नीतिवचन 10:4

जो काम में ढिलाई करता है, वह निर्धन हो जाता है, परन्तु काम–काजी लोग अपने हाथों के द्वारा धनी होते हैं।

गरीबी या अमीरी, चुनाव आपका है। आप हर दिन, चाहे आज हो, आनेवाला कल हो या परसों, अपने जीवन में फैसलें लेते हैं। जो व्यक्ति अपना पेशा और अन्य कर्तव्यों के प्रति लगन से समर्पित होता है, वह धनी होगा, लेकिन जो व्यक्ति आलसी होता है या काम में ढिलाई करता है, वह निर्धन होगा। चुनाव आपका है।

लोग, खासकर युवा, जिस एक सबसे बड़े प्रलोभन का सामना करते हैं वह है काम के प्रति आलस्य और ढिलाई। सुलैमान ने अक्सर इस ग़लती और कमज़ोरी के खिलाफ चेतावनी दी, और यहाँ वह अंगांगिवाचन शब्द के रूप में हाथ इस शब्द का उपयोग करता है। कुछ अन्य स्थानों पर पाठ सिखाने के लिए व बाँहों (नीतिवचन 31:17) प्राण (नीतिवचन 13:4), या काम–काज में निपुण पुरुष (नीतिवचन 22:29) जैसी शब्दावली प्रयुक्त करता है। सफलता के लिए ऊर्जावान एकाग्रता और अथक मेहनत की आवश्यकता होती है। अभी काम पर लग जाएं!

क्योंकि शब्द हाथ सम्पूर्ण मनुष्य को दर्शानेवाल एक अलंकार है, इसलिए इससे विचलित न हों, जैसा कि कुछ लोग रूपक भाषा के साथ करते हैं। किन्तु, आलसी लोग अपने हाथों को जेब में रखना या अपनी छाती पर रखना पसंद करते हैं (नीतिवचन 19:24), जो निश्चित रूप से उनके जीवन को बर्बाद कर देता है (सभोपदेशक 10:18)। और यह एक तथ्य है कि बुद्धिमान नियोक्ता आवेदक के हाथ मिलाने के तरीके पर ध्यान देते हैं, क्योंकि जो व्यक्ति आलसी और डरपोक तथा जीवन की चुनौतियों से हारा हुआ होता है वे उसके निकम्मे, स्त्रीवत, और कमज़ोर हाथ से हाथ मिलाने से डरते हैं।

वेतन या लाभ के लिए काम करना एक सौभाग्य और आशीष है (सभोपदेशक 9:10)। धर्मी व्यक्ति दैनिक कार्यों को जोश और बल के साथ करता है। यदि वह अथकर मेहनती है, तो अन्य सभी चीजें समान हैं, वह जल्दी और बहुत हद तक उस व्यक्ति से आगे निकल जाएगा जो आलसी है और काम में ढिलाई करता है और कड़ी मेहनत से बचता है। यह परमेश्वर और प्रकृति का नियम है, और यह बच्चों को सिखाने के लिए एक सरल पाठ है। लगन से भरी मेहनत से वित्तीय प्रतिफल प्राप्त होता है, और जब काम पूरी निष्ठां और ईमानदारी से किया जाता है तो इसका अपना एक भावनात्मक पुरस्कार भी है।

ढिलाई करनेवाला हाथ उस व्यक्ति को दर्शाता है जिसमें ऊर्जा या परिश्रम की कमी होती है, जो आलसी या निष्क्रिय, बेफिक्र या अपने कर्तव्यों के संबंध में लापरवाह या ढीला होता है। आलसी एक ऐसा कामचोर व्यक्ति होता है, जो काम से जी चुराता है या परिश्रम से बचता है। इस तरह का व्यक्ति जब तक हो सके काम को टालता रहता है; वह वास्तविक श्रम से घृणा करता है; उसे ऐसे कामों से नफ़रत होती है जो मन लगाकर पूरी मेहनत से किएँ जाने ज़रूरी होते है। वह एक आलसी पराजित व्यक्ति है।

आलसी व्यक्ति के पास हमेशा अपनी कामचोरी का कोई न कोई बहाने होते हैं; वह सात लोगों की चेतावनी को भी अस्वीकार कर देगा (नीतिवचन 26:16)। वह एक बुरी बीमारी से ग्रस्त है – आलस – और वह बुद्धि की बात नहीं सुनता। प्रिय पाठक, अपने विचारों को कुचल दें और इस नीतिवचन पर विश्वास करें। सुलैमान ने एक दिन में इतना सीखा जितना आप जीवन भर में नहीं सीख पाएंगे, और उसने सर्वज्ञ परमेश्वर की प्रेरणा से लिखा, जो सब कुछ जानता है। कड़ी मेहनत की जीत होती है! काम पर लग जाओ!

