नीतिवचन 11:13
जो लुतराई करता फिरता वह भेद प्रगट करता है, परन्तु विश्वासयोग्य मनुष्य बात को छिपा रखता है।
अपनी ईमानदारी या विश्वासयोग्यता का परीक्षण करें। क्या आप किसी बात का भेद गुप्त रख सकते हैं? क्या आप इसे उन लोगों से छिपाएंगे जिन्हें जानने की आवश्यकता नहीं है? लुतराई करने वालों या बकवादी में कोई ईमानदारी नहीं होती है -उनके पास एक विश्वासयोग्य आत्मा नहीं होती है। यदि वे किसी दूसरे के विषय में हानिकारक जानकारी जानते हैं, तो वे इसे बताना ही चाहते हैं, वह भी जल्दी और व्यापक रूप से।
यहां पर परमेश्वर जिसे लुतराई कह रहा है, उसे बकवास करना या गपशप करना कहा जाता था। अब इसे फेसबुक और व्हाट्सप्प जैसे सोशल मीडिया, खोजी पत्रकारिता या मनोरंजन कहा जाता है। समाचार पत्र, टेलीविजन, सनसनीख़ेज और इन्टरनेट संचार-माध्यम इस पर फलते-फूलते हैं। लोग इसे उल्लास से पढ़ते हैं; वे इसे सुनकर उत्सुकता से झूम उठते हैं; वे अधिक जानकारियों के लिए गिड़गिड़ाते हैं, विशेष रूप से यौनाचार से सम्बन्धित; वे इसे दूसरों को बताने के लिए इन्तजार नहीं कर सकते।
यदि किसी राष्ट्रपति के निजी जीवन या परिवार के विषय में ज़रा भी अफवाह या बेहूदा तथ्य पाया जाता है, तो यह दूर-दूर तक फैल जाता है और मृत्यु की सीमा तक उसकी चर्चा होती है। व्यापार जगत के मार्ग-दर्शकों, खेल-जगत की हस्तियों और मशहूर हस्तियों के विषय में भी यही सच है। जितने अधिक नकारात्मक तथ्य, उतना ही अधिक उन्हें फैलाना रोमांचक होता है। गुप्त बातों के प्रति यह सम्मोहन पाप है और एक पीढ़ी की कुटिलता को सिद्ध करता है।
परिवार के सदस्य, पड़ोसी, कार्यालय के कर्मचारी और यहां तक कि चर्च के सदस्य भी दूसरों के जीवन में नकारात्मक घटनाओं की खबरें फैलाना पसन्द करते हैं। वे इस तरह की बातें कहेगे, “क्या आप जानते हैं कि उनका तलाक हुआ है? क्या आपने उसके विषय में हाल ही का कुछ सुना है? क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि उसने ऐसा किया?” और दुष्ट होंठ और कान दूसरों की निजी बातों पर, जिन्हें गुप्त रखा जाना चाहिए, चर्चा करने के लिए दूर दूर तक जाते हैं।
यह पाप परमेश्वर के लिए घृणित है, और वह इससे घृणा करता है। उसका पवित्र स्वभाव जानता है कि दूसरों के विषय में हानिकारक खबरें फैलाना उनकी प्रतिष्ठा का बलात्कार करना है। बाइबल गपशप शब्द नहीं जानती; वह लुतराई, बकवादी, कानाफूसी, और पीठ पीछे बुराई करनेवाले जैसे शब्द प्रयुक्त करती हैं। सुलैमान ने यहां सिखाया कि विश्वासयोग्य आत्मा वाले भले लोग दूसरों के विषय में ज्ञात निजी खबरों को नहीं फैलाएंगे।
निजी मामलों को द्वेष या व्यर्थ की जिज्ञासा को सन्तुष्ट करने के लिए बताना लुतराई कहलाता है। बकवाद लुतराई है। कानाफूसी करना शान्त या गुप्त लुतराई है। पीठ पीछे बुराई करने में किसी व्यक्ति की पीठ के पीछे लुतराई करना शामिल है। परमेश्वर इन पापों की निन्दा करता है (लैव्य. 19:16; रोमि. 1:29-30; 1 तिमु. 5:13)। आप दूसरों के विषय में नकारात्मक खबरों को कैसे सम्भालते हैं, इससे आपका चरित्र और बुद्धिमानीता दिखाई देती है।
बाइबल के इन सभी चार शब्दों में दूसरों के विषय में ऐसी तथ्यात्मक बातें बताना शामिल है, जिन्हें दूसरों को बताने की आवश्यकता नहीं है। किसी जानकारी के केवल सच होने का मतलब यह है कि यह बदनामी करना नहीं है, जो दूसरों के विषय में झूठ फैलाना है। लुतराई करने वाले लोग यह कहकर बड़ी शीघ्रता से खुद को सही ठहराएंगे कि वे केवल तथ्य बता रहे हैं -परन्तु यही लुतराईपन करने, बकवाद करने, कानाफूसी करने, और पीठ पीछे किसी की बुराई करने की प्रत्यक्ष परिभाषा है। बदनामी करना दो पाप हैं – एक झूठ बोलना और दूसरा झूठ फैलाना; लुतराई एक पाप है -नुकसान पहुंचाने वाले तथ्य फैलाना।
भेदों का सत्य होना उन्हें फैलाने के पाप को कदापि कम नहीं करता। प्रभु जानता है कि आप भेद की बातों को केवल दो कारणों से बता रहे हैं – द्वेषपूर्ण घृणा या व्यर्थ की जिज्ञासा। जब आप ऐसा करते हैं तो आप किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं, और ऐसा करने के लिए आपके पास कोई पवित्र कारण नहीं है। केवल अधिकारियों को सहायता करने के उद्देश्य से ही, ताकि वे उनकी ज़िम्मेदारियों को पूरा कर सकें, तथ्यों की जानकारी देना आपका भेद की बातों को बताना सही ठहरा सकता है।
