लेकिन इस संसार के साथ समझौता करना उसे यहाँ पृथ्वी पर बहुत महंगा पड़ा। उसका सारा जीवन दुःख और पीड़ा से भरा था। उसने सब कुछ खो दिया। उनके परिवार की दुर्दशा दुखद और भयानक हुई। सदोम से मित्रता ने उसके परिवार को बर्बाद कर दिया। उसके पाप ने उसके जीवन को नष्ट कर दिया, जबकि धार्मिकता की खरी चाल ने अब्राहम को बहुत सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखा।

यूसुफ और दाऊद दोनों पर व्यभिचार की परीक्षा आई। यूसुफ ने धर्म को चुना, इसलिये यहोवा परमेश्वर ने उसे मिस्र में ऊंचा किया। परन्तु दाऊद ने दुष्टता को चुना, इसलिये यहोवा परमेश्वर ने उसके विरूद्ध शत्रु खड़े कर दिए (2 शमू 12:10-11)। उसने बतशेबा से विवाह किया और सुलैमान को जन्म दिया, लेकिन परमेश्वर ने उसे जीवन भर ताड़ना दी। आप जो बोओगे वही काटोगे (नीतिवचन 15:9; भजन 34:12-16)।

एक धनवान मनुष्य लापरवाही और ऐय्याशी का जीवन जी रहा था – पाप से खेल रहा था। एक निराश्रित भिखारी उस धनवान मनुष्य के थोड़े से बचे-कुचे खाने के टुकड़ों पर जी रहा था और आराम की चाह में उसके द्वार पर कष्ट सह रहा था। पाप ने अंततः धनवान मनुष्य को उखाड़ फेंका, और वह मृत्यु के तुरन्त पश्चात् नरक में गया। परन्तु परमेश्वर के दूत उस धर्मी भिखारी को सदा के लिये स्वर्ग में ले गए (लूका 16:19-31)।

पाठक, आप इस लेख को पढने के बाद क्या चुनाव करेंगे? क्या आप खरी चाल चलने का फैसला लेंगे या दुष्टता में बने रहने का? क्या आप अपने जीवन में कहीं समझौता कर रहे हैं? क्या आप संसार का आनंद लेते हैं? यदि आप दुष्टता को चुनते हैं, तो आपका भविष्य अंधकारमय है और कोई आशा नहीं। जान लें कि आपका पाप आपको पकड़वा के ही रहेगा। यदि आप खरी चाल चलने का चुनाव करते हैं तो निश्चित ही आपका भविष्य उज्ज्वल और गौरवशाली है।

नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।