नीतिवचन 1:20

बुद्धि बाहर खड़ी पुकारती है; वह सड़को पर ऊँचे स्वर से अपनी वाणी बुलंद करती है:

एक कुलीन स्त्री के रूप में बुद्धि आपकी मदद करना चाहती है। वह सभी लोगों को दिन-प्रतिदिन ज्ञान और समझ देना चाहती है। वह हमेशा उपलब्ध नहीं रहेगी। यदि आप उसे लम्बे समय तक ठुकराते रहे, तो जब आप मुसीबत में होंगे तो वह आपकी उपेक्षा करेगी। सुनिश्चित करें कि आप आज उसके अनुग्रहपूर्ण वरदान को ग्रहण करेंगे और उसका व्यवहारिक लागुकरण करेंगे।

आप अपने आप को क्यों चोट पहुँचाते रहते हैं? आखिर कब आप इस तकलीफ से थक जाएंगे? क्या करना होगा ताकि आप जीवन को एक अलग नज़रिए से देखने विवश हो जाए? आप मूर्खों की पुकार को क्यों सुनते हैं (नीति 1:10-19)? आप अवश्य ही मृत्यु से प्रीति रखते हैं, क्योंकि आप अपना चुनाव उसी दिशा में कर रहे हैं (नीति 8:32-36)।

एक कुलीन स्त्री के रूप में बुद्धि आपको एक सुखी और सफल जीवन देना चाहती है। यह गौरवशाली स्त्री आपका ध्यान और प्रेम अपनी ओर खींचने के लिए पुकारती है। वह अब आपके करीब है। क्या आप सड़कों पर उसकी वाणी सुन सकते हैं? वह आप से अनुरोध कर रही है। यह कुलीन स्त्री एक स्त्री के रूप में सुलैमान द्वारा किया गया बुद्धि का एक शक्तिशाली व्यक्तिकरण है।

कुलीन स्त्री के रूप में बुद्धि आपका ध्यान अपनी ओर चाहती है। वह आपको ऐसी बुद्धि और ज्ञान देगी, जो आपको इस जगत और आनेवाले जगत में सर्वश्रेष्ठ जीवन की ओर ले जाएगी। आपको बस उसे अपनाना है। वह अपने प्रस्ताव को किस प्रकार प्रस्तुत करती है?

“हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और निंदक अपनी निंदा में आनंद करेंगे और मूढ़ ज्ञान से बैर रखेंगे। मेरी डांट सुनकर मन फिराओ: देखो, मैं अपनी आत्मा तुम पर उंडेलती, मैं तुम पर अपने वचन प्रकट करती।” (नीति 1:22-23)। अधिकांश लोगों को साल दर साल, पीढ़ी दर पीढ़ी किसी न किसी तरह का दुख और संकट गुज़रना पड़ता है। वे अवश्य ही भय, शोक, निष्क्रियता और विनाश से प्रीति रखते हैं, क्योंकि वे कभी नहीं बदलते। माता-पिता तलाक लेते हैं, और उससे आहत होकर बच्चे कहते हैं कि वे कभी तलाक नहीं लेंगे; फिर भी बच्चों का तलाक हो जाता है। एक पिता व्यभिचार करता है; उसका पुत्र शपथ खाकर कहता है कि वह ऐसा काम कभी नहीं करेगा; पर फिर भी वह व्यभिचार करता है। पाप और दुख एक मूर्ख से दूसरे मूर्ख तक बिना किसी अंत के स्थिर बने रहते हैं।

दादा एक शराबी है; उसके बच्चे, नाती-पोते और भतीजे शपथ लेते हैं कि वे कभी भी शराब का सेवन नहीं करेंगे; लेकिन अंत में उन में से कई दादा की तरह शराबी बन जाते हैं। एक मूर्ख विद्रोही युवक अपने माता-पिता के साथ बहसबाजी करता है और लड़ता है, अंत में अपना प्रबंध खुद ही करने की हिदायत देकर उसे घर से बाहर निकाल दिया जाता है। वह स्कूल में लड़ाई-झगड़ा करता है; वह सेना में लड़ता है; वह कर्मचारियों और अपने नियोक्ताओं के साथ लड़ता झगड़ता है। उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली जाती है; उसके बच्चे उससे नफरत करते हैं; लेकिन वह आख़री सांस तक लड़ता है।

