नीतिवचन 1:25
परन्तु तुम ने मेरी समस्त मंत्रणा को व्यर्थ जाना, और मेरी किसी फटकार को न माना।
सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने आप के पथप्रदर्शक के रूप में कुलीन स्त्री रूपी बुद्धि को बड़े अनुग्रह से आप के सामने रखा है। आप के जीवन के लिए परमेश्वर की इच्छा को हल्के से लेने का सोचना भी मत। आपके लिए परमेश्वर ने जो मार्ग तैयार किया है उसके ऊपर अपना ही मार्ग न चुने। परमेश्वर ने अपनी भलाई के कारण सृजी गई वस्तुओं, सृष्टि के कार्यशील विधान, मनुष्य का विवेक, पवित्र शास्त्र और शिक्षकों के द्वारा जिस बुद्धि को रखा है उसकी उपेक्षा करने वाले को नीतिवचन का पहला अध्याय गम्भीर चेतावनी देता है (निति 1:20-32)।
आपका सबसे बुरा संकट आ रहा है, और परमेश्वर और कुलीन स्त्री नामक बुद्धि आप पर हंसेंगे और आपका मजाक उड़ाएंगे (निति 1:26-27)। आपके पास मौका था। वास्तव में, आपके पास कई मौके थे, लेकिन आप को परमेश्वर की बुद्धि के अनुग्रहपूर्ण वरदान में कोई रुचि नहीं थी (निति 1:20-25)। आप दिवास्वप्न देख रहे थे; आप बहुत व्यस्त थे; आप सुनने के बजाय उपदेश दे रहे थे। आपने उसकी मंत्रणा को व्यर्थ जाना, और उसकी फटकार और चेतावनियों को ठुकरा दिया। अब बहुत देर हो चुकी है। आप गंभीर संकट में हैं।
इससे पहले कि आप इस टिका को बहुत कठोर समझें, इस नीतिवचन को उसके संदर्भ में पढ़ें। आप परमेश्वर और बुद्धि को उन सुननेवालों के विरोध में कठोर निर्णय लेते हुए देख सकते हैं जो सुनने में मुहज़ोर है (निति 1:20-33)। इस वचन की सबसे अच्छी व्याख्या कौन कर सकता है? एलिय्याह, बपतिस्मा करनेवाला युहन्ना, यीशु, या पौलुस? या क्या आप जोएल ओस्टीन, जिमी डॉब्सन, या बेनी हिन जैसे समझौता करने वाले झूठे शिक्षकों को ज्यादा पसंद करते हैं? परमेश्वर के वचन का हथौड़ा और उसकी आग को पूरी तरह से समझने के लिए, आपको अपने भोलेपन से बाहर निकलना होगा (यिर्म. 23:28-29)।
यदि आप किसी समकालीन कलीसिया में जाते हैं या टेलीविजन के किसी प्रचारक से अपनी धर्मशिक्षा पाते हैं, तो आप बाइबल के महान और भयानक परमेश्वर को नहीं जानते (व्यव. 7:10; 10:17; भज 47:2; 66:5; 99:3; इब्रा. 10:31; 12:29)। आप का पोषण राजनीतिक रूप से सही दिखाई देनेवालों के द्वारा उद्देश्य-चालित मसालेदार नुस्ख़े से किया जाता आ रहा है, जबकि इस नीतिवचन में निहित चेतावनी का प्रचार परमेश्वर के कर्कश और तूफानी नबियों द्वारा गरजने वाले विस्फोट के रूप में किया जाना चाहिए। आपका सबसे बुरा सपना पूरा होने जा रहा है। आपका ध्यान कौन खीचेंगा?
