नीतिवचन 11:16
अनुग्रह करनेवाली स्त्री प्रतिष्ठा नहीं खोती है, और उग्र लोग धन को नहीं खोते।
यहाँ सबसे अच्छे नीतिवचनों में से एक है। इसमें स्त्रियों के लिए महान बनने का एक सरल नियम है, और पुरुषों के लिए भी महान बनने का एक सरल नियम है, और वह भी बस कुछ ही शब्दों में। यदि आप नीतिवचनों को उनकी संक्षिप्तता, बुद्धि, मूल्य और स्पष्टता के आधार पर श्रेणीबद्ध करते हैं, तो यह एक सर्वश्रेष्ठ नीतिवचन है। इन दस शब्दों और उनमें दी गई बुद्धि से प्रेम रखें।
प्रिय स्त्रियों, क्या दूसरे आपसे प्रेम करते हैं और आपकी प्रतिष्ठा करते हैं? अगर ऐसा है तो आप अनुग्रह करनेवाली स्त्री हैं। यदि वे नहीं करते, तो आप एक घिनौनी स्त्री हैं (नीतिवचन 30:21-23)। यह नियम बिलकुल सरल है। एक अच्छा नाम पाने के लिए और दूसरों का प्रेमपूर्ण अनुग्रह प्राप्त करने के लिए, आपको खुद अनुग्रह करनेवाली सीखना और लगन से इसे अपने नित्य आचरण में लाने की आवश्यकता है (नीतिवचन 22:1,11)।
आपके अनुग्रहपूर्ण स्वभाव के कारण लोग आपसे प्रेम करेंगे और आपका सम्मान करेंगे। वे आपको एक चाहनेयोग्य स्त्री के रूप में चिन्हित करेंगे, आपकी संगति का आनंद लेंगे, आपकी मित्रता के लिए तरसेंगे, आपके भावनात्मक गुण के लिए आपकी प्रशंसा करेंगे, और जब भी किसी सद्गुणी स्त्री की मिसाल देनी हो तो वे आपकी ही मिसाल देंगे। अनुग्रह-शीलता की कमी इन लक्षणों को आपसे दूर रखेगी। नियम सरल है।
प्रिय मसीही पुरुषों, क्या बीतें वर्षों में आपकी संपत्ति में इज़ाफा हुआ है? अगर हाँ, तो आप उग्र हैं। अगर नहीं, तो आप कमज़ोर हैं। नियम सरल है। यदि आप आर्थिक स्थिति में बेहतर उन्नति करना चाहते हैं तो आपको अपनी वित्तीय कमजोरियों को ठीक करने की आवश्यकता है, और वे नीतियां नीतिवचन की इस पुस्तक में सिखाई गई हैं (नीतिवचन 12:11; 13:4; 21:20)।
ताकत या उग्रता मनुष्य को पैसे बर्बाद करने और खो देने के प्रलोभनों से बचाती है। एक बलवान (उग्र) मनुष्य इतना भी कमज़ोर या भेद्य नहीं होता कि आर्थिक मूर्खता उस पर हमला कर सके। यह कमज़ोरी ही है जो पुरुषों को बहुत अधिक खर्च करने, अपने घमंड भरे जोश का पीछा करने, बचत की उपेक्षा करने और नुकसान पहुंचाने वाले मूर्खतापूर्ण विचारों के पीछे भागने का कारण बनती है। यह नियम बिलकुल सरल है।
यदि आप अपने जीवन का परिक्षण किये बिना ही जल्दबाज़ी में इस नीतिवचन को और इसकी शिक्षा को पढ़ते हैं, तो आप मूर्ख, विद्रोही और अहंकारी हैं। यह परमेश्वर का पवित्र वचन है! यदि आप अपने पौरुष्य के नियमों में विफल होते हैं, तो आपको यहां दी गई बुद्धि का अनुसरण करने के लिए जो भी बदलाव करने की आवश्यकता है, उन्हें अवश्य करना चाहिए। यह परमेश्वर का पवित्र वचन है!
