यौन संबंध की रचना परमेश्वर ने की, और सुलैमान की 1000 पत्नियाँ और रखैलें थीं। इन दोनों का मेल बहुत अच्छा होना चाहिए। नीतिवचन आपके जीवन के इस रोमांचक और महत्वपूर्ण भाग पर बात करता है। जिसने इसे रचा, उसके नियम जानने की इच्छा आपको होनी ही चाहिए; और इतने अनुभव वाले सबसे बुद्धिमान मनुष्य की सलाह से आगे और भी बुद्धि मिलेगी। क्या आप बिछौने पर सबसे उत्तम पाने के लिए तैयार हैं?
नीतिवचन 5:16
क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए?
सुखी और प्रभावशाली परिवार होना एक महान आशीष और लक्ष्य है। यह ऐसी आशीष या लक्ष्य व्यभिचार या परस्त्रीगमन से हासिल नहीं हो सकता। वेश्याएँ किसी को उसका वंश-वृक्ष बनाने में मदद नहीं कर सकतीं – बल्कि वे उसका विनाश कर देती हैं। यह वर्तमान भ्रष्ट पीढ़ी खानदानी गौरव और मूल्य को बेकार समझती है, परन्तु परमेश्वर ने परिवार को एक विशेष दर्जा देकर उसे गौरवान्वित किया, और बीते ज़माने की महान और निपुण पीढ़ियों ने भी ऐसा ही किया। यहाँ इस बात का एक और कारण है कि क्यों व्यभिचार, अजनबियों के बीच आकस्मिक यौन संबंध, परस्त्रीगमन, समलिंगी विवाहों, और अन्य यौन पापों से बचना और उनसे घृणा करनी चाहिए।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 5:19
वह तेरे लिए प्रिय हिरनी और सुन्दर साम्भरनी के समान हो, उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे मोहित करता रहे।
अपनी पत्नी से संतुष्ट रहना एक सुखी वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। सुलैमान ने अपने बेटे को तीन महत्वपूर्ण विकल्प चुनने की चेतावनी दी – अपनी पत्नी को प्रेम का एक नाजुक पात्र समझकर उसके साथ कोमलता से व्यवहार करना, उसके शरीर और स्त्रीत्व की सराहना करना, और अपने पति के प्रति उसके प्रेम और उसकी भक्ति से भर उठना। इस ईश्वर-प्रेरित नीतिवचन में पतियों के लिए कुछ सबसे आवश्यक वैवाहिक सलाह शामिल है। इस बुद्धि को और कुलुस्सियों 3:19 में की बुद्धि को सीखने और उसके अनुसार करने से एक व्यक्ति बहुत अधिक लाभ प्राप्त कर सकता है।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 6:28
क्या हो सकता है कि कोई अंगारे पर चले, और उसके पाँव न झुलसें?
यहाँ एक अद्भुत नीतिवचन है – संक्षिप्त, शक्तिशाली, बुद्धि से भरा, यादगार। सवाल सीधा है; जवाब सीधा है। नहीं! कोई अंगारे पर चले, और उसके पाँव न झुलसें यह असंभव है।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 6:32
परन्तु जो परस्त्रीगमन करता है वह निरा निर्बुद्ध है; जो अपने प्राणों को नष्ट करना चाहता है, वही ऐसा करता है।
परस्त्रीगमन मूर्खतापूर्ण आत्मघात है। जो चोर भूख के मारे अपना पेट भरने के लिये चोरी करे यह बात समझ में आ सकती है, और भले ही चोरी के लिए दण्ड दिया जाएगा, परन्तु परस्त्रीगमन का न तो स्पष्टीकरण दिया जा सकता है और न इसे उचित ठहराया जा सकता है (नीतिवचन 6:30-31)। इस जघन्य अपराध के लिए कभी कोई ऐसी परिस्थितियाँ नहीं होती हैं जिससे यह अपराध करना आवश्यक हो जाता है या उसे दबाव में करना पड़ता हो।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 7:16
मैंने अपने बिछौने को मिस्र के बूटे कढ़े हुए झीने वस्त्र से संवारा है। (केजेवी)
