नीतिवचन 10:7

सज्जन का स्मरण धन्य है, परन्तु दुष्टों का नाम सड़ जाएगा। (केजेवी)

आपकी कब्र के पत्थर पर आपके विषय में क्या लिखा होगा? जो आपकी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे वे आप के विषय में क्या सोच रहे होंगे और क्या बातें कर रहे होंगे? आपकी अंतिम यात्रा में कितने लोग आएंगे? वहां अत्यंत शोक होगा, या भावनाओं पर क़ाबू रखा जाएगा? आपकी मृत्यु के दस वर्षों बाद क्या कोई व्यक्ति आपके जीवन के विषय में अच्छी बातें कहेगा? आपकी यादें धन्य होगी या सड़ जाएगी?

जब योनातान की मृत्यु हुई तब दाऊद ने फूट-फूटकर विलाप किया (2 शमू 1:17-27), क्योंकि उसने याद किया कि दोनों की अद्भुत मित्रता किसी स्त्री के प्रेम से भी बढ़कर थी (2 शमू 18:1-4; 23:16)। दोरकास को कई विधवाओं ने उसके भले कामों और बहुत दानशीलता के कारण मन से याद किया (प्रेरितों 9:36-42)।

लोग यूसुफ को एक गौरवशाली सद्गुणी मनुष्य के रूप में याद करते हैं, पोतीपर की पत्नी को एक दुष्ट व्यभिचारिणी के रूप में याद करते हैं। लोग तामार को एक विवेकपूर्ण कुमारी के रूप में याद करते हैं, तो अम्नोन को एक घिनौने कुत्ते के रूप में याद करते हैं। लोग पौलुस को एक महान प्रेरित के रूप में याद करते हैं, तो वही देमास को एक कमज़ोर और हारे हुए व्यक्ति के रूप में। लोग एलिय्याह को और यूहन्ना को सरगर्मी और जोश से भरे नायकों के रूप में याद करते हैं, तो वहीं पिलातुस और अग्रिप्पा को समझौता करनेवालों के रूप में याद करते हैं। लोग अब्राहम को विश्वासयोग्य मनुष्य के रूप में याद करते हैं, तो वहीं लूत को सांसारिक व्यक्ति के रूप में याद करते हैं। लोग दानिय्येल को एक बलवान मनुष्य के रूप में याद करते हैं, तो वहीं शिमशोन को एक कमज़ोर मनुष्य के रूप में याद करते हैं।

प्रिय मसीही आपको कैसे याद किया जाएगा? यह विषय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस बात पर बहुत प्रकाश डालता है कि आपने परमेश्वर के वरदान, अर्थात् अपने जीवन का उपयोग कैसे किया। ऊपर शुरुआत में ही पूछे गए प्रश्नों पर ध्यान से चिन्तन करें। आपकी प्रतिष्ठा और दूसरे आप से कितना प्रेम करते हैं, यह आपके जीवन का मुख्य मूल्यांकन है (नीति 22:1)। आप अपने आपको मूल्यवान समझकर स्वयं को धोखा देकर अपनी ही चापलूसी कर सकते हैं, परंतु आपके विषय में दूसरों की राय कुछ और ही हो सकती है।

दुष्टों को स्मरण नहीं किया जाता, हालांकि वे जमीनों, शिक्षण संस्थाओं या उद्योगों को अपना नाम देते हैं, और एक महान विरासत का सपना देखते हैं (भजन 49:6-14)। यहोवा उनकी स्मृति को इस धरती से ही मिटा देगा (अय्यूब 18:5-21; 27:11-23; भजन 9:5-6), जैसा उसने यहूदा इस्करियोती के घराने का किया (भजन 109:6-20)। उनके विषय में डाह न करें, और न ही उनके कारण कुढ़े। शत्रु आपको व्याकुल न करने पाए। दुष्टों का नाम गुमनाम होकर सड़ जाएगा। उनका जीवन व्यर्थ है, क्योंकि उन्होंने जो किया वह सब भुला दिया जाएगा (सभो 8:10)।

