नीतिवचन 11:8

धर्मी विपत्ति से छुड़ाया जाता है, परन्तु दुष्ट उसी के स्थान पर विपत्ति में पड़ जाता है।

तुम्हारें स्थान पर दुष्टों को विपत्ति में पड़ने दो! ठीक है? जब आप धार्मिकता का जीवन जीते हैं, परमेश्वर आपको हर विपत्ति से बचाएगा और दुष्टों को दण्ड देगा। वह धार्मिकता का जीवन जीने वालों की रक्षा करता है और दुष्टों का उनके स्थान पर दण्ड देता है, इस प्रकार वह मनुष्यों मनुष्यों के फ़र्क करता है। अद्भुत!

धर्मी के लिये फल है (भजन 58:11)। परमेश्वर उसे विपत्ति से बचाता है, और दुष्टों को उसके स्थान पर रख देता है। जब धर्मी को विपत्ति से बचाया जाता है, तो परमेश्वर उसी विपत्ति और दंड को दुष्टों की ओर फेर देता है (नीतिवचन 24:15-16)। यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है, और वह उसके लिये दुष्टों को बलिदान करता है (नीतिवचन 21:18)। अद्भुत!

सबक क्या है? परमेश्वर अपनी आज्ञा माननेवालों को आशीष देता है और उन पर अपनी कृपादृष्टि रखता है, और जो उसकी आज्ञा को नहीं मानते उनका वह न्याय करके उन्हें दण्ड देता है। यदि आप परमेश्वर की ओर से हैं, तो वह आपकी रक्षा करेगा और आपको समृद्ध करेगा, लेकिन वह अपने शत्रुओं से बैर रखता और उनका नाश कर देता है। यह बाइबल का परमेश्वर है, जिसे अधिकांश लोग नहीं जानते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको उसके लिए एक धर्मनिष्ठ जीवन जीने के लिए कायल किया गया है।

धर्मियों पर कोई विपत्ति नहीं आएगी ऐसा यहोवा ने वादा नहीं किया है, बल्कि उसने उन्हें उन विपत्तियों से छुड़ाने का वादा किया है (अय्यूब 5:17-27; भजन 34:4-7,17-19; 50:14-15; 66:12 ;91:14-16)। आप याकूब, यूसुफ, दाऊद, अय्यूब, दानिय्येल, पौलुस और अन्य कई धर्मियों को उनकी विपत्तियों से बाहर निकलते हुए देख सकते हैं (उत्पत्ति 39:1-3; 48:15-16; 2 शमू 22:1; अय्यूब 42:10-17; दानिय्येल 1:17-21; 1 तीमु 4:17)।

यह नीतिवचन सिखाता है कि परमेश्वर कैसे अपने विधि-विधान में नियति को उलटकर धर्मी के स्थान पर दुष्ट को रख देता है। धर्मी लोग अक्सर खुद को निराशाजनक स्थिति में पाते हैं, किन्तु यह उनकी आत्मिक उन्नति के लिए परमेश्वर के विधान के अनुसार ही होता है। और दुष्ट कभी-कभी उनकी विपत्तियों में उन्हें सताने में शामिल होते हैं, लेकिन फिर परमेश्वर बाज़ी उलट देता है और दुष्टों को विनाश के हवाले कर देता है।

फिरौन और मिस्र के लोगों ने सोचा कि वे अपने राष्ट्र में रहने वाले इस्राएलियों का शोषण कर सकते हैं। उसने उनके बच्चों को मारने की कोशिश की; उसने बिना किसी मुआवज़े के उनसे कठोर परिश्रम करवाया; उसने मूसा और मूसा के परमेश्वर का उपहास किया। तब क्या हुआ? परमेश्वर इस्राएल को कनान देश में ले गया, नाना प्रकार की विपत्तियों से मिस्र को तबाह कर दिया, फिरौन के पहिलौटे और हर मिस्री परिवार के पहिलौटे को मार डाला, इस्राएल के बकाया भुगतान के लिए उस राष्ट्र की संपत्ति जब्त करा ली और उसकी सेना को लाल सागर में डुबो दिया। अद्भुत!

हामान ने अपनी नफ़रत के कारण मोर्दकै को पचास हाथ ऊँचे फाँसी के खम्भे पर लटकाने की साजिश रची, जिसे उसने इसी उद्देश्य के लिए खड़ा किया था, लेकिन परमेश्वर ने मोर्दकै को बचा लिया, और हामान को उसके स्थान पर फाँसी पर लटका दिया गया (एस्तेर 7:9-10)। उस खम्भे पर मोर्दकै की गर्दन के के स्थान पर हामान की गर्दन लटक रही थी। भाग्य के इस उलटफेर पर समझदार ख्रिश्चनों ने सदियों से मुस्कुराहट के साथ खुशी मनाई है। लेकिन कहानी इतने पर ख़त्म नहीं हुई; फाँसी पर चढ़ने से पहले, हामान को मज़बूर किया गया कि वह विशेष सम्मान के साथ सड़कों पर मोर्दकै की शोभायात्रा निकाले।

दारा राजा के शासनकाल में दुष्ट मादियों ने साजिश रची और दानिय्येल को परमेश्वर में विश्वास और दैनिक प्रार्थना के अपराध में शेरों की मांद में डलवा दिया। लेकिन उन्हीं शेरों ने उन्हें उनके बाल-बच्चों समेत फाड़ डाला और खा लिया, जिनकी पिछली रात को दानिय्येल को खाने में कोई दिलचस्पी नहीं थी (दानिय्येल 6:24)। इसे हिंसक षडयंत्र को उलट देना कहा जाता है जो दुष्टों के परिवारों के लिए बिल्कुल उचित दण्ड है।