सजा-धजा सुंदर बिछौना पुरुष को बहकाने की एक तरकीब है। अच्छी पत्नियां इस ओर ध्यान देंगी। बुद्धिमान पुरुष इससे चेतावनी लेंगे। एक युवक को बहकाने के विषय में सुलैमान ने जो दृष्टांत दिया उसमें की व्यभिचारिणी ने उन प्रयासों का वर्णन किया जो उसने उसे कामुक आनंद में परम सुख देने के लिए किए (नीति 7:6-23)। लेकिन बिछौना कितना भी खूबसूरत क्यों न हो, यह उसमें छिपी मृत्यु और नर्क के लिए एक धोखा देनेवाला झूठ है।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 9:17
चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके छिपे की रोटी अच्छी लगती है।
पाप झूठ बोलता है। और व्यभिचार के पाप तो सबसे अधिक झूठ बोलते हैं। मूर्ख लोग इस झूठ को खरीद लेते हैं कि यौनाचार या व्यभिचार के पाप बहुत ही मधुर और सुखद होते हैं। किसी पाप पर प्रतिबन्ध या उसकी मनाही उसकी लालसा को और भी तीव्र कर देती है, और उसे छिपाने के प्रयास इस कर्म को बढ़ा देते हैं। दुष्ट स्त्रियाँ और आधुनिक समाज यौन पापों को बहुत ही सुखद चीज़ों के रूप में प्रस्तुत करते हैं, और यकीन दिलाते हैं कि इसके नतीजे इतने भी बुरे नहीं होंगे। परन्तु क्या मृत्यु और नरक से भयानक कोई नतीजे हो सकते हैं (नीतिवचन 9:18)?
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 15:17
प्रेम वाले घर में सागपात का भोजन, बैर वाले घर में पले हुए बैल का मांस खाने से उत्तम है।
जब आप किसी को अपने घर खाने पर बुलाते हैं, तो क्या मुख्य भोज के लिए केवल साग-भाजी और सलाद परोसते हैं? यदि प्रेम खाने की मेज पर दिलों को जोड़ता है, तो यह मांस और दाखमधु से युक्त एक शानदार दावत हो सकती है। परन्तु यदि मेहमान और मेजबान दोनों के मध्य आपसी बैर मौजूद हो, तो मांस और दाखमधु से युक्त एक शानदार दावत भी निराश कर देती है। मन में आपसी नाराजगी को कायम रखकर मांस और दाखमधु से युक्त एक शानदार दावत की तुलना में प्यार- मोहब्बत के साथ कुछ हरी पत्तेदार सब्जियों से बनी साग-भाजी अधिक आनन्द देनेवाली होती है। यह नियम रूखी-सूखी रोटी के लिए भी सत्य है, यदि आपसी लड़ाई-झगड़े के बजाय शांति और चैन हो (नीतिवचन 17:1)।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 22:14
पराई स्त्रियों का मुँह गहिरा गड़हा है; जिस से यहोवा क्रोधित होता, वही उस में गिरता है।
चिकनी-चुपड़ी बातें आपको कहीं न कहीं अवश्य पहुंचाएंगी! अगर आप किसी पराई स्त्री के मुँह से ऐसी बातें सुनेंगे तो यह आपको बड़े संकट में डाल देगा। परमेश्वर से आपकी रक्षा करने के लिए प्रार्थना करें, क्योंकि स्त्रियों की चिकनी-चुपड़ी बातों ने बहुतों का विनाश कर दिया है। जिस स्त्री से आपने विवाह नहीं किया है, वह किसी भी तरह से अपने चुलबुले शब्दों से आपको लुभाने न पाए।
व्याख्या पढ़ेंनीतिवचन 24:9
मूर्खता का विचार भी पाप है, और ठट्ठा करनेवाले से मनुष्य घृणा करते हैं।
यहाँ बुद्धि के दो नियम हैं। पहला, मूर्खतापूर्ण विचार परमेश्वर की दृष्टि में पाप हैं। मनुष्य सोचते हैं कि उनकी कल्पनाएँ उनकी अपनी हैं, परन्तु वे भूल जाते हैं कि ऐसे विचार परमेश्वर के विरुद्ध पाप हैं, जो उन सब को देखता है। दूसरा, करनेवाले व्यक्ति से, जो ताड़ना और उपदेशकों का तिरस्कार करता है, भले मनुष्य घृणा करते हैं, क्योंकि वह बहुत झगड़ा खड़ा करता है, और उसे दूर कर देने से ही आनन्द और शान्ति मिलती है (नीतिवचन 22:10)।
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