दोनों व्यक्तियों की अंतिम यात्रा में कितना फर्क है! महायाजक यहोयादा, जिसने बालक योआश को बचाया, उसे उसकी धार्मिकता के कारण राजाओं के साथ मिट्टी दी गई (2 इति 24:16), परंतु यहोयाकिम, जो कि वास्तव में यहूदा का राजा था, उसे उसकी मूर्खता के कारण एक मरे हुए गधे के समान दफनाया गया (यिर्म 22:19; 36:30)। योशिय्याह, जिसने यहूदा में बेदारी लाई, उसके लिए यिर्मयाह और अन्य कई गायकों ने बड़े दुख के साथ विलाप किया (2 इति 35:24-25), परंतु यारोबाम जिसने इस्राएल को पाप में डुबों दिया, उसके घराने की असामान्य मृत्यु हुई और उन्हें सभ्यता से मिट्टी देने के बजाय गोबर के समान ले जाया गया (1 राजा 14:10-11)।

शाऊल, जो परमेश्वर का त्यागा हुआ, और अंत तक दुष्ट रहा, उसने आत्महत्या कर ली। उसका सिर काट दिया गया, शरीर शहरपनाह पर जड़ दिया गया, फिर फूंक दिया गया, हड्डियां पेड़ के नीचे गार्ड दी गई (1 शमू 31:1-10)। दाऊद जो पवित्र आत्मा से भरा हुआ था, अपने बिछौने पर शांति से मर गया, क्योंकि वह जानता था कि उसका पुत्र, जो मसीह है, परमेश्वर के सिंहासन पर युगानुयुग के लिए राज्य करेगा, और उसे यरूशलेम में मिट्टी दी गई (2 शमू 23:1-5; 1 राजा 1:1-4)। लोग शाऊल को एक ईर्ष्या करने वाला और दुष्ट मनुष्य जानकर स्मरण करते हैं, तो वही दाऊद को एक गौरवशाली मनुष्य के रूप में याद करते हैं, जो परमेश्वर के मन के अनुसार व्यक्ति था।

दाऊद जब जीवित ही था, उसका नाम इस्राएल में बहुत बड़ा हो गया (1 शमू 18:30)। उसके मरने के बाद, परमेश्वर ने अन्य सभी राजाओं की तुलना दाऊद से की, और दाऊद के कारण उन्हें आशीष दी (1 राजा 15:3-5)। और आज तक वह सभी मसीही लोगों, चाहे पुरुष, स्त्री, या बच्चें, के लिए बाइबल के सबसे पसंदीदा पात्रों में से एक हैं।

प्रिय मसीही, क्या आपको लगता है कि पाप के कारण आपकी प्रतिष्ठा धूल में मिल गई है? मन फिराओ और पहले के समान काम करो (प्रकाशितवाक्य 2:5)। गौर कीजिए कि जिस मनुष्य का अभी-अभी वर्णन किया गया है, अर्थात् दाऊद, वह गघन्य व्यभिचार का दोषी था, और उसने अपने सबसे अच्छे मित्रों में से एक अर्थात् उरियाह को मरवा डाला। परन्तु परमेश्वर सचमुच पश्चाताप करनेवाले पापियों के पापों को ढांप देता है, और इसी प्रकार सभी भले मनुष्य भी ऐसा ही करते हैं। आप मरियम मगदलीनी को कैसे याद करते हैं? सचमुच एक सज्जन स्त्री!