प्रिय पाठक, स्त्री वह सुन्दर और अद्भुत व्यक्ति है जिसे परमेश्वर ने आदम के लिए बनाया (उत्प. 2:18)। जब उसका चाल-चलन अच्छा होता है, तब वह उसकी सबसे वांछनीय मुकुट बन जाती है (नीत 12:4; 18:22; 19:14)। अगर दुराचारी हो, वह मृत्यु से भी अधिक कड़वी बन जाती है (सभोपदेशक 7:26), संसार उसे सह नहीं सकता (नीतिवचन 30:21-23), और उसकी दुर्गंध छिप नहीं सकती (नीतिवचन 27:15-16)। एक घिनौनी स्त्री को सुन्दरता भी ढाँप नहीं सकती (नीतिवचन 11:22), इसलिए यदि स्त्री सुन्दर भी हो, परन्तु वह अनुग्रह करनेवाली न हो, तो वह मानवता के लिए भयानक पीड़ा है।
अनुग्रह करनेवाली स्त्री को ” प्रियकर व्यक्ति” कहा जाता है। उसका जोशीला और कोमल गुण दूसरों को जीत लेता है। वह कभी किसी को चोट नहीं पहुंचाती, और न अकड़बाज़ होती है , वह हमेशा विवेकशील और सुशील होती है, और हर तरह से खुशमिज़ाज और आकर्षक होती है। वह कभी भी असहमत या आलोचनात्मक नहीं होती। वह हमेशा दयालु होती है और दूसरों को सुरक्षित और अपनापन महसूस कराती है। यह स्त्री कभी भी कठोर, सुस्त या तनावपूर्ण नहीं होती।
उसे अपने बारे में कोई अभिमानी विचार नहीं है और वह अपने अनुग्रहपूर्ण सद्गुण ढिंढोरा नहीं पिटती। वह अपने सम्भाषण को अनुग्रहपूर्ण और कोमल शब्दों तक सीमित करती है, और वह उन्हें केवल तब ही बोलती है जब वे अभिप्रायपूर्ण मूल्य जोड़ते हैं। वह आज्ञाकारी और खुशमिजाज होती है। वह कभी नहीं सोचती कि उसके सही आचरण के लिए कोई उसका कर्ज़दार है। वह एक अच्छी सत्कारिणी है और कभी ऐसा कुछ भी नहीं करती जिससे किसी का दिल टूटे। वह अति उत्तम है। वह प्रत्येक स्त्री जो समझदार है इस सद्गुण की समस्त विषयवस्तु को सीख लेगी और ऐसी ही स्त्री बनने की धुन में रहेगी।
घिनौनी औरत इसके बिलकुल विपरीत होती है। उसका अक्खड़ और आक्रामक व्यवहार दूसरों को चिढ़ा देता है। वह अभिमानी, अविवेकपूर्ण और हर तरह से चिढ़ाने वाली होती है। वह हर किसी से, खासकर अपने पति से, अक्सर असहमत होती है और अक्सर अपनी राय देना चाहती है। वह अपनी उपस्थिति से दूसरों को असहज कर देती है। इस महिला में कोई गर्मजोशी और सुखदता नहीं है। ज्यादातर सभी उससे बचते हैं। बुद्धिमान स्त्रियाँ इस जीव से घृणा करेंगी, और कभी उसके जैसा नहीं बनना चाहेंगी।
एक स्त्री की प्रतिष्ठा दूसरों से मिलनेवाला सम्मान और आदर है। उसके परिवार या पति की उसके विषय में राय बहुत कम मायने रखती है। बाहर के भले पुरुष और भली स्त्रियाँ उसके बारे में क्या सोचते हैं? यहाँ नियम है। क्या वे उसकी संगति को संजोते हैं? क्या वे एक सदाचारी स्त्री के रूप में उसका उदाहरण देते हैं? क्या वे उसकी प्रशंसा करते हैं? क्या वे उससे मिलते ही उससे प्रेम करने लगते हैं और वह भी स्थायी रूप से? पवित्र और सद्गुणी स्त्री का यही लक्ष्य होता है।
अनुग्रहपूर्णता का गुण प्रतिष्ठा पाता है और उस प्रतिष्ठा को कायम रखता है। नियम सरल है। अनुग्रह करनेवाली स्त्रियों का हमेशा सम्मान होता है। यदि आप को दूसरों से अत्यधिक सम्मान नहीं मिलता है, तो आपमें अनुग्रह की कमी है। ऐसे में अवश्य है कि आप परमेश्वर के वचन के दर्पण में अपने इस घिनौने रूप को देखें, उसकी पहचान करें और उसे ढँक दें (याकूब 1:21-25)।