नबूकदनेस्सर के सर्वश्रेष्ठ सैनिकों को उसी आग की लपटों से जिंदा जला दिया गया जो उन्होंने दानिय्येल के तीन मित्रों के लिए तैयार की थी (दानिय्येल 3:22)। उन्हें भयानक मृत्युदंड देने के लिए उन्होंने अपनी भट्टी को अत्यधिक गर्म करवाया, और बाज़ी ऐसे पलट गई कि वे ही उस अति तप्त भट्टी में जलकर मर गएँ, जबकि उसी भट्टी में उन तीनों का एक बाल भी बांका नहीं हुआ था। दानिय्येल के तीन मित्रों ने ठान लिया था कि वे झूठे धर्म में के आगे अपना सिर नहीं झुकाएंगे, और इस कारण परमेश्वर ने उन्हें बचा लिया।

जब हमारे प्रभु ने पतरस को बड़ी महिमा से जेल से छुड़ाया तब उसके स्थान पर सोलह रोमन सैनिक मारे गए (प्रेरितों 12:18-19)। परमेश्वर के दूत ने रात में आकर पतरस को जगाया और उसे अगले दिन उसकी योजनाबद्ध फांसी से बचा लिया, लेकिन रोमी सरकार के प्रति वफादार मूर्ख सैनिक उसके स्थान पर मर गए। यह नीतिवचन बिल्कुल सच है। क्या आप धर्मी लोगों में से हैं?

धर्मी लोग परमेश्वर के प्रेम के कारण इतने अनमोल हैं कि वह ख़ुशी से उनके लिए दुष्टों का बलिदान कर देगा (यशा 43:3-4)। इस्राएलियों को यकीन हो गया था कि जब फिरौन की सेनाओं ने उन्हें लाल सागर के सामने घेर लिया था वे अब सब मारे डाले जाएंगे (निर्गमन 14:10-12), लेकिन यहोवा परमेश्वर ने अपनी बड़ी महिमा में उन्हें इस विपत्ति से बचाया और फिरौन की सेना को ही लाल सागर में डुबो दिया (निर्गमन 14:21-31)। इस नीतिवचन के पुरे हो जाने के प्रकाश में, इस्राएल के उत्सव गीत और नृत्य पर विचार करें (निर्गमन 15:1-21)। अद्भुत!

क्रूर पत्नी पनिन्ना जिसके बच्चें थे, वह हन्ना को उसके बांझपण के कारण सताया करती थी (1 शमू 1:1-6)। परन्तु परमेश्वर ने हन्ना की सुधि ली और उसके पति के मन में प्रेम को उभारा, और उसने अपने पहले बच्चे शमूएल समेत और पांच बच्चों को जन्म दिया (1 शमू 1:7-8,19-28; 2:21)। पनिन्ना जो अब जान चूँकि थी कि उसका पति हन्ना से कहीं अधिक प्रेम करने लगा है, कि इस्राएल में सबसे महान व्यक्ति हन्ना का बेटा था, उसने अपने दिन गुज़ारे, और वह प्रतिदिन हन्ना के अन्य पांच खुश बच्चों को देखती और उनकी आवाज सुनती थी।

शाऊल ने दाऊद को बुरी तरह सताया, और अपनी बड़ी सेना के साथ इस्राएल के जंगलों में उसका पीछा किया, जहाँ दाऊद लगातार अपने जीवन के लिए डरकर छिप जाया करता था। तौभी यहोवा ने अपने धर्मी सेवक दाऊद को बचाने के लिये इस्राएल से युद्ध करने पलिश्तियों को खड़ा किया (1 शमू 23:19-29)। क्या आप शाऊल जैसी मृत्यु मरना चाहेंगे (1 शमू 31:1-13), या दाऊद जैसी मृत्यु मरना चाहेंगे (2 शमू 23:1-5)?

यीशु मसीह को धोखे से पकड़वाया गया, उसे सताया गया, उस पर झूठा आरोप लगाया गया, उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और अंत में आम चोरों के बीच सूली पर चढ़ा दिया गया। फिर भी उसे मृत्यु से छुड़ाकर परमेश्वर के दाहिने हाथ पर ऊँचा किया गया, और उसके शत्रुओं का भयानक रीति से विनाश किया गया (मत्ती 21:33-46; 22:1-7; लूका 19:27)। केवल एक धर्मी मनुष्य की मृत्यु के कारण, यरूशलेम की घेराबंदी कर दस लाख से अधिक यहूदियों को भूखा रखकर मार दिया गया।

मसिहत के शत्रु धर्मी मसीहियों को दो हजार वर्षों से सताते आ रहें हैं और उन्हें परेशान करते आ रहें है, लेकिन उनका परमेश्वर जल्द ही बाज़ी को उलटने आ रहा है, जब नियति में अनंतकाल के लिए एक बड़ा उलटफेर होगा (2 थिस्स 1:3-10; प्रकाशितवाक्य 6:9-17) )। उनके शत्रुओं की अनन्त पीड़ा का धुआँ एक अनुस्मारक के रूप में स्वर्ग की ओर युगानुयुग उठता रहेगा (प्रकाशितवाक्य 14:10-12)।

धर्मी के लिए फल है। दुष्टों की समृद्धि या उनके द्वारा किए जानेवाले उत्पीड़न से घबराने की ज़रूरत नहीं है। उन्हें नहीं दिखता कि उनका समय आ रहा है, परन्तु धर्मी लोग देख सकते हैं। यहोवा इस बात पर हँसता है कि वह दुष्टों के साथ क्या करेगा (भजन 2:1-12; 37:12-13), और धर्मी को उसके साथ हँसना चाहिए (भजन 52:1-7; 58:6-11)। क्या आप धर्मी लोगों में से हैं?

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