अमेरिका की किसी छोटी लड़की को प्रश्न पड़ता है कि उसके देश में इतनी सारी कलीसियाएं क्यों हैं और उसके देश की प्रतिज्ञा में और मुद्रा पर परमेश्वर के नाम का उल्लेख क्यों है, जब कि जिस स्कूल में वह पढ़ती है वह स्कूल यीशु मसीह, बाइबल और प्रार्थना से इनकार करती हैं; उसे प्रश्न पड़ता है कि उसके देश में पिट-बुल नामक कुत्ते की रक्षा का कानून क्यों है जबकि अजन्मे बच्चों को मां की कोख़ में ही मार दिया जाता है? उसे कड़ी मेहनत क्यों करनी चाहिए जबकि उसका देश “विकलांग” के कल्याण वर्ग का समर्थन करता है, क्यों दो पुरुष या दो महिलाएं विवाह करती हैं जबकि वे प्राकृतिक रूप में बच्चों को पैदा नहीं कर सकते। उसे अपने स्कूल ऋण का भुगतान क्यों करना पड़ता है लेकिन सरकार उसका पैसा वापस नहीं करती है, और क्यों उसके कई सहपाठियों का जीवन दवाओं पर चलता है? फिर भी अंत में वह अपनी बेटियों को उन्हीं स्कूलों में भेजती है और किसी कलीसिया में नहीं जाती है।

सृष्टिकर्ता परमेश्वर अपने द्वारा रचे गए स्वर्ग से (भजन 19:1-6), बाइबल जो उसने लिखी उसके माध्यम से (भजन 19:7-11) और सुसमाचार प्रचारकों के द्वारा जिन्हें वह बाइबल सिखाने के लिए आप के पास भेजता है, बुद्धि प्रदान करता है (यिर्म. 3:15; कुलु. 1:28-29; 2 तिमु. 3:16-17)। नीतिवचन क्या कहता है फिर से सुनें : “बुद्धि बाहर खड़ी पुकारती है; वह सड़को पर ऊँचे स्वर से अपनी वाणी बुलंद करती है” (नीति 1:20)। परन्तु आज के मसीही भी ऐसी खरी शिक्षा से दूर हो गए हैं जो दंतकथाओं और मनोरंजन के स्थान पर बुद्धि की शिक्षा देती है (2 तीमु. 4:3-4)।

बाइबल परम-ग्रंथालय है – सर्वशक्तिमान ईश्वर द्वारा चुनी गई 66 अनमोल पुस्तकों का एक संग्रह। यह दिव्य रूप से प्रेरित है और ज्ञान की सिद्ध व्यवस्था है। इसकी पुस्तकों में साहित्य की अधिकांश विधाएँ शामिल हैं और जीवन के हर पहलू का वर्णन करती हैं, विश्व की ओर देखने की एक सम्पुर्ण वास्तविक दार्शनिकता प्रदान करती हैं, और समझदार मनुष्यों द्वारा विचाराधीन हर दार्शनिक प्रश्न और दुविधा का उत्तर देती हैं। परमेश्वर ने यह पुस्तक भोले-भाले लोगों को बुद्धिमानों में बदलने और अपने एकलौते पुत्र, यीशु मसीह के विषय में सच्चाई की घोषणा करने के लिए दिया।

कुलीन स्त्री नामक बुद्धि, जो कि सुलैमान द्वारा बुद्धि का व्यक्तित्वकरण है, आपको परमेश्वर के अनुग्रहपूर्ण वरदान का लाभ उठाने के लिए बुला रही है। परन्तु ज्यादातर लोग डार्विन, नीत्शे, स्पॉक, फ्रायड, या ओपरा पर विश्वास करना चुनेंगे। परमेश्वर क्या करता है? वह उनकी प्रार्थनाओं को ठुकरा देता है, उन्हें सत्य और ज्ञान की समझ के प्रति अंधा कर देता है, और उनके दिमाग को व्यभिचार जैसी अप्राकृतिक चीजों को करने के लिए उलट देता है (नीति 1:20-32; रोम. 1:18-32)। कुलीन स्त्री रूपी बुद्धि आपको आग्रह-सहित पुकारती है। बुद्धि सीखने के लिए आज आप क्या करेंगे?

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