स्वर्ग का महान परमेश्वर प्राकृतिक सृष्टि, माता-पिता, बाइबल और अपने प्रचारकों के माध्यम से बुद्धि और ज्ञान को आप के सामने रख रहा है। वह आपको उनकी सुनने के लिए मजबूर नहीं करेगा – आप दिवास्वप्न देख सकते हैं, विद्रोह कर सकते हैं, और अपने तरीके से चीज़े कर सकते हैं – लेकिन यदि आप उसका इनकार करते है तो वह आपको पीसकर धूल बना देगा (निति 1:20-33; 29:1; मालकी 2:1-3 ; मत्ती 21:43-46; लूका 8:18)। वह आपके व्यक्तिगत अधिकारों में विश्वास नहीं करता है; आप उसके साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इसके लिए वह आपको व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार घोषित करता है (नीति 12:1; 28:9; लैव 26:18)।
यदि आप प्रभु का भय मानकर विवाह करने के बजाय केवल इसलिए विवाह करते हैं क्योंकि आप उस लड़के से या लड़की से प्रेम करते हैं, तो वह आपके 50 वर्षों के नरक जैसे वैवाहिक जीवन पर हँसेगा (निति 31:30; 30:21-23)। यदि आप अपने बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए बाइबल और परमेश्वर के नियुक्त शिक्षकों के बजाय इस संसार के बाइबल-रहित शिक्षकों को चुनते हैं, तो जब लाड़-प्यार से बिगड़े हुए बच्चें आपके जीवन को खंडहर बना देंगे तब वह आपकी विपत्ति और सरेआम बेइज्जती पर हँसेगा (निति 17:25; 29:15)। यदि आप किसी उबाऊ काम पर कड़ी मेहनत करने के लिए उसके नियम का तिरस्कार करते हैं, तो वह आप पर हँसेगा जब हेरा-फेरी करनेवाली योजनाएं और धोखाधड़ी करनेवाले नेटवर्क मार्केटिंग स्कैम आपको आर्थिक रूप से बर्बाद कर देंगे (निति 12:11; 13:11)।
यदि आप उसके द्वारा दी गई कई चेतावनियों के बावजूद व्यभिचार का मार्ग चुनते हैं, तो वह मृत्यु और उसके बाद आने वाले नरक पर हँसेगा (निति 2:18; 5:3-13; 7:24-27; 9:17-18)। यदि आप अपने माता-पिता की अवज्ञा करते हैं या उनका मज़ाक उड़ाते हैं, यहाँ तक कि चेहरे के हाव-भावों से भी, तो जब उकाब आपकी आँखों को नोच नोचकर खाएंगे तब वह आप पर हँसेगा (निति 20:20; 30:17)। यदि आप चरित्र के ऊपर शारीरिक सुन्दरता पर ज़ोर देते हैं, तो जब यह संसार आप के साथ वैसा वर्णन करेगा जैसे सूअर के थूथन में सोने की नथ, तब उसकी हंसी सुनने के लिए तैयार रहें (निति 11:16, 22)। यदि आप अपने अधिकारीयों को हल्के से लेते है और उन्हें कुछ नहीं समझते है, तो वह आप पर आनेवाली विपत्ति और बर्बादी पर हँसेगा (निति 24:21-22)!
वह जो अंत में हँसता है, विजयी और सत्य ठहरता है! आज आप शायद अपने माता-पिता और पास्टरों के प्रयासों पर हंस रहे होंगे, जो वे आपको सुधारने और आपको अपने मार्ग पर पुनर्विचार कराने के लिए कर रहे हैं। आप अभी आत्मसंतुष्टि से सोच रहे होंगे कि आपने सब बातों को समझ लिया है और अब आपको अपने माता-पिता और पास्टर की सुनाने की कोई ज़रूरत नहीं है। परन्तु जैसे ही दुख और भय आपकी आत्मा को गुमनामी के अँधेरे में बिलकुल वैसे ही ढकेल देंगे जैसे एक बवंडर या तूफान अपने रास्ते में सब कुछ नष्ट कर देता है, तब परमेश्वर आप पर उपहासपूर्ण ढंग से हँसेगा (निति 1:26-30; भजन 2:1-5; 37:13)।
प्रिय पाठक! परमेश्वर जब आप के सामने बुद्धि को रख रहा है, आपकी प्रतिक्रिया कैसी है? क्या प्राकृतिक सृष्टि आपको परमेश्वर के अस्तित्व को लेकर प्रतिदिन नम्र करती है? क्या आप अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हैं और उनका सम्मान करते हैं? क्या आप हर दिन बाइबल पढ़ने और वचन पर मनन करने के लिए समय निकालते हैं? क्या आप उसके प्रचारकों को आपको समझाते हुए सुनने के लिए तत्पर दिमाग के साथ चौकस और एकाग्र हैं? यदि आप इनमें से एक या अधिक क्षेत्रों में ढिलाई बरतते हैं, तो संकट आ रहा है। जब आप मदद के लिए भीख माँगोगे तब भी वह आपकी सहायता नहीं करेगा (नीति 1:26-30; 28:9)।
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