यह सोचकर अपने आप को धोखा न दें कि आप दयालु हैं, क्योंकि इसे केवल दूसरे ही इस आधार पर माप सकते हैं कि आप उनके दिल और दिमाग पर क्या छाप डालती हैं। आप इसे अपनी सहेलियों की संख्या, वे चरित्र में कैसी हैं, आपके प्रति उनका स्नेह और घनिष्ठता से जान सकती हैं। अपने ग़ुरूर और आत्म-धार्मिकता में मत भागो और न छिपाओ।
प्रिय क्रिश्चन स्त्रियों, परमेश्वर का वचन और नीतिवचन की यह पुस्तक आपको अनुग्रह के विषय में और भी बहुत कुछ सिखा सकती है। यदि आप विनम्रतापूर्वक प्रभु को खोजती हैं, तो वह आपको दाऊद और यीशु के इस शानदार चरित्र-गुण को अपने में विकसित करने के लिए बुद्धि और शक्ति देगा (नीत 22:11; 1 शमूएल 18:1-4; भजन 45:2; लूक 4:22)।
पुरुष के विषय में क्या? परमेश्वर ने उसे पृथ्वी पर अधिकार दिया कि वह उस पर राज करे (उत्पत्ति 1:26; 2:15; 3:17-19)। अपने अधिकार के स्थान का उपयोग कर वह अपने परिवार के लिए संपत्ति अर्जित करने के लिए मेहनत करता है (नीतिवचन 19:14; इफि 4:28; 1 थिस 4:11-12; 1 तीमु 5:8)। एक बलवान और उग्र मर्द अच्छी कमाई करने के लिए हर दिन कड़ी मेहनत करता है (नीतिवचन 10:4; 21:5), और वह अपने पोते-पोतियों के लिए विरासत छोड़ जाता है (नीतिवचन 13:22)।
उग्रता वह शक्ति है जिससे मर्द चीजों को करता है, और बल वह है जिससे वह आक्रमणों का प्रतिकार करता है। एक बलवान मर्द में बुद्धिमानीपूर्ण चुनाव करने, सही काम करने और प्रलोभनों का विरोध करने की क्षमता होती है। वह रुपयों के सम्बन्ध में अपनी भावनाओं को क़ाबू करने में सक्षम होता है (नीतिवचन 16:32)। वह आनेवाली विपत्ति को देख सकता है और पहले ही बुद्धिमत्तापूर्ण उपायों का प्रबंध कर उससे बचने में सक्षम है (नीतिवचन 22:3)। वह अन्य पुरुषों के समान कठिन कार्यों से भयभीत नहीं होता (नीतिवचन 20:4; 22:13)।
आर्थिक रूप से सोचें। एक बलवान मर्द व्यर्थ की आर्थिक योजनाओं के झांसे में नहीं आता है। वह अनुशासित है। वह धैर्यवान है। वह दृढ़ है। वह एक उबाऊ काम में कड़ी मेहनत करता है और सपनों के पीछे भागकर अपनी कीमती पूंजी बर्बाद नहीं करता। वह आसान आय या उच्च-लाभ वाले निवेशों के बारे में सभी बातों को खारिज कर देता है। वह जानता है कि वृद्धि परिश्रम से होती है। वह आसानी से विचलित नहीं होता है।
इस पढ़ें और इसपर विचार करें। ज़रूरत पड़ने पर वह खर्च को रोक देता है। यदि आवश्यक हो तो वह दो काम करता है। वह अपने लिए भी खर्चा नहीं करता। उसे जोखिम से नफरत है; इससे पहले कि घाटा उसे चोट पहुँचाए, वह खर्चों में कटौती करता है; और वह सुरक्षित चीजों में निवेश करता है। वह नितांत ईमानदार होता है। वह अपने सभी करों का भुगतान करता है। वह घराने की मिल्कीयत बनाने वित्तीय लाभ के लिए अपनी पत्नी और परिवार का विवेकपूर्ण उपयोग करना जानता है।