आलसी व्यक्ति कैसे कैसे बहाने देता है? उसे नींद से प्यार है (नीतिवचन 20:13), जो पुरुषों और महिलाओं को बर्बाद कर देती है और उनपर गरीबी लाती है (नीतिवचन 6:6-11; 24:30-34)। सुबह के महत्वपूर्ण समय उसे हाथ मोड़कर सोना और कंबल के नीचे दुबककर छिप जाना उसे अच्छा लगता है। उसे अलार्म का स्नूज़ बटन अच्छा लगता है। उसे बिस्तर पर आगे-पीछे करवटें बदलना अच्छा लगता है जैसे कि टिका हुआ दरवाज़ा (नीतिवचन 26:14)। उसे सुबह से नफ़रत है। वह इतना मूर्ख और नींद का आदी है कि उसे एहसास ही नहीं होता कि ज़्यादा नींद उसे हमेशा की नींद दिला सकती है (नीतिवचन 19:15)।

वह विपत्ति या कठिनाई से डरता है और उससे नाराज़ होता है (नीतिवचन 20:4)। वह ठंड के कारण हल नहीं चलाएगा। वह हमेशा “दिनभर चलनेवाली बरिशवाले दिन” के इंतज़ार में रहता है ताकि छुट्टी लेने का बहाना बना सके। रेनकोट पहनकर काम पर जाने के बजाय, उसे घर पर रहने या किसी मुश्किल काम से बचने का कोई भी बहाना करना अच्छा लगता है। धन्य परमेश्वर उसे सबक सिखाने या उसे फाड़ने के लिए उसके रास्ते में अतिरिक्त काँटे बिछाएगा (नीतिवचन 15:19; 22:5)।

वह चुनौतियों से भयभीत रहता है (नीतिवचन 22:13; 26:13)। वह कल्पना करता है कि चौराहे पर शेर बैठा है जो उसे पकड़ लेगा। उसके पसंदीदा शब्द हैं, “मैं यह नहीं कर सकता,” या, “इसका कोई फाएदा नहीं।” दीर्घकालिक व्यवसाय या कैरियर की योजनाएँ उसे अभिभूत कर देती हैं। वह कुछ आसान करना चाहता है; वह ऐसी सफलता चाहता है जो उसकी गोद में आ गिरे। इसलिए चुनौती से निपटने के बजाय, वह निष्क्रिय बैठा रहता (नीतिवचन 26:14-15)। लेकिन जब आदम ने अदन की वाटिका की देखभाल करने के बजाय कड़ी मेहनत को चुना, तब से लेकर आज तक काम का कोई आसान विकल्प नहीं है।

वह अधिकार का तिरस्कार करता है और साथ ही कोई और व्यक्ति उसे बताए कि उसे क्या करना चाहिए तो वह नाराज़ हो जाता है (नीतिवचन 19:10; 27:18; 30:22)। यह समाजवादी सोचता है कि सभी सरदारों या सभी भारतीयों की एक जनजाति अच्छी तरह से काम करेगी। वह किसी सरदार के अधीन भारतीय नहीं रहना चाहता। वह अपने लिए काम करना पसंद करता है, या ऐसा वह कहता है। उसका विद्रोह उसे यह देखने से रोकता है कि सभी सरदार कभी मेहनती भारतीय थे (नीतिवचन 17:2; 22:29)।

वह पैसे कमाने के आसान और ज़्यादा रोमांचक तरीकों के व्यर्थ विचारों से बहक जाता है (नीतिवचन 12:11; 28:19)। वह असंतुष्ट लोगों के साथ जुड़ता है और इस बारे में योजनाएँ सुनता है कि वे सिस्टम को कैसे हराएँगे (नीतिवचन 14:23; 21:5)। वह अक्सर अपनी भविष्य की सफलता की योजना बनाने या उसका हिसाब लगाने में व्यस्त रहता है। वह मानता है कि उसने जीवन को सुलैमान और सात सफल लोगों से बेहतर समझ लिया है (नीतिवचन 26:16)।

मेहनती मनुष्य आलसी लोगों पर हँसता है और उनके इन पाँचों बहानों का मज़ाक उड़ाता है, वह हर दिन सुबह जल्दी काम पर जाता है, और अपनी नौकरी पर पूरी ऊर्जा और दृढ़ता से मानों आक्रमण कर देता है। वह जानता है कि जीवन छोटा है; वह जानता है कि परमेश्वर ने उसे काम करने के लिए बनाया है; वह ताक में ही रहता है कि कब उसके मेहनती हाथों में कोई प्रोजेक्ट लगता है; वह अपनी पूरी ताकद लगाकर उस प्रोजेक्ट को पूरा करेगा (सभोपदेशक 9:10)। वह जल्द ही धन और सम्मान के क्षेत्र में आलसी पर शासन करेगा, और यह सही भी है (नीतिवचन 12:24; 13:4; 22:29)। गारंटी!

