नीतिवचन 1:13

हम को सब प्रकार की बहुमूल्य वस्तुए मिलेंगी, हम अपने घरों को लूट से भर देंगे:

क्या ही लुभावना प्रस्ताव है! आप इसका कैसे विरोध कर सकते हैं? दूसरों के साथ एकता! सब प्रकार की बहुमूल्य वस्तुए! लूट से भरे घर! खबरदार! इन शब्दों में मृत्यु और नर्क छिपे हैं। संसार आपको तकलीफ और परेशानी की पेशकश करके पाप करने के लिए नहीं लुभाता है। वह आपको दोस्ती, खुशी और सफलता की पेशकश करके लुभाता है। परन्तु चमकनेवाली हर चीज सोना नहीं होती है, और पाप आपको पूरी तरह से बर्बाद कर देगा।

यहाँ मित्रों के दबाव को लेकर एक सबक है। सुलैमान ने अपने पुत्र को चेतावनी दी कि वह उन पापियों की पेशकश को तिरस्कार के साथ ठुकरा दे जो उसे उनके साथ उनकी मूर्खता में भाग लेने के लिए लुभा रहे हैं (नीति 1:10)। उसने एकता और अच्छी सफलता के उनके वादों के खिलाफ चेतावनी दी (नीति 1:11-14)। और उसने अपने पुत्र को यह बताकर इस चेतावनी का समापन किया कि वह उनके पापो से दूर रहकर उस भयावह न्याय से बचे जो निश्चित ही उन पर आ पड़ेगा (नीति 1:15-19)।

अधर्मी मित्रों का साथ छोड़ देना बुद्धि का एक बड़ा लक्षण है। यह पवित्रशास्त्र की एक सामान्य चेतावनी है (निर्ग 23:2; भज 1:1; 26:4-5; 101:1-8; 1 कुरि 15:33; 2 कुरि 6:14-17; याकूब 4:4)। परन्तु सुलैमान ने अपने पुत्र की सुरक्षा के लिए इस पर बल दिया (नीति 1:15; 4:14-15; 9:6; 13:20; 14:7; 19:27)। जो माता-पिता अच्छे होते हैं वे अपने बच्चों को दुष्ट मित्रों के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए चौकस रहेंगे।

हर एक पाप एक आकर्षक और मनचाहा उद्देश्य, बड़ा सुख, या सफलता की प्रतिज्ञा करता है; अन्यथा लोग पाप नहीं करते। हव्वा ने सोचा कि यदि वह वर्जित फल खाए तो वह परमेश्वर के समान बन सकती है। शिमशोन ने सोचा कि दलीला उसे आनंद देगी। हनन्याह और सफीरा ने सोचा कि वे कुछ पैसे अपने पास रख सकते थे और इसके बावजूद कलीसिया में बड़े दानदाता बन सकते थे। पाप धोका देनेवाला एक झूठ है!

पाप में कुछ समय का अल्पकालिक आनंद हो सकता है, जैसा कि बाइबल बताती है (इब्रा. 11:25), परन्तु इस की थोड़ी भी तुलना पाप के घातक और विनाशकारी परिणामों के साथ नहीं की जा सकती। लूत को यकीन था कि सदोम के नज़दीक स्थित उपनगर जहां अच्छे अच्छे स्कूल हैं, उसके परिवार के लिए लाभदायक होंगे – अपने सबसे भयावह संकट के दौरान उसके सात सदस्यों वाले परिवार के साथ वास्तव में जो हुआ उसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी।

पाप झूठ बोलता है! वासनाएं झूठ बोलती हैं! वे आप से कहती हैं कि सुख-विलास बड़ा होगा और दुष्परिणाम मामूली होंगे। बाइबल वासनाओं और पाप के फसानेवाली प्रकृति के विषय में चेतावनी देती है (इफि. 4:22; इब्र. 3:13)। अम्नोन अपनी बहन तामार के साथ यौन सम्बंध बनाने के लिए इतना उतावला था, कि वह बीमार पड़ गया, लेकिन इस जघन्य कृत्य के बाद, वह पहले से भी बदतर हो गया था, लगातार डर में रहा, और इस कृत्य के लिए उसे मार डाला गया (2 शमू. 13:1-39)।

