नीतिवचन 1:10
हे मेरे पुत्र, जब पापी तुझे फुसलाएं, तो तू राज़ी मत होना।
भले लोग पाप के प्रलोभन का विरोध करते हैं। महान लोग उन्हें पाप के लिए प्रेरित करने के दूसरों के प्रयासों का विरोध करते हैं। दुष्ट व्यक्ति या बुरी वस्तु चाहे कितनी भी लाभप्रद और मनमोहक क्यों न हो, वे झुकेंगे नहीं। वे नतीजों की परवाह किए बिना धार्मिकता और सच्चाई को दृढ़ता से थामे रहेंगे।
पापी लोग केवल स्वयं ही पाप करने और नरक में जाने से संतुष्ट नहीं होते हैं। वे अपनी दुष्टता में दूसरों को शामिल करना चाहते हैं। मासूमों को अपनी पापपूर्ण गतिविधियों में शामिल कराना और मित्र बनाना उनके बुरे जीवन को सही ठहराने में मदद करता है, और शैतान उनका उपयोग परमेश्वर के बच्चों को भ्रष्ट करने और उनका विनाश करने के लिए करता है।
इस वचन का संदर्भ हत्यारों के एक ऐसे गिरोह का वर्णन करता है, जो किसी मासूम नवजवान को अपने गिरोह में फंसाने के लिए फुसला रहा है (नीति. 1:11-14)। वे उसे मित्रता, एकता, सफलता और धन का प्रलोभन देते हैं। उपदेशक ने अपने पुत्र को उन से दूर रहने की चेतावनी दी, क्योंकि वे दुष्ट थे और विनाश की ओर अग्रसर थे (नीति. 1:15-19)।
बलवान लोग किसी भी सूरत में पापियों से सहमत नहीं होंगे। वे जो सही है उसके लिए प्रतिबद्ध और समर्पित हैं, और मूर्खों की मूर्खता उन्हें क्रोध दिलाती है। वे दुष्टों से घृणा करते हैं (भजन 101:3; 139:21-22)। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुष्ट क्या सोचते हैं या वे अपनी दुष्ट योजनाओं के तहत कौन सी चीजों का प्रलोभन देते हैं।
पापी लोग पवित्रजनों को कैसे फुसलातें हैं -बहकाते हैं, आकर्षित करते हैं, या ललचाते हैं? इसके कई तरीके हैं, और उनके विभिन्न तरीके बुद्धि और समझ में बढ़ने के लिए उत्तम सबक प्रदान करते हैं। बुद्धिमान और विवेकपूर्ण होने के लिए, अवश्य है कि आप पापियों के फुसलावे की पहचान करना और उन्हें ठुकराना सीखे।
सबसे पहले, आपका एक परिवार है। धिक्कार है उन लोगों पर जो परिवार को बाइबल से ऊपर उठाते हैं, क्योंकि वे परिवार को पालने के लिए सच्ची भक्ति के सम्बन्ध में समझौता करते हैं। कितना सस्ता सौदा है! परिवार के लिए? पापियों की मेज को संतों की मेज समझना, और उन के बिच गड़बड़ी या उलझन पैदा करना? इसलिए यीशु ने अपने शिष्यों को सिखाया कि वे उसकी तुलना में अपने परिवार से घृणा करे (लूका 14:26)। उसका सिद्धांत परिवारों में दरार डालता है ताकि परखे कि आप उससे कितना प्रेम करते हैं (मत्ती 10:34-37)। यदि आप यीशु मसीह और सच्चाई के लिए परिवार को नहीं त्यागेंगे, तो आप उसके योग्य नहीं हैं। एली ने अपने पुत्रों को चुना, इसलिए परमेश्वर ने उसके वंश को ही हमेशा के लिए मिटा दिया (1 शमू. 3:13)।
दूसरा, आप में मनुष्य का भय है। यदि आप इस बात की चिंता करते हैं कि दूसरे क्या सोचेंगे या वे क्या करते हैं, तो आप अपनी ही आत्मा को फंदे में डालते हैं (नीति. 29:25)। आप उन की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए पवित्रशास्त्र से समझौता कर बैठेंगे। इसे रिश्तों का दबाव कहा जाता है, ख़ासकर तब जब इस में बच्चे शामिल हो, लेकिन जब इस में वयस्कों की बात आती हैं तब इस पर कोई चर्चा नहीं होती है। कितना घिनौना डर है! क्यों न कहें, “मैं इस से न डरूंगा कि मनुष्य मेरे साथ क्या करेगा” (इब्रा. 13:6)? पतरस जो अपने इरादों में कुलीन और बहादुर था, उसने केवल नौकरानियों के सामने बुरी तरह से समझौता किया। और पीलातुस, जिसे उसकी ही पत्नी द्वारा चेतावनी दी गई और जिसने खुद को दोषी ठहराया, वह यहूदियों के सामने यीशु को रिहा नहीं कर सका।