सुलैमान ने इन वचनों को लिखे जाने के बाद से 3000 वर्षों में कुछ भी नहीं बदला है। और पिछले बीते 2000 वर्षों में, जब पौलुस ने आलसी लोगों के विरुद्ध अपनी चेतावनियाँ लिखी थी, कुछ भी नहीं बदला है (रोमियों 12:11; 1 थिस्सलुनीकियों 4:11-12; 2 थिस्सलुनीकियों 3:6-13)। मन लगाकर पूरी लगन से परिश्रम परमेश्वर का नियम है और सफलता का नियम है। इसे ईमानदारी और दृढ़ता से सिखाया जाना चाहिए, क्योंकि आलसी लोगों के बहाने कम नहीं हुए हैं। माता-पिता को बच्चों को कड़ी मेहनत करना और आलसी लोगों के बहानों से नफ़रत करना और उनका खंडन करना सिखाना चाहिए।

और भी कई बहाने हैं जिनका इस्तेमाल आलसी लोग करते हैं, जैसे कि उम्र, धर्म, जाति या लिंग के आधार पर भेदभाव, जैसे कि शिक्षा की कमी, बुद्धि की कमी, संगठन में उच्च पदों पर मित्रों की कमी, अपर्याप्त आरक्षण आदि। लेकिन अब तक के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति ने यहाँ और अन्य स्थानों पर सिखाया कि कड़ी मेहनत इन कथित बहानों का धुआं उड़ा देगी (नीतिवचन 14:35; 17:2; 22:29)।

यदि आप अपने जीवन में परमेश्वर के भय और प्रेम को सर्वप्रथम स्थान पर रखते हैं और फिर उस काम पर लगन से लग जाते हैं जो आपको करना चाहिए, तो आपको सम्मान और प्रतिफल मिलेगा। गारंटी! यूसुफ मिस्र में समृद्ध हुआ, हालाँकि उसकी राष्ट्रीयता कुछ और थी, व्यवसायिक रूप से वह एक तिरस्कृत पृष्ठभूमि से था और मिश्र में उसकी शुरुआत एक ख़रीदे हुए गुलाम के रूप में हुई थी। दानिय्येल बेबीलोन साम्राज्य के शीर्ष के पास 70 वर्षों तक समृद्ध रहा, हालाँकि वह एक तिरस्कृत जाति, शत्रु राष्ट्र, ऐसे धर्म का था जिसे सब जातियां नफ़रत करती थी और उसे नपुंसक बना दिया गया था।

मसीहियों को किसी भी कंपनी या किसी भी पेशे में सबसे मेहनती कर्मचारी होना चाहिए। दुनिया को उनमें केंद्रित ऊर्जा, तीव्र दृढ़ता और अप्रिय कार्यों को पूरा करने के लिए कुछ भी करने के लिए हर्षित उत्साह की एक जीती-जागती मिसाल देखने मिलनी चाहिए। मसीहियों को कभी भी आलसी के इन बहानों को अपनाना नहीं चाहिए, क्योंकि उनके सब बहाने बाइबल की खरी शिक्षा के विपरीत हैं (इफिसियों 6:5-8; तीतुस 2:9-10)।

प्रभु यीशु मसीह मेहनत और परिश्रम में अव्दितीय था (मरकुस 3:20-21; 6:31; यूहन्ना 4:34; 9:4)। और प्रेरित उसके महान आदर्शों पर चलें (1 कुरिं 4:9-14; 2 थिस्सलुनीकियों 3:8)। वास्तव में, प्रिय भाई पौलुस ने परमेश्वर के अनुग्रह का बखान किया कि उसने अन्य सभी प्रेरितों की तुलना में अधिक परिश्रम किया (1 कुरिं 15:10)। नए नियम में आपके लिए सेवा के कई कर्तव्य और विशेषाधिकार दर्ज किएँ गएँ हैं। प्रिय पाठक, क्या आप मेहनत करने में परमेश्वर के अनुग्रह का बखान कर सकते हैं?

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