नीतिवचन 10:26

जैसे दाँत को सिरका, और आँख को धूआँ, वैसे आलसी उनको लगता है जो उसको कहीं भेजते हैं।

उद्योजक काम में तेज़ और मेहनती कर्मचारियों की कमी के बारे में शिकायत करते समय अक्सर एक-दूसरे से कहते हैं, “इन दिनों मेहनती कर्मचारी पाना मुश्किल हो गया है।” यदि स्कूलों में विज्ञानं और कला पढ़ाने के बजाए इस नीतिवचन की शिक्षा दी जाए, तो शायद कई अधिक मेहनती कर्मचारी उत्पन्न हुए होते।

आलसी क्या है? ऑक्सफोर्ड इंग्लिश शब्दकोश इस शब्द का अर्थ कुछ इस प्रकार बताता है।

आलसी :- जो स्वाभाविक रूप से या आदतन धीमा, कामचोर या निष्क्रिय होता है; वह जो काम या परिश्रम के प्रति अनिच्छुक हो; सुस्त या अकर्मण्य व्यक्ति।

आलसी व्यक्ति धीमा और सुस्त व्यक्ति होता है। ऊर्जावान, तेज और मेहनती होने के बजाय, वह ईश्वर-प्रदत्त तीव्र इच्छा की भावना से रहित अपने जीवन की गाड़ी को ज़िन्दगीभर पहले या दूसरे गियर में सुस्ती से चलाता है। पौलुस जानता था कि क्रेती लोग ऐसे ही थें, इसलिए उसने तीतुस से कहा कि वह इन “आलसी पेटूओं” को कड़ाई से चेतावनी दिया करे (तीतुस 1:12-13)।

प्रिय पाठक, आप अपने दिनभर के कर्तव्यों का निर्वहन कैसे करते हैं? एक उच्च ऊर्जावान, तेजी से काम करने वाले, मेहनती कार्यकर्ता के रूप में? या आप उन हारे हुए लोगो में से हैं जो कहते हैं, “आज करे सो कल कर, कल करे सो परसो, इतनी भी क्या जल्दी है जब जीना है हमें बरसों”? कब्र में कोई काम-धन्दा नहीं है, और आप पछताओगे, इसलिए अभी मेहनत करो (सभो 9:10)।

आलसियों को अत्यावश्यक ज़रूरतों का एहसास नहीं होता है (नीतिवचन 6:6); उन्हें सोना सोए रहना अच्छा लगता है (नीतिवचन 6:9-11); आलसी लोग लालसा तो बड़ी बड़ी चीज़ों की करते हैं, लेकिन उन्हें पाने का कोई प्रयास नहीं करते (नीतिवचन 13:4); वे छोटी-छोटी बाधाओं के सामने अपने घुटनें टेक देते हैं (नीतिवचन 20:4); और उनके पास काम को टालने के हमेशा कोई न कोई बहाने होते ही हैं (नीतिवचन 26:16)।

कम्पनी के नियोक्ता अपने कर्मचारियों को इधर-उधर खड़े रहते, धीरे-धीरे चलते हुए, काम करने के बजाय बात करते हुए, काम से बार बार ब्रेक लेते हुए, अगले काम को टालते हुए, एक और ब्रेक लेते हुए और अन्य आलस्यपूर्ण पापों को देखकर घबरा जाते हैं। जैसे दाँत को सिरका, और आँख को धूआँ, वैसे आलसी अपने मालिक को, या उस पर भरोसा करनेवाले किसी को भी चिढ़ा देता और दुःख पहुँचाता है।

आज आप पर कौन भरोसा कर रहा है? आपका नियोक्ता (मालिक)? माता-पिता? पति? आपका परिवार? परमेश्वर? सफलता और प्रशंसा प्राप्त करना उतना ही आसान है जितना कि सिरके और धुएं को उनसे दूर रखना। बिस्तर से उठें, अपने कर्तव्यों पर ध्यान दें, और काम पर आगे बढ़ते रहें (नीतिवचन 10:4; 12:24; 22:29; 1 राजा 11:28)।

यहाँ तक कि दुष्ट मनुष्य भी मेहनती व्यक्ति को प्रतिफल देते हैं। तो आज ही से व्यस्त हो जाओ! इस दुनिया में ख्रिश्चन नौजवान के लिए सफलता पाना सरल है: कड़ी मेहनत करें; तेजी से काम करें; अपन आअक का काम सफलतापूर्वक खत्म करो। और ध्यान रखें, सद्गुणी स्त्री किसी भी अन्य चीज़ की तुलना में अधिक मेहनती होती है (नीतिवचन 31:10-31)।

प्रभु यीशु मसीह बिलकुल भी आलसी नहीं था। वह जानता था कि काम करने के लिए उसका समय कम है, इसलिए उसने अपना मन लगन से काम पर लगाया (यूहन्ना 9:4)। वह हमेशा अपने पिता को प्रसन्न किया करता था (यूहन्ना 8:29), अपने प्रत्येक कार्य को पूरा किया (यूहन्ना 4:34), हमेशा अत्यधिक उत्साही रहता था (यूहन्ना 2:17), उसने अपने उस सबसे कठिन काम पर अपनी आँखे लगाईं जो उसे यरूशलेम में करना था (लूका 9:51), और लज्जा की कुछ चिन्ता न करके क्रूस का दु:ख सहा (इब्रानियों 12:2)। अपने जीवन के सब काम उसे आपना आदर्श मानकर करें, और उसके विश्वासयोग्य परिश्रम के आदर्श का उदाहरण बनें।

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