एक कमज़ोर पुरुष इन कामों को नहीं कर सकता, क्योंकि वह आर्थिक मूर्खता का शिकार बन जाता है। वह बेकार की योजनाओं को सुनता है। वह सोचता है कि सफलता के लिए शॉर्टकट रास्तें हैं। वह खर्च करना रोक नहीं सकता, क्योंकि वह बहुत कमज़ोर है। वह बचत नहीं करता, क्योंकि वह हमेशा खरीदने के लिए कोई न कोई वस्तु ढूंढ़ता ही है। उसकी जेब में पैसा जलता है। वह जोखिम उठाता है; वह लम्बे समय तक घाटे के सौदे करता रहता है; वह घाटे की योजनाओं में पैसा निवेश करता है। वह सपनों के पीछे भागता है। वह लहरी है, और अपनी दृष्टि को दीर्घकालिक लक्ष्य पर टिकाकर नहीं रख सकता।
बल धन की रक्षा करेगा, उसे संभालकर रखेगा। बलवान मर्दों के पास अंत में बहुत संपत्ति होगी। कई पुरुष अपने जीवन के दौरान बहुत पैसा कमाते हैं, लेकिन इनमें से बहुतों के पास अंत में कुछ नहीं होता है। धन को बर्बाद होने देना एक कमज़ोर चरित्र की निशानी है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की एमबीए की डिग्री की तुलना में नीतिवचन की पुस्तक में अधिक वित्तीय बुद्धि है। क्या आपने इस पुस्तक में निहित बुद्धि को सीखा है? क्या आपने उसकी बुद्धि का व्यवहारिक लागुकरण किया है?
आज हमारे देश के बड़े बड़े शहरों में कई अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। आईटी क्षेत्रों और अन्य कई स्टार्ट-अप व्यवसाय उपलब्ध हैं जितने पहले कभी नहीं थें। साथ ही, विदेशों में भी कई अवसर हैं। ऐसे में, उग्र पुरुषों के पास करने के लिए कुछ न कुछ ज़रूर होगा। यदि आप तरक्की नहीं कर रहे हैं, तो आपकी कमजोरियों को दिखाने के लिए परमेश्वर के वचन में बुद्धि और ज्ञान का भण्डार है, ताकि आप उन कमजोरियों को अपने से उन्हें दूर कर सकें। बलवान मर्द धन कमाते और सँभालते हैं। यह नियम सरल है।
लेकिन सच्चे धन का क्या, अर्थात वे आत्मिक आशीषें जो केवल प्रभु यीशु मसीह में हैं? बलवन्त पुरूष ही उन्हें पाएंगे, क्योंकि केवल कमज़ोर पुरूष ही सुनी हुई बातों को भूल जाते हैं (1 थिस्स 5:21)। परमेश्वर के घर में एक उग्र मनुष्य के रूप में यह आपका कर्तव्य है कि आप उस विश्वास के लिए बड़े यत्न से संघर्ष करें जो एक ही बार सदा के लिए हमें सौपा गया था (यहूदा 1:3)। सुनिश्चित करें कि आप अपने बचत खाते और बैलेंस शीट के लिए संघर्ष करने की तुलना में सत्य के स्तंभ और बुनियाद की रक्षा करने में अधिक ताकत दिखाते हैं (1 तीमु 3:15)।
क्रिश्चन मर्दों! यहाँ आपकी बुलाहट है: “जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरुषार्थ करो, बलवन्त होओ” (1 कुरिन्थियों 16:13)। यीशु मसीह का धर्म मूर्ख लोगों या कमज़ोर दिल वालों के लिए नहीं है। अपने संभाषण और कर्म में परमेश्वर के अनुग्रह को बनाए रखने और उसे प्रदर्शित करने के लिए और यीशु मसीह के वापस आने तक प्रेरितिक विश्वास की रक्षा करने के लिए अपने आप को संघर्ष में लगा दो, और दोनों में से किसी को भी मत खोने दो।
प्रभु यीशु मसीह अनुग्रह और सामर्थ दोनों में परम पुरुष था। जैसा अनुग्रह उसने किया वैसा किसी और ने कभी नहीं किया (भजन 45:2; लूक 4:22; यूहन्ना 7:46), और जो परमेश्वर ने उसे बचाने के लिए दिए थें उसने उन में से एक भी पापी को नहीं खोया (यूहन्ना 6:39; 10: 28-29; इब्रा 2:13)। यह आपका सबसे बड़ा सौभाग्य और कर्तव्य है कि आप उससे सीखें और उसके गौरवशाली और समृद्ध उदाहरण का अनुसरण करें।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।