पूरी दुनिया में जहां कहीं भी सुसमाचार का प्रचार किया जाता है, वहां एक स्त्री को प्रभु यीशु का कीमती इत्र से अभिषेक करने के कारण स्मरण किया जाता है (मरकुस 14:3-9)। “सज्जन का स्मरण धन्य है”। और जहां कहीं भी सुसमाचार का प्रचार किया जाता है, यहूदा को चांदी के तीस सिक्कों के लिए उसी प्रभु को धोखा देने के लिए याद किया जाता है (मरकुस 14:10-11)। “दुष्टों का नाम सड़ जाएगा”।

आप “विश्वासियों के बादल” को नहीं भूल सकते, जहां प्रेरित द्वारा लिखे शहीदों के अध्याय में कई लोगों की धन्य स्मृतियाँ, कुछ नाम से और कुछ उनके पराक्रम से अमर हैं। मसीही धर्म के इन महान नायकों के विषय में कहा जाता है कि उन्होंने विश्वास ही के द्वारा एक अच्छी गवाही पाई (इब्रा 11:2)। क्या गवाहों का यह बादल आपके जीवन पर कोई प्रभाव डालता है? क्या आप उनकी संगति के योग्य है?

दूसरी आज्ञा का पालन करना धन्य स्मृतियाँ पीछे छोड़ जाता है (मत्ती 22:39), क्योंकि लेने से देना अधिक धन्य है (प्रेरितों 20:35)। आप देनेवाले हैं या लेने वाले? यीशु ने परमदाता के रूप में पवित्र आदर्श स्थापित किया (मत्ती 20:25-28), ताकि हम उसके अनुसार चले और पौलुस ने उसका अनुसरण किया (2 कुरिं 12:15)। उन्होंने कई लोगों की सेवा की, और उनकी यादें सज्जन लोगों की दुनिया में धन्य हैं।

जीवन के एक वृक्ष को स्मरण किया जाएगा, क्योंकि वे आत्माओं को जीतते हैं और दूसरों की मदद करते हैं (नीति 11:30)। क्या आपके होंठ बहुतों का पालन-पोषण करते हैं (नीति 10:21)? क्या आपके हृदय की मनोहर सलाह आपके मित्रों को प्रिय है (नीति 27:9)? क्या आप अपने दोस्तों को तेज़ करते हैं (नीति 27:17)? परमेश्वर के लिए दूसरों को प्रभावित किए बिना जीने और मरने का अर्थ है, आपका जीवन व्यर्थ का था। मनुष्य तीन प्रकार के होते हैं – वे जो दूसरों की सहायता करते हैं, वे जो कुछ नहीं करते, और वे जो दूसरों को हानि पहुंचाते हैं। आप किस प्रकार के व्यक्ति हैं?

एक सद्गुणी पत्नी और एक सद्गुणी मां की प्रशंसा उसका पति और बच्चें उसकी मृत्यु से पहले और बाद में भी करेंगे (नीति 31:28)। सुलैमान ने इसी पुस्तक में अपने माता के विषय में अच्छी-अच्छी बातें लिखी (नीति 4:3)। यीशु जब क्रूस पर लटका हुआ था तब उसने अपनी मां का सम्मान किया (युहन्ना 19:25-27)। और उसकी मां की स्मृति उसके पवित्र बेटे और उद्धार की उसकी महिमामय गवाही के कारण सदा के लिए आशीषित हैं (लुका 1:46-55)।

यदि लोग यहां आपके न्यायपूर्ण और धर्म के कार्यों के लिए आपकी प्रशंसा या सराहना नहीं करते हैं, तो भी यीशु न्याय के उस महान दिन में आपके प्रत्येक भले काम को स्मरण करेगा (मत्ती 25:31-46; भजन 112:6; इब्रा 6:10)। भले कामों को हमेशा के लिए छिपाकर नहीं रखा जा सकता। “सज्जन का स्मरण धन्य है”।

जीवित प्रभु यीशु मसीह की स्मृति अनंतकाल के लिए प्रत्येक गीत और आराधना के लिए मुख्य विषय होगी, और दुष्टों की पीड़ा का धुंआ धूप का कार्य करेगा। अपनी दुष्टता की चाल छोड़कर सज्जनता की चाल चलने के लिए आज ही आप क्या कर सकते हैं, और क्या करेंगे?

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