तीसरा, आपके मित्रगण हैं। कुछ तो मित्रों के लिए इतने बेताब होते हैं कि वे अपनी मित्रता बनाए रखने के लिए कुछ भी कर जाते हैं। इस नीतिवचन में अभिव्यक्त की गई एकता उनके लिए अनमोल है। अकेले खड़े रहना इन कमजोरियों को पराजित कर देना है। उन्हें जीवित रहने के लिए स्वीकृति और समर्थन की आवश्यकता होती है। यहूदियों में से जितनों ने यीशु पर विश्वास किया उन में से कुछ ने आराधनालय की अपनी सदस्यता को खो देने के डर से उसका खुलकर अंगीकार नहीं किया (यूह. 12:42)। परमेश्वर पापियों के साथ इस समझौता करने वाली संगति की निंदा करता है (यशा. 8:9; 2 इति. 19:1-2)। वह ऐसे लोगों की खोज में है जो यहोशू और कालेब के समान भीड़ के विरोध में खड़े रहने का साहस दिखाए।
चौथा, जिस सफलता का संकेत या प्रस्तुतीकरण सामने रखा जाता है, वह मोहक है। नीतिवचन के इस अध्याय में जवान से कहा जाता है कि यदि वह इस हिंसक गिरोह में शामिल होता है तो वह अपने घर को खजाने से भर देगा (नीति. 1:13)। कितने मनुष्यों ने अपने पेशे में आगे बढ़ने के लिए अपने विश्वासों का त्याग किया है? कितना बगावती पेशा है! यहूदा की आत्मा को खरीदने और प्रभु यीशु मसीह को बेचने में चाँदी के केवल तीस सिक्के लगे। गेहजी की आत्मा को मोल लेने के लिए केवल थोड़ी सी चाँदी और केवल दो जोड़े वस्त्र लगे। कितनी तुच्छता!
संसार के प्रलोभनों को तीन प्रकार के पापों में विभाजित किया जा सकता है -शरीर की वासना, आँखों की लालसा और जीवन का घमण्ड (1 यूह. 2:15-17)। शैतान ने हव्वा पर इन तीनों प्रलोभनों का उपयोग किया, और उनका असर भी हुआ (उत्प. 3:6); उसने उन्हें प्रभु पर भी आजमाया, परन्तु यीशु ने इन तीनों प्रलोभनों को ठुकरा दिया। क्या आप में पापियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इन प्रलोभनों की पहचान करने और उनकी ओर आकर्षित करनेवाली अपनी कमजोरियों को जानने की सामर्थ्य हैं?
आज कलीसियाएं सांसारिक मसीहियों और उद्धार न पाए हुए लोगों के लिए ब्रेड-बटर और मिठाईयों से सजी खाने-पिने की मेज़ लगाती हैं। वे हर उम्र और लिंग के लोगों की वासना को संतुष्ट करने के लिए अपनी उन्नति और कई तरह के कार्यक्रमों पर घमण्ड करते हैं। वे आपको उनके साथ मिलने के लिए लुभाने का बहुत प्रयास करते हैं। आप राज़ी मत होना!
प्रिय पाठक, क्या आप परमेश्वर के वचन की चट्टान पर स्थिर हैं? क्या आप उस चट्टान पर इस बात की परवाह किए बिना कि कौन आपको लुभा सकता है या कौन-सी बातों की पेशकश की जा सकती है, स्थिर बने रहेंगे? क्या आप अपनी आत्मा और उसकी कमजोरियों को जानते हैं? अपने आप को परखे, और अपने आप को किसी भी रिश्ते की परीक्षा में पड़ने से बहुत दूर करें।
प्रभु यीशु को शैतान ने तीन बार फुसलाया (लूका 4:1-13)। क्या उसने जरा भी समझौता किया? कोई मौका नहीं! और हर बार उसका जवाब क्या था? ऐसा लिखा है! क्या आप इस दूसरे आदम से प्रथम आदम की तुलना में उसकी असीम श्रेष्ठता के कारण प्रेम करते हैं? हम आपकी स्तुति करते हैं, हे परमेश्वर!
बुद्धिमान लोग पापियों के साथ अपने अनावश्यक और मोहक रिश्तों को तोड़ देंगे (नीति. 1:15)। नीतिवचन 13:20 पर दी गई शिक्षा देखें। एक धर्मी जीवन जीने के लिए दाऊद का जो दृढ़ विश्वास था उस में अपने परिचितों में मौजूद किसी भी पापी रिश्तेदार से रिश्ता तोड़ना शामिल था, फिर चाहे इसमें परिवार के सदस्य भी शामिल क्यों न हों (भजन 101:4-8)। क्या आप दुष्टों के सभी प्रलोभनों के विरुद्ध अकेले खड़े होने के लिए तैयार और इच्छुक हैं?
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