नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।
चुनिंदा नीतिवचन

नीतिवचन 30:17
जिस आँख से कोई अपने पिता पर अनादर की दृष्टि करे, और अपमान के साथ अपनी माता की आज्ञा न माने, उस आँख को तराई के कौवे खोद खोदकर निकालेंगे, और उकाब के बच्चे खा डालेंगे।
एक किशोर का अपने माता-पिता की ओर अनादर की दृष्टि से देखना कितना बुरा होता है? परमेश्वर ने अपना उत्तर आगूर भविष्यवक्ता के लिखे हुए वचन द्वारा दिया। शिकारी पक्षी ऐसे बुरे बच्चों की आँखों को खोद कर खा जाएंगे! पिता या माता के विरुद्ध इस दुष्ट अपराध के लिए परमेश्वर भयंकर न्याय के साथ लोगों के सामने उनका तमाशा बनाएगा। आज आमतौर पर और कितना अधिक अनादर बर्दाश्त किया जाता है!
व्याख्या पढ़ें
नीतिवचन 5:19
वह तेरे लिए प्रिय हिरनी और सुन्दर साम्भरनी के समान हो, उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे मोहित करता रहे।
अपनी पत्नी से संतुष्ट रहना एक सुखी वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। सुलैमान ने अपने बेटे को तीन महत्वपूर्ण विकल्प चुनने की चेतावनी दी – अपनी पत्नी को प्रेम का एक नाजुक पात्र समझकर उसके साथ कोमलता से व्यवहार करना, उसके शरीर और स्त्रीत्व की सराहना करना, और अपने पति के प्रति उसके प्रेम और उसकी भक्ति से भर उठना। इस ईश्वर-प्रेरित नीतिवचन में पतियों के लिए कुछ सबसे आवश्यक वैवाहिक सलाह शामिल है। इस बुद्धि को और कुलुस्सियों 3:19 में की बुद्धि को सीखने और उसके अनुसार करने से एक व्यक्ति बहुत अधिक लाभ प्राप्त कर सकता है।
व्याख्या पढ़ें
नीतिवचन 6:6
हे आलसी, चींटियों के पास जा; उनके काम पर ध्यान दे, और बुद्धिमान हो।
चींटियाँ अच्छी शिक्षक हैं (नीतिवचन 30:24-28)। कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें आप चींटियों से सीख सकते हैं, और पेशेवर रूप से वे बातें आपकी कॉलेज की डिग्री या टेक्नोलॉजी में पारंगत शिक्षा से कहीं अधिक बढ़कर आपके लिए कल्याणकारी साबित होंगी। चींटियाँ मेहनती और विवेकपूर्ण होती हैं: बिना किसी दबाव के कड़ी मेहनत करती हैं, और जो कुछ वे जमा करके रखती हैं उसे बड़ी चालाकी से बचाकर रखती हैं। सफलता के लिए अनिवार्य इन दो मूलभूत बातों की आज के आधुनिक समाजों में अक्सर उपेक्षा की जाती है, जहां सुखविलासिता पर ज़ोर दिया जाता है और ‘आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया’ को प्रोत्साहित किया जाता है।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 11:24
ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, तौभी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इस से उनकी घटती ही होती है।
दुनिया की कोई भी बिजनेस स्कूल इतनी विकसित नहीं है कि अर्थशास्त्र के इस शक्तिशाली नियम को पढ़ा सके। न तो लंदन बिजनेस स्कूल, न ही हार्वर्ड, और न व्हार्टन जैसे विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय आपको यह सिखा सकते हैं। यह नीतिवचन स्वर्ग के असीम बुद्धिमान परमेश्वर की ओर से अपने लोगों के लिए एक वित्तीय रहस्य है। अपनी आर्थिक सम्पत्ति बिखरा देने से आपकी निवल संपत्ति में वृद्धि होगी, जबकि धन को रोके रखने से निर्धनता ही बढ़ती है।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 16:4
परमेश्वर ने सब कुछ अपने लिए बनाया है : हां, दुष्ट को भी विपत्ति के दिन के लिए।
यहोवा परमेश्वर को महिमा दो! स्वर्ग के राजा के सामने भूमि पर गिरो! जीवन के चार सबसे बड़े प्रश्नों के अंतिम और सच्चे उत्तर यहां दिए गए हैं: सभी चीजें कहां से आई हैं? वे क्यों अस्तित्व में हैं? सच्चा परमेश्वर कौन है? बुराई क्यों मौजूद है? यह एक वाक्य आपके वज़न के बराबर सोने से भी मूल्यवान है! स्वर्ग से प्रकाशित इस सत्य-सिद्धान्त के सामने अपने को नम्र करें और जीवन के लिए बुद्धि को सीखें!
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 22:2
धनी और निर्धन दोनों एक दूसरे से मिलते हैं; यहोवा उन दोनों का कर्ता है।
धनी (अमीर) और निर्धन (गरीब) में कई समानताएं होती हैं। दोनों का कर्ता परमेश्वर यहोवा ही है। उनके बीच कौन-सी समानताएँ हैं जानें, और उनमें से किसी से भी नफ़रत या ईर्ष्या न करें। चीजों को परमेश्वर की दृष्टि से देखना बड़ी बुद्धि और महान ज्ञान है।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 11:16
अनुग्रह करनेवाली स्त्री प्रतिष्ठा नहीं खोती है, और उग्र लोग धन को नहीं खोते।
यहाँ सबसे अच्छे नीतिवचनों में से एक है। इसमें स्त्रियों के लिए महान बनने का एक सरल नियम है, और पुरुषों के लिए भी महान बनने का एक सरल नियम है, और वह भी बस कुछ ही शब्दों में। यदि आप नीतिवचनों को उनकी संक्षिप्तता, बुद्धि, मूल्य और स्पष्टता के आधार पर श्रेणीबद्ध करते हैं, तो यह एक सर्वश्रेष्ठ नीतिवचन है। इन दस शब्दों और उनमें दी गई बुद्धि से प्रेम रखें।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 14:15
भोला तो हर एक बात को सच मानता है, परन्तु चतुर मनुष्य समझ बूझकर चलता है।
इस दुनिया की हर बात पर संदेह करना एक सद्गुण है। सावधानी और सतर्कता कुलीनता का लक्षण है। सबूत मांगना चतुराई है। केवल मूर्ख और भोले लोग ही सुनी या पढ़ी हुई सब बातों पर विश्वास करते हैं। चतुर और सफल व्यक्ति निर्णय लेने से पहले चीजों की सावधानीपूर्वक जांच-पड़ताल करता है। वह कोई भी कदम उठाने से पहले जोखिमों और प्रतिफलों को समझता है। वह इत्तफ़ाक़न और संयोगवश या मात्र आशा से कुछ नहीं करता।
व्याख्या पढ़ेंयादृच्छिक नीतिवचन
नीतिवचन 3:24
जब तू लेटेगा, तब भय न खाएगा, जब तू लेटेगा, तब सुख की नींद आएगी।
इस दुनिया में नींद की सभी समस्याओं का कारण अनिद्रा, स्लीप एपनिया का रोग या अन्य शारीरिक बीमारियां नहीं हैं। नींद की कुछ समस्याओं के कारण आध्यात्मिक हैं। परमेश्वर चाहता है कि उसके प्रिय बच्चे अच्छी नींद लें, और यदि वे उस पर भरोसा रखेंगे, तो उन्हें पूर्ण शांति से भरी अच्छी नींद आ सकती है (भजन 127:1-2; 26:3-4)।
व्याख्या पढ़ें