नीतिवचन की व्याख्या

वह सभास्थानों में और फाटकों के निकास पर पुकारती है; नगर में वह अपने वचन उच्चारती है।

बुद्धि कहाँ है? सुलैमान ने नीतिवचन की पुस्तक इसलिए लिखी ताकि आम रूप से परमेश्वर के सभी बच्चों को, किन्तु विशेष रूप से जवानों को बुद्धि की शिक्षा दे (नीति 1:1-6)। इसे खोजने के लिए आपको कहां जाना होगा? बुद्धि उन लोगों को बिना किसी मूल्य के सर्वत्र दी जाती है जो ठहरकर इस शिक्षा को सुनते हैं (नीति 1:20-23; 8:1-10; 9:1-5)।

सुलैमान ने बुद्धि का व्यक्तिकरण एक स्त्री के रूप में किया। इस अध्याय के अधिकांश हिस्से में कुलीन स्त्री के रूप में बुद्धि बाते करती है (नीति 1:20-33)। सुलैमान ने अक्सर इस व्यक्तिकरण का उपयोग किया (नीति 2:1-4; 3:13-18; 4:5-13; 8:1-36; 9:1-12)। बुद्धि आपकी ख़ोज में है। उसे गले लगाए!

बुद्धि कहाँ पाई जाती है? अय्यूब ने इस बड़े प्रश्न को एक बहुत ही पेचीदा दृष्टांत के माध्यम से पूछा जिसमें मनुष्य पृथ्वी से कीमती वस्तुओं का खनन कर रहा है (अय्यूब 28:1-12)। शारीरिक स्वभाव का मनुष्य न तो बुद्धि पा सकता है और न ही वह उसे उत्पन्न कर सकता है (अय्यूब 28:13-22)। केवल परमेश्वर ही जानता है कि यह कहाँ पाई जाती है (अय्यूब 28:23-27)। स्वर्ग के परमेश्वर – यहोवा – ने कहा, “देख, यहोवा का भय मानना यही बुद्धि है” (अय्यूब 28:28)।

परमेश्वर का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है (नीति 1:7; 9:10)। परमेश्वर का भय क्या है? यह उसकी आज्ञाओं का पालन करने और पाप से घृणा करने का भययुक्त आदर है (नीति 8:13; अय्यूब 28:28; भजन 111:10; सभो 12:13-14; इब्र 12:28-29)। परमेश्वर का भय मानने का अर्थ है परमेश्वर में और उन बातों में आनंद मनाना जिन से वह प्रेम करता है (व्यव. 6:4-9; यिर्म 9:23-24)। यह इस्राएल के यहोवा का एकेश्वरवादी धर्म है और 2000 वर्षों से संसार भर में इसका प्रचार किया जाता आ रहा है।

बुद्धि उन सब बातों के विपरीत है जिन पर इस संसार के सभी धार्मिक संस्थाएं, मनोरंजन माध्यम, सामाजिक संस्थाएं, समाचार माध्यम, विश्वविद्यालय विश्वास करते और सिखाते हैं। ये सारी संस्थाएं और सारे माध्यम बुद्धि से अन्जान हैं और दुर्भावनापूर्ण रूप से इसके विरोधी हैं। उनसे बचें।

यदि आप उस परमेश्वर यहोवा को छोड़कर जो मसीह में प्रकट हुआ, अन्य किसी भी ईश्वर या देवी-देवताओं या इस संसार के तत्वज्ञानियों के प्रति निष्ठा रखते हैं, तो आप सारी बुद्धि से वंचित रह जाएंगे। इस संसार के सभी ईश्वर और तत्वज्ञानी आपको केवल अंधविश्वासों और मानव-निर्मित परम्पराओं में जकड़ते हैं जिन में सच्चे परमेश्वरत्व का कोई प्रमाण नहीं होता।

कुलीन स्त्री के रूप में बुद्धि पुकारती है। वह ऐसे भीड़-भाड वाले मुख्य स्थानों पर चिल्लाती है जहां मनुष्य आना-जाना करते हैं। वह उन फाटकों के द्वार पर पुकारती है जहां से लोग नगर में प्रवेश करते हैं। वह शहर-शहर और नगर-नगर में पुकारती है। वह हर उस मनुष्य के निकट है जो उसकी सुनने के लिए अपनी दैनिक गतिविधियों से विराम लेगा (भजन 4:3-5; 46:8-11)।

सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने अपने आप को आकाशों में और पृथ्वी पर प्रकट किया है (भजन 19:1-6; रोम 1:20)। हर भाषा और बोली में दिन-रात एक सरल और स्पष्ट उपदेश दिया जाता है। वह हर बार वर्षा होने पर और जब आप एक फलदायी मौसम का आनंद लेते हैं तब-तब अपने विषय में गवाही देता है (मत्ती 5:45; प्रेरितों 14:17; 17:27-28)। यदि आप क्रमिक-विकासवाद के झूठ पर विश्वास करते हैं, तो आपको बुद्धि का दर्शन कभी नहीं होगा। वह तो आपके विवेक में भी अपने नैतिक न्याय की गवाही देता है (नीति 20:27; रोम 2:14-15)।

परमेश्वर ने अपनी ही श्वास से लिखित मसीही पवित्रशात्र, अर्थात् पवित्र बाइबल के द्वारा भी बुद्धि को प्रकट किया है (व्यव. 4:5-8; भजन 19:7-11; यशा 8:20)। उसने अपनी बुद्धि का प्रचार करने के लिए अपने चुने हुए प्रचारकों और शिक्षकों को आप के पास भेजा है (यिर्म 3:15; 1 कुरिं 2:6-16; कुलु 1:28-29)। यदि आप इस नीतिवचन और इसकी टिका को पढ़ रहे हैं, तो यह अनुग्रहकारी परमेश्वर आपके ठिक सामने बुद्धि को लेकर आया हैं। घमण्ड का त्याग करें। अपने आपको विनम्र करें। अपने सृष्टिकर्ता की स्तुति करें। उसके वचन के लिए उसका धन्यवाद करें। इसे पढ़ें। इस पर विश्वास करें। इसका पालन करें। कुलीन स्त्री के रूप में बुद्धि आपको बुला रही है।

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