शारीरिक बलात्कार एक भयानक अपराध है, और इसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लुतराई करना उतना ही हानिकारक हो सकता है। किसी व्यक्ति के शरीर को भ्रष्ट करने और दर्दनाक और भयावह यादें उत्पन्न करने की अपेक्षा, यह किसी व्यक्ति की दूसरों के साथ प्रतिष्ठा और व्यक्ति द्वारा पूरानी ग़लतियों या पापों की रक्षा करने की पीड़ा और परेशानी पर स्थायी निशान या प्रश्न छोड़ सकता है। इस पर विचार करें।
मनुष्य का मन अत्यन्त दुष्ट है और वह दूसरों को बदनाम करने या चोंट पहुंचाने के लिए कुछ भी कर सकता है (यिर्म. 17:9; रोमि. 3:13-18)। स्वभाव से सब मनुष्य बैरभावी और एक दूसरे से डाह करने वाले हैं (तीत. 3:3)। दूसरे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के सबसे आसान तरीकों में से एक उसकी निजी जानकारी को फैलाना है जिसे बताने की आवश्यकता नहीं है। यही वह पाप है जिसकी यह नीतिवचन निन्दा करता है।
विश्वासयोग्य लोग ऐसी किसी भी निजी जानकारी को जिसके विषय में वे जानते हैं, गुप्त रखेंगे। वे ऐसी बातें छिपाएंगे; वे उन्हें किसी को नहीं बताएंगे। वे दूसरों की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे, भले ही उस व्यक्ति के विषय में उनकी व्यक्तिगत भावनाएं कुछ भी हों। ऐसी सत्यनिष्ठा और विश्वासयोग्यता व्यक्ति को परमेश्वर और मनुष्यों की दृष्टि में महान बनाती है।
इस पाप की व्यापक रूप से निन्दा की जाती थी। पुराने समय के पाठक घर या स्कूल में बकवाद करने के नियमों और उनके उल्लंघन के लिए मिलनेवाले दण्ड को याद कर सकते हैं। परन्तु अब इस वर्तमान कुटिल पीढ़ी में यह एक भूला दिया हुआ पाप है। सज़ा या दण्ड के बजाय, उन लोगों को आज पुरस्कार दिए जाते हैं जो समाज के सभी स्तर के व्यक्तियों के सबसे अधिक कामुक समाचारों या तस्वीरों या वीडियो का खुलासा करते हैं।
प्रिय पाठक, अपनी जीभ की रक्षा करें। इसे ऐसी गुप्त बातें न फैलाने दें जो छिपाकर रखी जानी चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जानकारी सही है या नहीं। यदि अधिकार के उचित प्रयोग के लिए कोई मसला आवश्यकता नहीं है, तो उसे दफना दें। यदि मसला किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा सकता है, तो उसे दफना दें। यदि मसला उद्धार करनेवाला या प्रशंसनीय या उपयोगी नहीं है, तो इसे दफना दें।
प्रिय पाठक, अपने कानों की रक्षा करें। यदि कोई व्यक्ति आपकी उपस्थिति में किसी की पीठ पीछे बुराई करता है, तो अपने चेहरे पर क्रोध का भाव दिखाकर या फटकार लगाकर उसकी निन्दा करें (नीति. 25:23; 1 थिस्स. 5:14)। यदि सुनने के इच्छुक श्रोता न हो, तो लुतराई करने वाले ऐसी हरकतों से दूर रहेंगे (नीति. 17:4)। यदि आप किसी दुसरे व्यक्ति के विषय में अपने मन में पापपूर्ण विचार रखकर एक बकवादी को पाप करने देते हैं, तो आप उसके पाप में भागीदार हैं।
इस पाप से बचना कितना जरूरी है? यहां यह नीतिवचन सिखाता है कि विश्वासयोग्य लोग ऐसा नहीं करेंगे। ऐसा न करना अनन्त जीवन का चिन्ह या प्रमाण है (भजन. 15:3)। चूंकि परमेश्वर इससे घृणा करता है और पवित्रशास्त्र में अक्सर इसका उल्लेख करता है, अतः सभी पिताओं को इसे अपने प्रशिक्षण में अवश्य शामिल करना चाहिए (इफि. 6:4)। महान् पुरुष और स्त्रीयां, जो विश्वासयोग्य और सत्यनिष्ठ हैं, दूसरों की रक्षा के लिए कार्य करेंगे।
यीशु मसीह विश्वासयोग्य और सच्चा है (प्रका. 19:11)। वह अपने लोगों के पापों को सदा के लिए भूल जाता है (इब्रा. 8:12)। वह उन्हें कभी प्रकट नहीं करेगा, क्योंकि अपराधों को ढ़कना उसकी महिमा है (नीति. 25:2; भजन. 103:10-12)। दूसरों को हानिकारक समाचारों से बचाने के लिए समान करुणा और प्रतिबद्धता के साथ उनसे प्रेम रखना आपका आनन्द होना चाहिए (नीति. 10:12; 17:9; 1 पत. 4:8)।
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