शैतान और उसका संसार ललचाने वाली बातों की पेशकश करते हैं। वे शायद ही कभी स्वीकार करेंगे कि वे परमेश्वर से घृणा करते हैं, उसके वचन का उल्लंघन करना चाहते हैं, और नरक जाने की जल्दबाजी करते हैं। वे प्रकाश के दूत के रूप में और धार्मिकता के सेवकों के रूप में प्रकट होते हैं और बताते हैं कि कैसे अपने सुखविलास को प्राप्त करे और उसका आनंद उठाएं। शैतान एक अन्य यीशु के रूप में आता है, एक लोकप्रिय सुसमाचार प्रस्तुत करता है, और एक अन्य आत्मा को उंडेलता है (2 कुरि. 11:3-4, 13-15)।

यह अंत के दिनों का संकटपूर्ण समय है : बहकाने वाले दुष्ट जन पहले से भी बदतर हो गए हैं (2 तीमु. 3:1-13)। सांसारिक मन की मसीहत ऐसे लोगों से भरी हुई है। सत्य से समझौता करने के लिए उनके मीठे झूठों में से एक है उन्नति दिलाने का उनका वादा – आप के पास एक विशाल कलीसिया हो सकती है – और यह वादा ठीक इस नीतिवचन में वर्णित हत्यारों के वादे समान ही है। परन्तु पौलुस ने उनकी इस नीति का कि लक्ष्य माध्यमों को सही ठहराता है और उनके इस झूठे आंकलन का कि भक्ति तो कमाई का मार्ग है, निंदा की है(1 तीमु 6:3-5)। उसने तीमुथियुस से कहा कि वह ऐसे लोगों से दूर रहे (1 तीमु. 6:5)।

ललचाने वाले इन झुठों का क्या इलाज है? इलाज है बाइबल की यह घोषणा कि “सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है” (1 तीमु. 6:6)। साथियों का दबाव उस व्यक्ति को प्रभावित नहीं कर सकता जो भक्ति के लिए प्रतिबद्ध है और जो कुछ उसके पास है उसी से संतुष्ट और समाधानी है। बहकाने वाले लोग ऐसे मनुष्य के जीवन पर बिलकुल ही असर नहीं डाल सकते। पौलूस ने सांसारिक महत्वाकांक्षा के गंभीर खतरों के बारे में और आगे चेतावनी दी (1 तीमु 6:7-10)। मूसा आपके लिए एक मिसाल होना चाहिए : उस ने मसीह के लोगों के साथ दुःख भोगने के लिए मिस्र के सारे अवसरों को त्याग दिया (इब्रा. 11:24-26)।

पाप झूठ बोलता है! वासनाएं झूठ बोलती हैं! जब आप को पाप का बोध जाए और अपनी मूर्खता को सुधारने में बहुत देर हो चुकी हो तब आप क्या करेंगे (नीति 5:12-14)? जब आप मृत्यु के निकट पहुंचने पर अपनी आखिरी सांस के लिए हांफ रहे होंगे तब आप क्या करेंगे (नीति 5:11)? इससे पहले कि परमेश्वर आपकी वासनाओं के लिए नरक की जलती हुई भट्टी के पास आपका सामना करें, आपकी युवावस्था के पाप ही आपके अंतिम विचारों को दंडित करेंगे। आज आप किस पर विश्वास करेंगे – परमेश्वर और बाइबल में दी उसकी चेतावनियों पर, या झूठ बोलनेवाली अपनी पापपूर्ण वासनाओं पर? जवानी की अभिलाषाओं से भागो – अभी (2 तीमु. 2:22)!

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