नीतिवचन 12:3

दुष्टता से मनुष्य स्थापित न किया जाएगा, परन्तु धर्मियों की जड़ उखाड़ी न जाएगी। (केजेवी)

जीवन परिवर्तनों से भरा है। बहुत कम है जो दृढ़ और स्थाई हैं। बदलाव विध्वंसकारक और भयावह हो सकता है। परंतु धर्मियों की जड़ गहरी होती है जिससे उनका वंश भविष्य के लिए सुरक्षित हो जाता है। दुष्टता का जीवन लोकप्रिय है, परंतु वह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा, क्योंकि परमेश्वर ऐसे मनुष्यों का और उनके घरानों का विनाश कर देगा।

यह सबक सरल है : धर्मीजन और उनका वंश दुष्ट मनुष्यों और उनके वंश से अधिक समय जीवित रहेंगे। कुछ समय के लिए शायद ऐसा दिखाई न दे, परंतु यह जल्द ही सत्य प्रमाणित होगा। परमेश्वर और सुलैमान ने यहां आपको एक सूत्र दिया जो अटल सत्य है; और इस पर बल देने के लिए उन्होंने इसे बार-बार दोहराया (नीति 2:21-22; 10:25, 30; 12:19; 24:3)।

प्रत्येक मनुष्य, स्त्री, और परिवार स्थाई और कामयाब होना चाहता है। लोग भविष्य में सुरक्षित जड़ और समृद्ध बनना चाहते हैं। लोग समय के साथ-साथ उन्नति और बढ़ोतरी करना चाहते हैं। परंतु किसी भी प्रकार की दुष्टता, जो बनी रहती है, व्यक्ति और घराने को सडा देगी और मिटा देगी। भक्तिमानता ही मनुष्य को या उसके घराने को स्थाई रूप से सुरक्षित और स्थापित कर सकती है।

सुलैमान ने इसे प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस्राएल का पहला राजा बिन्यामिनी गोत्र का शाऊल था। यद्यपि वह मनुष्यों में बाहुबली था, और एक पूरा देश उसके पीछे खड़ा था, तथा युद्ध में अपराजित था, फिर भी परमेश्वर ने आज्ञा का उल्लंघन करने के उसके अपराध के कारण उस से राज्य लेकर उसे यहूदा वंश के दाऊद को दे दिया। शाऊल और उसका घराना, यहां तक कि राजकुमार योनातान भी हमेशा के लिए मिट गए। दाऊद के घराने का क्या हुआ? उसका पुत्र यीशु आज दाऊद के सिंहासन पर विराजमान है, दाऊद की मृत्यु के 3000 वर्ष के बाद भी। इस नीतिवचन को समझो और इसमें आनंद करों।

आपके और आपके घराने के लिए क्या सम्भावना है? यदि आपके या आपके परिवार के जीवन में पाप है, तो परमेश्वर आपको या आपके साथ-साथ आपके समस्त घराने की जड़ को उखाड़ फेकेगा और नष्ट कर देगा। धर्मी परमेश्वर धार्मिकता को आशीष देता और सम्मानित करता है। परंतु जो हठीला है उसके साथ वह भी हठीला व्यवहार करेगा (भजन 18:20-26)। चुनाव आपको करना है, और यह चुनाव आप रोज ही करते हैं। आपका भविष्य क्या है? आज का आपका चुनाव इसे तय करेगा।

अब्राहम और लूत ने चुनाव किए। लूत ने सदोम की ओर अपना डेरा बनाकर पवित्रता के ऊपर आर्थिक लाभों को चुना। अब्राहम ने शांति और बचा हुआ भाग चुना। परंतु नतीजा क्या हुआ? लूत ने सब कुछ गवां दिया और अपनी दो चरित्रहीन और गर्भवती बेटियों के साथ गुफा में रहने लगा। अब्राहम को अंत में इस्राएल और यीशु मसीह का धनवान पिता बनने का सम्मान मिला। कितना फर्क है!

एली इस्राएल का महायाजक था। उसका घराना हमेशा के लिए याजकों का घराना बन सकता था। परंतु उसने अपने मानसिक रूप से विकृत पुत्रों पर कोई पाबंदियां नहीं लगाई। प्रभु परमेश्वर ने क्या कहा? “क्योंकि मैं तो उसको यह कहकर जता चुका हूँ, कि मैं उस अधर्म के कारण जिसे वह जानता है, सदा के लिए उसके घर का न्याय करूँगा; क्योंकि उसके पुत्र आप शापित हुए हैं, और उसने उन्हें नहीं रोका” (1 शमू 3:13; 2:27-36; 3:1-18)। यदि आप शुरुआत से ही इतने सक्रिय और अनुशासित पिता नहीं हैं कि अपने परिवार को आज्ञा दे सके और उन पर भक्ति के जीवन का अनुशासन लगाए, तो आप विनाश के मार्ग पर हैं।

दाऊद यिशै का आठवां पुत्र था जिसकी उपेक्षा की जा रही थी; परंतु परमेश्वर ने शाऊल राजा को उखाड़ के फेंक दिया और दाऊद तथा उसके पुत्रों को इस्राएल के राजघराने के रूप में स्थापित किया। आज उसका पुत्र, अर्थात् प्रभु यीशु मसीह, विश्व के सिंहासन पर राज्य करता है। परमेश्वर ने दाऊद से कहा “वरन् तेरा घराना और तेरा राज्य मेरे सामने सदा अटल बना रहेगा; तेरी गद्दी सदैव बनी रहेगी” (2 शमू 7:16)।

दाऊद ने लिखा, “मैं ने दुष्ट को बड़ा पराक्रमी और ऐसा फैलता हुआ देखा, जैसा कोई हरा पेड़ अपने निज भूमि में फैलता है। परन्तु जब कोई उधर से गया तो देखा कि वह वहाँ है ही नहीं; और मैं ने भी उसे ढूँढ़ा, परन्तु कहीं न पाया” (भजन 37:35-36)। सिकंदर महान ने सोचा कि वह अजेय था, परंतु वह मात्र 32 वर्ष की आयु में मर गया; और अगले कुछ ही वर्षों के पश्चात एक-एक करके उसके प्रत्येक रिश्तेदार और वंशज की मृत्यु हुई। परमेश्वर ने उसकी जड़ को इस धरती से ही उखाड़ कर फेंक दिया। हिटलर और उसके जैसे कई राजनेताओं ने अपने और अपने घरानों के लिए राजनीति के विश्व में एक सुनहरे भविष्य की आशा की। वे आज कहां हैं?

दुष्ट जन रियासत की योजना बनाते हैं, परंतु परमेश्वर उनका नाश कर देगा। धर्मी मनुष्य कमज़ोर नज़र आता है, परंतु परमेश्वर उसके घराने को और उसके वंश को युगानुयुग के लिए सुरक्षित करेगा और स्थापित करेगा। क्या आप जीवन के इस नियम पर विश्वास करते हैं? “वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा। वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है। उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिये वह न डरेगा, वरन् अपने शत्रुओं पर दृष्टि करके सन्तुष्ट होगा” (भजन 112:6-8)।

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